पटना के गोपाल खेमका मर्डर केस में पहली बार खाकी पर गिरी गाज, गांधी मैदान थाने के थानेदार सस्पेंड
गोपाल खेमका मर्डर हत्याकांड मामले में लापरवाही बरतने पर गांधी मैदान थानेदार राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। आईजी पटना जितेंद्र राणा ने थानेदार के निलंबन की पुष्टि कर दी है। कहा जा रहा है कि एसएसपी की रिपोर्ट के बाद गांधी मैदान के थानेदार पर यह कार्रवाई हुई है।

पटना के चर्चित गोपाल खेमका मर्डर केस में पहली बार खाकी पर बड़ी कार्रवाई हुई है। व्यवसायी गोपाल खेमका मर्डर हत्याकांड मामले में लापरवाही बरतने पर गांधी मैदान थानेदार राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। आईजी पटना जितेंद्र राणा ने थानेदार के निलंबन की पुष्टि कर दी है। कहा जा रहा है कि एसएसपी की रिपोर्ट के बाद गांधी मैदान के थानेदार पर यह कार्रवाई हुई है। इस मामले में एसएसपी ने चार पुलिस कर्मियों से स्पष्टीकरण भी मांगा है।
कहा जा रहा है कि एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने अपनी समीक्षा के दौरान गांधी मैदान थाने के एसएचओ राजेश कुमार को अपने कर्तव्यों में कई बिंदुओं पर लापरवाह पाया है। इसके बाद उन्होंने कठोर कदम उठाते हुए उन्हें सस्पेंड किए जाने की सिफारिश की थी। जिसके बाद SHO राजेश कुमार पर निलंबन की यह गाज गिरी है।
आपको बता दें कि गांधी मैदान थाना क्षेत्र के रामगुलाम चौक के पास गोपाल खेमका के आवास के बाहर ही उन्हें गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। उनका घर गांधी मैदान थाने से महज 300 मीटर की दूरी पर था। इस हत्याकांड के बाद गोपाल खेमका के परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस घटनास्थल पर करीब डेढ़ से 2 घंटे की देर पर पहुंची थी। हालांकि, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से कहा गया था कि इस हत्याकांड की सूचना पुलिस को देर से मिली थी।
गोपाल खेमका के मोबाइल से मिले साक्ष्य
बहरहाल आपको बता दें कि उद्योगपति गोपाल खेमका हत्याकांड में एसआइटी और एसटीएफ की टीम ने हिरासत में लिए गए मास्टरमाइंड अशोक साव और शूटर उमेश यादव से पूछताछ के बावजूद अभी तक कई बातों का खुलासा नहीं हो सका है। लिहाजा पुलिस ने दोनों को उन स्थानों पर ले जाकर पूछताछ की जहां उनकी लगातार मुलाकात होती थी और हत्या का षडयंत्र रचा गया था।
उधर पुलिस ने गोपाल खेमका के जब्त मोबाइल की जांच की। उसमें मौजूद दस्तावेज व बातचीत का ब्योरा निकाला गया। उसमें कई अहम साक्ष्य मिले हैं। जिसकी जांच फिलहाल जारी है। खेमका के दूसरे मोबाइल और लैपटॉप की जांच के लिए पुलिस ने परिजनों को नोटिस दिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उन मोबाइल और लैपटॉप के प्राप्त जानकारी का मिलान कर घटना की कड़ियों को जोड़ा जाएगा।
जमीन को लेकर विवाद में हत्या
गोपाल खेमका हत्या मामले में गिरफ्तारी के बाद मास्टरमाइंड अशोक साव और शूटर उमेश यादव को गिरफ्तार किया था। इस मामले में दोनों को रिमांड पर लिया गया है। दोनों से एसआइटी और एसटीएफ की संयुक्त टीम पूछताछ कर रही है। शूटर और मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद बरामद उनके मोबाइल फोन, लैपटॉप और दस्तावेजों की जांच की जा चुकी है। पेन ड्राइव से भी पुलिस को कई साक्ष्य मिले हैं। इस संबंध में उससे पूछताछ पूरी कर ली गई। गोपाल खेमका का एक मोबाइल फोन भी पुलिस के पास है। पुलिस ने उस मोबाइल में मौजूद दस्तावेज और बातचीत के साक्ष्य को सोमवार को कलमबद्ध किया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गोपाल खेमका व अशोक साव दोनों जमीन के कारोबार से जुड़े थे। पूछताछ में पता चला कि दनियावा और फतुहा स्थित जमीन को लेकर उनके बीच विवाद शुरू हुआ था। वहीं, जांच में ऐसे 10 जमीन पर दोनों के बीच मतभेद की बात सामने आए हैं।
उनके दाम करोड़ों में हैं। बताया जा रहा है कि अशोक साव जानबूझकर कर विवादित जमीनों में हाथ डालता था। उन जमीन पर कारोबारियों से पैसा लगवाता था। विवाद बढ़ने पर वह अपराधियों की मदद से मामले का हल निकालने कोशिश करता था। जमीन के विवाद में ही गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की हत्या हुई थी। पुलिस यह तो मान रही है कि पिता-पुत्र की हत्या के तार जमीन से जुड़े हैं। लेकिन तात्कालिक घटना किस जमीन की वजह से हुई यह अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है।




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