Sikti Assembly seat BJP had hattrick flood erosion challenges for Vijay Mandal in 2025 election सिकटी विधानसभा सीट: हैट्रिक लगा चुकी BJP, अब विजय मंडल के सामने बाढ़ और कटाव चुनौती, Bihar Hindi News - Hindustan
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सिकटी विधानसभा सीट: हैट्रिक लगा चुकी BJP, अब विजय मंडल के सामने बाढ़ और कटाव चुनौती

बिहार की सिकटी विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी हैट्रिक लगा चुकी है। 2025 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर एनडीए को महागठबंधन से कड़ी टक्कर मिलने की संभावना है। क्षेत्र में बाढ़-कटाव और रोजगार एवं पलायन अब भी गंभीर समस्या बनी हुई है।

Tue, 2 Sep 2025 12:39 PMJayesh Jetawat हिन्दुस्तान, फुलेंद्र कुमार मल्लिक, अररिया
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सिकटी विधानसभा सीट: हैट्रिक लगा चुकी BJP, अब विजय मंडल के सामने बाढ़ और कटाव चुनौती

भारत-नेपाल सीमा पर अररिया जिले में स्थित बिहार की सिकटी विधानसभा सीट की सियासत और भूगोल समय के साथ बदलता रहा है। सिकटी से होकर बहने वाली बकरा और नूना नदी अपनी धारा बदलने के लिए मशहूर हैं, जिससे बड़ी आबादी हर साल होने वाले कटाव और विस्थापन की दुश्वारियां झेलने को अभिशप्त है। सिकटी की सियासी धारा भी बदलती रही है। 1977 में अस्तित्व में आने के बाद सिकटी में 11 बार चुनाव हुए। इसमें चार बार भाजपा, तीन बार कांग्रेस, दो बार निर्दलीय और एक-एक बार जनता दल व जदयू को जीत मिली।

वर्तमान में सिकटी से विजय कुमार मंडल (भाजपा) विधायक हैं, जो सूबे के आपदा प्रबंधन मंत्री भी हैं और पिछले दो बार से विधायक हैं। इससे पहले वह 1995 (बिपीपा), 2000 (निर्दलीय) व 2009 (उपचुनाव- लोजपा) में अररिया सदर सीट से जीते थे। कुल मिलाकर विजय मंडल 5 बार विधायक रहे हैं। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी शत्रुघ्न प्रसाद 2015 में जदयू, तो 2020 में राजद से चुनाव लड़े।

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इस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले चेहरे तो बदलते रहे, पर लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप क्षेत्र की सूरत नहीं बदली। पिछले 5 सालों में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं बिजली के क्षेत्र में कई काम हुए। सड़क-पुल-पुलिया भी खूब बने। मगर बाढ़, कटाव एवं विस्थापन की समस्या दूर नहीं हुई।

बाढ़ और कटाव गंभीर समस्या

सिकटी विधानसभा क्षेत्र में नदियों का जाल है। यहां से होकर परमान, बकरा, नूना, बहेलिया, भलुआ, लोहंदरा, घाघी, बरजान, लवकटरिया आदि छोटी-बड़ी नदियां बहती हैं। नेपाल के पानी से आने वाली बाढ़ तबाही मचाती है और लोग कटाव, विस्थापन एवं फसल नुकसान का दर्द झेलते हैं। हर साल बाढ़-कटाव चुनावी मुद्दा भी बनता है।

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सुंदरनाथ धाम का इतिहास पुराना है:

कुर्साकांटा प्रखंड में ऐतिहासिक सुंदरनाथ धाम है। किवंदती है कि अज्ञातवास में भगवान श्रीकृष्ण के आदेश पर भीम एरावत हाथी पर 108 कमल पुष्प लाए। इससे माता कुंती ने पांडवों के साथ बाबा सुंदरनाथ धाम व माता पार्वती की पूजा की थी। कहा जाता है कि बीरवन यानी जागिर परासी में पांडवों का शस्त्रागार था।

सिकटी विधानसभा सीट एक नजर में-

इस विधानसभा का क्षेत्रफल लगभग 452 वर्ग किलोमीटर है। इसमें कुल मतदाताओं की संख्या 313973 है। इनमें 163030 पुरुष और 150930 महिला मतदाता हैं। 18 से 29 साल के युवा मतदाताओं की संख्या 70736 है। सिकटी के उत्तर में नेपाल, दक्षिण में अररिया एवं जोकीहाट, पूरब में फारबिसगंज विधानसभा क्षेत्र और पश्चिम में किशनगंज जिला पड़ता है।

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5 सालों में आए ये बदलाव

⦁ बहुप्रतीक्षित एबीएम सिकटी पथ का जीर्णोद्धार हुआ

⦁ पलासी में पावर ग्रिड की स्थापना हुई

⦁ पीएचसी को सीएचसी में अपग्रेड किया गया

⦁ ऐतिहासिक सुंदरनाथ धाम पर्यटन स्थल के रूप में विकसित

⦁ बड़ी संख्या में सड़कों, पुल-पुलियों का निर्माण

⦁ भारत-नेपाल सीमा समानांतर सड़क का निर्माण

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वायदे जो पूरे नहीं हुए

⦁ अब तक क्षेत्र वासियों को बाढ़ व कटाव से मुक्ति नहीं मिली

⦁ नेपाल के पानी से आने वाली बाढ़ के प्रबंधन का इंतजाम नहीं

⦁ उच्च शिक्षा के लिए सरकारी डिग्री कॉलेज की स्थापना हुई

⦁ बकरा, नूना आदि नदी से होने वाले कटाव को रोकना

⦁ रोजगार सृजन एवं पलायन रोकने को कारगर उपाय नहीं किए गए

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2025 के विधानसभा चुनाव में ये मुद्दे

⦁ सरकारी कार्यालय में अफसरशाही

⦁ उद्योग-धंघों की स्थापना, ताकि युवाओं को रोजगार मिले

⦁ नदियों से हो रहे कटाव को रोकना

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सिकटी से विधायक और बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री विजय कुमार मंडल का दावा है कि क्षेत्र में पहली बार विकास के कई काम हुए हैं। एबीएम सिकटी पथ का जीर्णोद्धार, पलासी में पावर ग्रिड की स्थापना, करीब 400 रोड, 125 छोटे-बड़े पुल-पुलियों का निर्माण हुआ। बॉर्डर सड़क एवं अररिया-गललिया रेल लाइन निर्माण भी विकास को दर्शाता है। सुंदरनाथ धाम सुंदरी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। बरमसिया में दो पुलों की स्वीकृति मिल गई है।

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राजद के प्रत्याशी रह चुके शत्रुघ्न प्रसाद मंडल का आरोप है कि सिकटी विधानसभा क्षेत्र में बाढ़-कटाव एवं विस्थापन की समस्या से अब तक लोगों को मुक्ति नहीं मिल पाई है। पिछले साल बकरा नदी के पड़रिया घाट पर करोड़ों की राशि से बना पुल का ध्वस्त होना भ्रष्टाचार को दिखाता है। अब भी ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क एवं पुल-पुलियों का अभाव है। यहां एक भी सरकारी डिग्री कॉलेज नहीं है। सरकारी आफिस में अफसरशाही बेलगाम है। भ्रष्टाचार चरम पर है। अब तक बॉर्डर सड़क का निर्माण पूरा नहीं हुआ है।

सिकटी विधानसभा सीट पर कब किसने चुनाव जीता-

1977 : मो. अजीमुद्दीन- निर्दलीय

1980 : शीतल प्रसाद गुप्ता-कांग्रेस(आई)

1985 : रामेश्वर यादव- कांग्रेस

1990 : मो. अजीमुद्दीन-जद

1995 : रामेश्वर यादव-कांग्रेस

2000 :आनंदी प्रसाद यादव- भाजपा

2005 (फरवरी): मुरलीधर मंडल-निर्दलीय

2005 (नवंबर) : मुरलीधर मंडल- जदयू

2010 : आनंदी प्रसाद यादव-भाजपा

2015 : विजय कुमार मंडल-भाजपा

2020 : विजय कुमार मंडल-भाजपा

(रिपोर्ट- फुलेंद्र कुमार मल्लिक)

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