छातापुर विधानसभा सीट: हैट्रिक लगा चुके नीरज बबलू, 2025 के चुनाव में दोतरफा चुनौती
बिहार की छातापुर विधानसभा सीट से नीतीश सरकार में मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू लगातार तीन बार चुनाव जीतकर विधायक बन चुके हैं। 2025 में अब उनके सामने दोतरफा चुनौती है। महागठबंधन के साथ प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी जोर आजमाइश में जुटी है।

बिहार के सुपौल जिले की छातापुर विधानसभा सीट ने डेढ़ दशक में बदलाव के कई दौर देखे। इस सीट का स्वरूप तो बदला ही, सियासी समीकरण भी बदलता गया। 1967 में अस्तित्व में आई यह सीट 2005 तक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। 2008 के परिसीमन में यह सामान्य सीट हो गई। इसके बाद के सभी तीन चुनावों में एक गठबंधन और एक चेहरा ही जीतता रहा। अलबत्ता प्रतिद्वंद्वी जरूर बदलते रहे।
आरक्षित सीट रहते हुए सिर्फ तीन चुनावों को छोड़कर (जब कांग्रेस जीती) छातापुर में समाजवादी धड़े के दलों का कब्जा रहा। सामान्य सीट होने के बाद अब यहां भगवा लहरा रहा है। 2010 से लगातार जीत रहे नीरज कुमार सिंह उर्फ बबलू हैट्रिक लगा चुके हैं। वह 2010 में जदयू और 2015 एवं 2020 में भाजपा के टिकट पर जीते। वह नीतीश सरकार में पीएचईडी मंत्री हैं।
छातापुर में अब तक हुए 15 चुनावों में (उप चुनाव समेत) राजद ने तीन, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी (संसोपा), जनता दल, जदयू और भाजपा ने दो-दो, और जनता पार्टी ने एक बार जीत दर्ज की है। कांग्रेस 1972, 1980 और 1985 में जीती। पिछले तीन चुनावों में राजद ने एनडीए को घेरने और अपनी खोई जमीन पाने के लिए अलग-अलग प्रत्याशी उतारे, पर उसे सफलता नहीं मिली।
2010 के विधानसभा चुनाव में जदयू के टिकट पर उतरे नीरज सिंह ने राजद के अकील अहमद को 23,730 वोट से हराया था। 2015 में नीरज भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरे। उनकी जीत के साथ छातापुर सीट पर भाजपा का खाता खुला। नीरज ने राजद के जहूर आलम को हराया। 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजद के विपिन कुमार सिंह को 20,635 वोट से हराकर हैट्रिक बनाई।
छातापुर में इस बार बदल रहे चुनावी समीकरण
2025 के विधानसभा चुनाव में एक तरफ जीत का सिलसिला बरकरार रखने तो दूसरी तरफ खोई जमीन पाने की जद्दोजहद है। महागठबंधन तथा एनडीए ने जोर-आजमाइश शुरू कर दी है। एक माह पहले सिमराही में राजद की सभा हुई, जिसमें तेजस्वी यादव समेत कई नेता पहुंचे। जन सुराज पार्टी ने भी यहां सक्रियता बढ़ाई है। प्रशांत किशोर पिछले माह महदीपुर मेला मैदान में सभा कर चुके हैं।
उधर, स्थानीय विधायक नीरज सिंह ने छातापुर के सभी वार्डों में 320 करोड़ से सरफेस वाटर प्लांट लगाए जाने की घोषणा कर पासा फेंका है। इससे आयरन मुक्त पानी उपलब्ध कराया जाना है। वहीं राजद क्षेत्रीय समस्याओं के जरिए एनडीए को घेरने में जुटा है।
एलएन मिश्र से जुड़ी हैं यादें
छातापुर की अर्थव्यवस्था पूरी तरह कृषि पर टिकी है। किसानों को अक्सर खाद-बीज और सिंचाई की समस्या का सामना करना पड़ता है। सुरसर नदी की बाढ़ की मार किसानों को झेलनी पड़ती है। इसी विधानसभा क्षेत्र के बलुआ बाजार में पूर्व रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र का पैतृक गांव और उनका समाधि स्थल है। यहां हर साल 3 जनवरी को उनकी पुण्यतिथि पर राजकीय समारोह का आयोजन होता है।
सर्वाधिक पांच बार जीते कुंभ नारायण
छातापुर से सर्वाधिक 5 बार विधानसभा चुनाव जीतने का रिकॉर्ड कुंभ नारायण सरदार के नाम है। 1967 व 1969 में संसोपा से जीते। 1977 में हार गए। 1972, 1980 और 1985 में कांग्रेस के विधायक रहे। 1990 में वह हारे।
छातापुर विधानसभा सीट एक नजर में-
इस विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 3,55, 830 है। इनमें 184449 पुरुष और 171372 महिला मतदाता हैं। ये आंकड़े 1 जनवरी 2025 के हैं। छातापुर विधानसभा का क्षेत्रफल लगभग 400 वर्ग किलोमीटर है। इसके उत्तर में त्रिवेणीगंज, दक्षिण में बसंतपुर, पूर्व में निर्मली और पश्चिम में सुपौल प्रखंड पड़ता है।
पांच साल में दिखे ये बदलाव
⦁ वीरपुर में रजिस्ट्री ऑफिस और केंद्रीय विद्यालय खुला
⦁ छोटी-बड़ी करीब 100 से ज्यादा सड़कों का निर्माण
⦁ पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य केंद्रों में दवा और इलाज की सुविधा बढ़ी
⦁ बाढ़ का प्रभाव रोकने को लेकर परियोजना पर काम शुरू
⦁ कुछ क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा बढ़ी
वादे जो पूरे नहीं हुए
⦁ आम बीमारियों का तो इलाज उपलब्ध पर गंभीर होने पर दरभंगा-पटना पर निर्भरता
⦁ युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देने का वादा अधूरा रहा
⦁ सुरसर नदी कहर ढाती है, बाढ़ से स्थायी राहत अब तक नहीं मिल पाई
⦁ युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिले, पलायन अब भी जारी
राजद के प्रत्याशी रहे विपिन कुमार सिंह का आरोप है कि आज भी छातापुर विधानसभा क्षेत्र में दर्जनों गांवों तक पहुंचने के लिए सड़क का अभाव है। लोगों को काफी घूमकर जाने की मजबूरी है। इलाके में रोजगार नहीं है। लोग मजदूरी करने को विवश हैं। इस कारण हर साल हजारों लोग पलायन कर जाते हैं।
छातापुर से विधायक सह पीचईडी मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू का दावा है कि क्षेत्र में सड़क-बिजली पर काम हुए। उन्होंने पंचायतों में स्कूलों की संख्या बढ़वाई और अनुमंडल में मेडिकल कॉलेज की उपलब्धता कराई। वीरपुर में रजिस्ट्री ऑफिस तथा सुपौल में केंद्रीय विद्यालय की पहल की। जल्द ही वीरपुर एयरपोर्ट से परिचालन शुरू होगा। कई पुल निविदा में हैं। बरसात के बाद काम शुरू हो जाएगा।
छातापुर विधानसभा सीट पर अब तक हुए चुनावों में विजेताओं के नाम-
1967- कुम्भ नारायण सरदार, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी
1969- कुंभ नारायण सरदार, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी
1972- कुंभ नारायण सरदार, कांग्रेस
1977- सीताराम पासवान, जनता पार्टी
1980- कुंभ नारायण सरदार, कांग्रेस
1985- कुंभ नारायण सरदार, कांग्रेस
1990- योगेंद्र नारायण सरदार, जनता दल
1995- विश्व मोहन, भारती जनता दल
2000- गीता देवी राजद
2005 (फरवरी)- महेंद्र नारायण सरदार, राजद
2005 (अक्टूबर)- विश्व मोहन भारती, जदयू
2010- नीरज कुमार बबलू, जदयू
2015- नीरज कुमार बबलू, भाजपा
2020- नीरज कुमार बबलू, भाजपा
(रिपोर्ट- रवि कुमार)




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