बहादुरपुर विधानसभा सीट: मदन सहनी दो बार कांटे की टक्कर में जीते, इस बार चुनावी जंग रोचक होगी
बिहार की बहादुरपुर विधानसभा सीट से नीतीश सरकार में मंत्री मदन सहनी विधायक हैं। वे दो बार यहां से कांटे की टक्कर में जीते। 2025 के विधानसभा चुनाव में बहादुरपुर की जंग रोचक होने वाली है। यहां एनडीए और महागठबंधन के अलावा जन सुराज पार्टी भी टक्कर देगी।

कमला एवं बागमती नदियों की बाढ़ की त्रासदी से अभिशप्त बिहार के दरभंगा जिले के बहादुरपुर विधानसभा क्षेत्र को गठित हुए महज डेढ़ दशक ही हुए हैं। इस अवधि में हुए तीन चुनावों में हर बार यहां बाजी पलट गई। दो बार जदयू के मदन सहनी कांटे की टक्कर में जीते तो एक बार राजद के भोला यादव को सफलता मिली। सहनी नीतीश सरकार में समाज कल्याण मंत्री हैं।
मदन सहनी जिला परिषद के अध्यक्ष रहते जदयू प्रत्याशी के रूप में पहली बार 2010 में विधानसभा चुनाव जीते थे। उन्होंने राजद के हरिनंदन यादव को सिर्फ 643 वोटों के अंतर से पराजित किया था। 2015 में जदयू एनडीए से अलग होकर राजद-कांग्रेस के साथ हुआ तो महागठबंधन में बहादुरपुर सीट राजद के खाते में चली गई।
उधर, मदन सहनी सियासी समीकरण को भांपकर गौड़ाबौराम से चुनाव लड़े और वहीं से जीते। इधर, बहादुरपुर में भोला यादव ने भाजपा के हरि सहनी को करीब 17 हजार के मतों के अंतर से पराजित किया। 2020 के चुनाव में मदन सहनी ने फिर बहादुरपुर में ठौर जमाया और राजद के रमेश कुमार चौधरी को पराजित किया। इस बार उनके जीत का अंतर थोड़ा बढ़कर 2629 रहा। रमेश कुमार चौधरी अब भाजपा में शामिल हो गए हैं।
गर्मी में पेयजल, बरसात में बाढ़ और जलजमाव बड़ा मुद्दा
बहादुरपुर विधानसभा क्षेत्र में पेयजल का गंभीर संकट है। खासकर गर्मी के दिनों में यह संकट और बढ़ जाता है। दरभंगा शहर से सटा विधानसभा क्षेत्र होने के कारण यहां लगातार नई कॉलोनियां बस रही हैं, जहां के लोगों को हर साल पेयजल संकट से जूझना पड़ता है। शहर से सटे मोहल्लों में बारिश के दिनों में लोगों को जलजमाव की समस्या भी झेलनी पड़ती है। इस बार ये दोनों चुनावी मुद्दा बन सकते हैं। यहां हर साल आनेवाली बाढ़ से लाखों की आबादी प्रभावित होती है। खेती बर्बाद हो जाती है।
गर्मी में पेयजल संकट और बरसात में बाढ़ एवं जलजमाव की समस्या से जूझने वाले बहादुरपुर क्षेत्र के चुनाव में जीत-हार जातियों की गोलबंदी के फॉर्मूला से तय होती है। एक समीकरण की गोलबंदी दूसरे समीकरण को एकजुट करती है। यहां चुनाव की फिजा बन चुकी है। चुनावी संघर्ष का एक छोर इस सीट को बचाने तो दूसरा छोर छीनने के लिए है।
इस बार बहादुरपुर की जंग होगी रोचक, जन सुराज भी मैदान में
एनडीए और इंडिया गठबंधन के साथ जन सुराज भी जोर-आजमाइश में जुटा है। एनडीए कार्यकर्ता सरकार के काम-काज और उपलब्धियों को घर-घर जाकर बता रहे हैं तो इंडिया गठबंधन सरकार की नाकामियों और अपने वायदे गिना रहा है। कम वोटों के अंतर से जीत-हार वाली इस सीट पर जन सुराज की एंट्री से लड़ाई रोचक होने के आसार हैं। बहादुरपुर विधानसभा सीट के लिए इस बार जन सुराज के प्रत्याशी भी चुनावी समर में कूदेंगे। यहां जन सुराज से टिकट लेने के सात दावेदार कतार में हैं। दरभंगा और आसपास में प्रशांत किशोर की सभा हो चुकी है।
चार विधानसभा क्षेत्रों की पंचायतों से बनी बहादुर सीट
बहादुरपुर विधानसभा क्षेत्र का गठन वर्ष 2008 के नए परिसीमन के तहत हुआ था। इसमें बहादुरपुर प्रखंड की 23 और हनुमाननगर प्रखंड की सभी 14 पंचायतें शामिल हैं। इसके पूर्व यह दरभंगा ग्रामीण (सुरक्षित), हायाघाट (सुरक्षित), दरभंगा पश्चिम (सुरक्षित) एवं दरभंगा दक्षिण विधानसभा का अंग हुआ करता था।
5 सालों में दिखे ये बदलाव
⦁ देकुली से सिसौनी जानेवाली सड़क का 124 करोड़ रुपये से निर्माण
⦁ क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक आरसीसी पुलों का निर्माण
⦁ एकमीघाट-सिरनिया बांध पर पक्की सड़क, जिससे हायाघाट तक वैकल्पिक मार्ग की सुविधा मिली
⦁ चट्टी चौक से फेकला जाने वाली सड़क का 23 करोड़ की लागत से चौड़ीकरण
⦁ 15 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर व दो अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निर्माण किया गया
वायदे जो पूरे नहीं हुए
⦁ क्षेत्र के लोगों को पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए कारगर पहल नहीं की गई
⦁ हनुमाननगर प्रखंड सह अंचल कार्यालय का निर्माण नहीं हो पाया
⦁ बहादुरपुर प्रखंड मुख्यालय सह अंचल कार्यालय का निर्माण नहीं हो पाया
⦁ बीएमपी 13 के पास बस स्टैंड बनना है जो अभी तक नहीं बन पाया
⦁ अशोक पेपर मिल से चिकनी होते हुए विदेश्वर स्थान तक जाने वाली सड़क का निर्माण शुरू नहीं
बिहार के समाज कल्याण मंत्री सह बहादुरपुर विधायक का दावा है कि पिछले 5 सालों में लोगों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में बेहतर काम किया गया है। करोड़ों की लागत से कई सड़कों एवं पुलों का निर्माण हुआ है। इसके अतिरिक्त विधानसभा क्षेत्र में 15 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और दो अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य उप केंद्रों का निर्माण किया गया है। इससे विधानसभा क्षेत्र के लोगों को इलाज कराने की सुविधा में बढ़ोतरी हुई है।
वहीं, राजद के जिलाध्यक्ष उदय शंकर यादव का आरोप है कि पिछले 5 सालों में बहादुरपुर में विकास का कोई काम नहीं हुआ है। जनता त्राहिमाम कर रही है। लोगों को हर साल पेयजल के गंभीर संकट से जूझना पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान की दिशा में कारगर पहल नहीं की गई है। हनुमाननगर और बहादुरपुर प्रखंड मुख्यालय सह अंचल कार्यालय का भी निर्माण नहीं हो पाया है।
(रिपोर्ट- संतोष कुमार झा)




साइन इन