बिहार चुनाव: मगध में महागठबंधन भारी, नई राह बनाने में जुटा NDA; 26 विधानसभा सीटों पर नजर
बिहार के मगध क्षेत्र में आरजेडी, कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के महागठबंधन का दबदबा है। सत्ताधारी गठबंधन एनडीए यहां नई राह बनाने की कोशिश में है। गयाजी समेत 5 जिलों की 26 विधानसभा सीटें मगध में आती हैं।

Bihar Chunav 2025: प्राचीन भारत में शक्तिशाली साम्राज्य रहे मगध में विधानसभा चुनाव के लिए किलेबंदी की तैयारी हो रही है। मगध क्षेत्र के पांच जिलों में इस बार बेहतर प्रदर्शन करने के लिए एनडीए को नई राह बनाने की मशक्कत करनी है तो महागठबंधन को अपनी साख बचाए रखना बड़ी चुनौती है। चुनाव की घोषणा और टिकट बंटवारे के बाद घमासान शुरू होगा।
मगध क्षेत्र में पांच जिलों - गया जी, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल और नवादा में कुल 26 विधानसभा सीटें हैं। उनमें से 19 सीटों पर महागठबंधन का कब्जा है। सिर्फ सात सीटें ही एनडीए के पास हैं। औरंगाबाद, अरवल और जहानाबाद जिले में एनडीए का कोई विधायक नहीं है। सिर्फ गया जी में एनडीए को बढ़त हासिल है।
हारी सीटों पर कैंडिडेट बदलेगा एनडीए
गयाजी में एनडीए के 6 और महागठबंधन के 4 विधायक हैं। ऐसे में एनडीए के घटक दलों का अपेक्षाकृत ज्यादा जोर उन सीटों पर है, जहां उनकी मौजूदगी नहीं है। पिछले विधानसभा चुनाव में जिन सीटों पर एनडीए प्रत्याशियों की हार हुई थी, वहां प्रत्याशी बदलने पर भी गंभीरता से विचार चल रहा है। सभी राजनीतिक दल इन पांचों जिलों में बूथ स्तर तक अपनी बात पहुंचाने में जुटी हैं। टिकटों के लिए नेतृत्व के पास दौड़ भी लग रही है।
इस बार अखाड़े में जन सुराज के भी पहलवान
इस बार चुनाव मैदान में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी होगा। जन सुराज ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। उसके मैदान में उतरने के बाद तस्वीर क्या होगी, इसका आकलन भी एनडीए और महागठबंधन कर रहे हैं।
भाजपा ने आरजेडी को दिया झटका
बीते 22 अगस्त को बोधगया में प्रधानमंत्री की जनसभा में नवादा से राजद विधायक विभा देवी और रजौली से राजद के विधायक प्रकाश वीर मंच पर नजर आए। ऐसे में माना जा रहा है कि एनडीए ने इस मोर्चे पर राजद को तगड़ा झटका दिया है। कह सकते हैं कि पहला शॉट एनडीए ने खेल दिया है। लेकिन, चुनाव के दिन तक या कहें कि वोट पड़ने तक कैसी हवा बहती है और उसका रूख किसकी तरफ होता है यह नतीजे ही बता पाएंगे।
उपचुनाव में जदयू को मिली थी जीत
गया जी की दो सीटों बेलागंज और इमामगंज में हुए उपचुनाव में जदयू के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। इसमें राजद का गढ़ मानी जाने वाली बेलागंज की सीट पर राजद को हार का सामना करना पड़ा। 35 साल बाद बेलागंज में राजद का किला ढह गया। हालांकि, उप चुनाव के नतीजों को नई पार्टी जन सुराज के प्रदर्शन से जोड़कर भी देखा जा रहा है। जन सुराज को मिले वोट किसी की हार को जीत और किसी की जीत को हार में बदल सकते हैं।
कांग्रेस ने टिकट दावेदारों से की बात
कांग्रेस ने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 22 अगस्त को कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमिटी ने पांचों जिलों के अलग-अलग विधानसभा के संभावित उम्मीदवारों से मुलाकात की। स्क्रीनिंग कमिटी सदस्य में सोलापुर के सांसद प्रनीति शिंदे व छत्तीसगढ़ भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव शामिल रहे। इसमें गयाजी शहर के अलावा वजीरगंज, टिकारी और नवादा, जमुई, शेखपुरा के उम्मीदवार भी पहुंचे थे।




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