बिहार में बड़ा रेल हादसा टला, जानकी एक्सप्रेस पर गिरा हाई वोल्टेज तार; नमो भारत समेत कई ट्रेनें फंसी रहीं
दो कौए की आपसी लाड़ाई में रेलवे के बिजली तार में शॉट सर्किट हो गया। इससे बिजली का स्टे एवं ब्राइकेट इंसुलेटर टूटकर नीचे गिर गया और तार लटक कर जानकी एक्सप्रेस पर गिर गया।

बिहार के दरभंगा में उस समय ड्राइवर की सूझबूझ से बड़ा रेल हादसा टल गया जब इंजन को चलाने वाली हाई टेंशन तार (करीब 25 हजार वोल्ट) ट्रेन पर गिर गया। जयनगर-दरभंगा रेलखंड स्थित खजौली रेलवे स्टेशन से दक्षिण आउटर सिंगल के समीप शुक्रवार की सुबह की घटना है। बिजली का स्टे और इंसुलेटर टूट गया। इस वजह से हाई वोल्टेज तार झूलकर जानकी एक्सप्रेस के इंजन पर गिर गया। इस वजह से जयनगर-मधुबनी रेलखंड पर करीब 3 घंटा 40 मिनट तक रेल का आवागमन बाधित रहा। घटना पांच बजे सुबह की है।
जानकारी के मुताबिक खजौली रेलवे स्टेशन से दक्षिण आउटर सिंगनल के समीप दो कौए की आपसी लाड़ाई में रेलवे के बिजली तार में शॉट सर्किट हो गया। इससे बिजली का स्टे एवं ब्राइकेट इंसुलेटर टूटकर नीचे गिर गया। जब ओवर हेड बिजली का ब्राईकेट इंसुलेटर टूटकर गिरा उसी दौरान खजौली रेलवे स्टेशन से जानकी एक्सप्रेस गुजर रही थी। स्टे एवं ब्राइकेट इंसुलेटर टूटने से बिजली तार झूल गया जो रेल के इंजन पर जाकर सट गया। जानकी एक्सप्रेस के लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लागाकर रेल को रोका। लोको पायलट के सूझबूझ बड़ी हादसा टल गई। उन्होंने ही घटना की सूचना विभाग को दी।
सूचना मिलते ही रेल महकमे में हड़कंप मच गया। इंजीनियरों की टीम टावर बैगन लेकर घटना स्थल पर पहुंची। टूटे हुए स्टे एवं इंसुलेटर को आनन फानन में दुरूस्त किया गया जिसके बाद आवागमन बहाल किया जा सका। इस रूट पर सभी ट्रेनों का परिचालन करीब 3 घंटे 40 मिनट कर बाधित रहा। इनमें हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन सहित आधे दर्जन से अधिक ट्रेन का आमागमन घंटों तक बाधित रहा।
इस दौरान रेल यात्रियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ा। दरभंगा से दिल्ली, कोलकाता, मुम्बई की ओर रेल एवं हवाई जहाज से सफर करने वाले यात्री अपना वैकल्पिक व्यवस्था कर दरभंगा पहुंचे।




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