2020 में एनडीए के साथ रहता तो राजद को इतनी ज्यादा सीट नहीं आती, चिराग ने साधा तेजस्वी पर निशाना
चिराग पासवान ने कहा कि 2020 के चुनाव में हमारा गठबंधन और मूल स्वरूप में होता, हम भी गठबंधन के साथ होते तो राष्ट्रीय जनता दल दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाती। राजद उन्हीं जगहों पर जीत पाई जहां लोजपा ने अपने उम्मीदवार दिए और एनडीए के वोटों में बिखराव हुआ।

लोजपा-रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान ने बिहार विधानभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है। कहा है कि अगर 2020 के विधानसभा चुनाव में वे एनडीए के साथ होते तो राष्ट्रीय जनता दल(राजद) को इतनी सीटें नहीं मिलतीं। गुरुवार को चिराग पासवान राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मिलने पटना आए थे। पांच जुलाई को पिता रामविलास पासवान की जयंति पर आयोजित समारोह में भाग लेने के लिए निमंत्रण देने गए थे।
राजभवन से निकलने के बाद चिराग पासवान ने मीडिया कर्मियों से कई मुद्दों पर बात की। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पिछली बार 2020 के चुनाव के वक्त हमारा गठबंधन और मूल स्वरूप में होता, हम भी गठबंधन के साथ होते जैसे आज हैं तो राष्ट्रीय जनता दल दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाती। उस वक्त राजद उन्हीं जगहों पर जीत पाई जहां लोजपा ने अपने उम्मीदवार दिए और एनडीए के वोटों में बिखराव हुआ। पर आज की तारीख में स्थिति बिल्कुल बिपरीत है। एनडीए गठबंधन पूरी एकजुटता के साथ है। इलेक्शन कमीशन की एक्सरसाइज चल रही है तो विपक्ष को हार का एक बहाना मिल गया है।
अरविंद केजरीवाल की पार्टी आप के बिहार में चुनाव लड़ने के सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि बिहार और बिहारियों को जानने में उन्हें अभी बहुत समय लगेगा। दिल्ली में बिहारियों की बड़ी आबादी है जिन्होंने उन्हें नकार दिया। ऐसे में बिहार उन्हें समर्थन देगा यह संभव नहीं है। उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षाओं को साधने के लिए राजनीति के मंच का उपयोग किया।
बताते चलें कि 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी एनडीए से बाहर थी। चिराग पासवान नीतीश कुमार जदयू का खुलकर विरोध कर रहे थे लेकिन खुद को नरेंद्र मोदी का हनुमान बताते रहे। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा सीटों पर लड़ने का ऐलान कर दिया। लोजपा ने राज्य की 137 सीटों पर अपना कैंडिडेट उतारा और केवल एक सीट ही जीत हुई। लोजपा 9 सीटों पर दूसरे नंबर पर रही। चिराग पासवान उन सीटों पर अपने प्रत्याशी दिया जो एनडीए में जदयू के हिस्से में आई थी। वोट बंटने के कारण जदयू मात्र 43 सीटों पर सिमटकर रह गई थी।
चिराग पासवान ने यह भी कहा कि दिल्ली में रहकर बिहार के काम करने में काफी परेशानी है। वे बिाहर में एक्टिव रहना चाहते हैं लेकिन किसी पद की लालसा नहीं है। पूछे जाने पर कहा कि डिप्टी सीएम पद का भी लालच नहीं है। 2025 का चुनाव भी हम लोग नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ेंगे।




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