Dhamdaha Assembly Seat Mahagathbandhan to field strong candidate against Leshi Singh in JDU stronghold धमदाहा विधानसभा सीट: जेडीयू के गढ़ में लेशी सिंह के सामने मजबूत प्रत्याशी दे पाएगा महागठबंधन?, Bihar Hindi News - Hindustan
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धमदाहा विधानसभा सीट: जेडीयू के गढ़ में लेशी सिंह के सामने मजबूत प्रत्याशी दे पाएगा महागठबंधन?

बिहार की धमदाहा विधानसभा सीट को जेडीयू का गढ़ माना जाता है। नीतीश सरकार में मंत्री लेशी सिंह यहां से 5 बार चुनाव जीत चुकी हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन उनके सामने मजबूत प्रत्याशी उतारने में जुटा हुआ है।

Tue, 2 Sep 2025 06:17 PMJayesh Jetawat हिन्दुस्तान, धीरज, पूर्णिया
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धमदाहा विधानसभा सीट: जेडीयू के गढ़ में लेशी सिंह के सामने मजबूत प्रत्याशी दे पाएगा महागठबंधन?

बिहार के पूर्णिया जिले के धमदाहा विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक पहचान आजादी के बाद हुए चुनाव से रही है। इस सीट से जीते भोला पासवान शास्त्री बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे तो लक्ष्मी नारायण सुधांशु विधानसभा के अध्यक्ष रहे। शुरुआती दौर में कांग्रेस का गढ़ रही इस सीट पर बाद में समाजवादियों ने झंडा गाड़ा। यहां से अभी जदयू की लेशी सिंह विधायक हैं। वह खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री भी हैं। अब तक पांच बार चुनाव जीत चुकीं लेशी सिंह ने धमदाहा को जदयू के लिए सुरक्षित दुर्ग साबित किया है।

‘मक्का का कटोरा’ कहे जाने वाले धमदाहा में एक ओर एनडीए सड़क, हाइवे, एक्सप्रेस-वे, पुल-पुलिया, पूर्णिया एयरपोर्ट और विकास के अन्य कार्यों के बूते जीत की उड़ान तय करने की कोशिश में है तो दूसरी तरफ महागठबंधन मजबूत प्रत्याशी देकर सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति बना रहा है।

बूटन सिंह की हत्या के बाद लेशी सिंह चुनावी मैदान में उतरीं

वर्ष 2000 में पूर्णिया कोर्ट परिसर में पति बूटन सिंह की हत्या के बाद बाद लेशी सिंह पहली बार समता पार्टी के टिकट पर चुनाव में उतरीं और सफल रहीं। तब से लेकर अब तक वह सिर्फ एक बार 2005 (अक्टूबर) के चुनाव में हारीं। सड़क, हवाई सेवा, बिजली की व्यवस्था आदि काम के जरिए वह छठी जीत दर्ज करने को जी तोड़ मेहनत कर रही हैं।

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पिछले विधानसभा चुनाव में पराजित राजद के दिलीप कुमार यादव इस सीट से पूर्व में दो बार विधायक रहे थे। बहरहाल, इस बार यहां शास्त्रार्थ के चुनावी मुद्दे तब साफ होंगे, जब ‘इंडिया गठबंधन’ अपने उम्मीदवार घोषित कर देगा।

इस विधानसभा क्षेत्र में इथेनॉल प्लांट लगा है। पूर्णिया एयरपोर्ट से चुनाव के पहले उड़ान शुरू करने की तैयारी है, जो इसी विधानसभा क्षेत्र में है। पटना-पूर्णिया ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे भी धमदाहा होकर पूर्णिया तक पहुंचेगा। इसी विधानसभा क्षेत्र होकर पूर्णिया-सहरसा को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-107 का भी काम मुकम्मल होने वाला है।

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भोला पासवान शास्त्री मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे

धमदाहा राजनीतिक तौर पर आजादी के पहले से ही सजग रहा है। सीमांचल और कोसी के इलाके से एकमात्र भोला पासवान शास्त्री ऐसे नेता हुए जो बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का सफर तय करने में कामयाब रहे। जाने-माने साहित्यकार लक्ष्मी नारायण सुधांशु बिहार विधानसभा के पहले स्पीकर भी थे। यहां के बच्चे खेलकूद में भी प्रतिभाशाली हैं। कई युवा फुटबॉल में नाम कमा चुके हैं।

धमदाहा विधानसभा सीट एक नजर में-

धमदाहा विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 344665 है। इनमें 177104 पुरुष और 167505 पुरुष वोटर हैं। युवा मतदाताओं की संख्या करीब 40 फीसदी है। इस विधानसभा सीट का क्षेत्रफल लगभग 345 वर्ग किलोमीटर है। इसके पूर्व एवं उत्तर में कसबा, पूर्व एवं दक्षिण में पूर्णिया सदर, दक्षिण एवं पश्चिम में रूपौली और उत्तर-पश्चिम में बनमनखी विधानसभा पड़ती है।

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धमदाहा में कौन-सी पार्टी कितनी बार जीती

कांग्रेस- 6

जदयू- 5

जनता पार्टी- 2

संसोपा- 1

जनता दल- 1

राजद- 1

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पिछले 5 सालों में दिखे ये बदलाव-

⦁ पूर्णिया एयरपोर्ट से उड़ान को मंजूरी, एयरपोर्ट धमदाहा के गोआसी में है

⦁ 720 बेड के अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास की स्वीकृति

⦁ पूर्णिया में इथेनॉल प्लांट केनगर प्रखंड के गणेशपुर पंचायत में बना

⦁ आईटीआई और डिग्री कॉलेज की स्थापना हुई

⦁ शहीदों के सम्मान में धमदाहा में राजकीय समारोह

⦁ धमदाहा से पूर्णिया तक रोड चौड़ीकरण, सरसी स्टेशन पर जनहित का ठहराव

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वायदे जो पूरे नहीं हुए-

⦁ क्षेत्र में बेरोजगारी की समस्या

⦁ रोजी-रोजगार के लिए लोग पलायन करते हैं

⦁ सरकारी दफ्तरों में अफसरशाही

⦁ मक्का किसानों की समस्याएं हल नहीं हुईं

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धमदाहा की विधायक एवं मंत्री लेशी सिंह का दावा है कि उनके क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोड, बिजली का विकास हुआ है। आईटीआई कॉलेज, डिग्री कॉलेज, अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास का निर्माण हुआ। धमदाहा से पूर्णिया तक रोड चौड़ीकरण, मां कामाख्या स्थान के सौंदर्यीकरण के साथ राजकीय महोत्सव का दर्जा मिला। पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे धमदाहा होकर गुजरेगा।

पूर्व विधायक दिलीप यादव का आरोप है कि धमदाहा में सड़क को छोड़कर अन्य कोई काम नहीं हुआ है। गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए पूरे राज्य में सड़क, पुल-पुलिया बनाए गए हैं। उसी के तहत यहां भी सड़कें बनी हैं। यहां बेरोजगारी, भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। यहां मक्का का उत्पादन काफी होता है। मगर इससे संबंधित कोई उद्योग नहीं लगा है।

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धमदाहा विधानसभा सीट पर कब कौन जीता-

1962 लक्ष्मी नारायण सुधांशु,कांग्रेस

1967 लक्ष्मी नारायण सुधांशु,कांग्रेस

1969 कालिका प्रसाद सिंह,संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी

1972 जय नारायण मेहता,कांग्रेस

1977 सूर्य नारायण सिंह यादव,जनता पार्टी (सेक्युलर)

1980 सूर्य नारायण सिंह यादव,जनता पार्टी (सेक्युलर)

1985 अमरनाथ तिवारी,कांग्रेस

1990 अमरनाथ तिवारी,कांग्रेस

1995 दिलीप कुमार यादव,जनता दल

2000 लेशी सिंह,समता पार्टी

2005 (फरवरी) लेशी सिंह,जदयू

2005 (अक्टूबर) दिलीप कुमार यादव राजद

2010 लेशी सिंह जदयू

2015 लेशी सिंह जदयू

2020 लेशी सिंह जदयू

(रिपोर्ट- धीरज)

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