‘ए’ का मतलब आतंकवाद, अतीक और अखिलेश यादव, बीजेपी नेता संगीत सोम के विवादित बोल
यूपी में बीजेपी नेता संगीत सोम के विवादित बयान सामने आया है। उन्होंने ‘ए’ अक्षर की व्याख्या करते हुए कहा कि ए का अर्थ है-आतंकवाद, अतीक अहमद और अखिलेश यादव।

UP News: यूपी में भाजपा के फायरब्रांड नेता और पूर्व विधायक ठाकुर संगीत सोम ने सोमवार को सरधना विधानसभा क्षेत्र के भगवानपुर गांव में बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर की नवनिर्मित प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा और वर्णमाला के अक्षर ‘ए’ की एक नई विवादित परिभाषा दी। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर पलटवार करते हुए सोम ने कहा कि अब पीडीए खत्म हो चुका है। उन्होंने ‘ए’ अक्षर की व्याख्या करते हुए कहा कि ए का अर्थ है-आतंकवाद, अतीक अहमद और अखिलेश यादव। भाजपा सरकार ने पहले दो का इलाज कर दिया है।
हालिया चर्चा में रही फिल्म ‘धुरंधर’ का जिक्र करते हुए पूर्व विधायक ने युवाओं से आह्वान किया कि वे ‘धुरंधर’ बनें ताकि आतंकवाद और गुंडागर्दी करने वालों को उनके घर में घुसकर सबक सिखाया जा सके। बता दें कि कुछ दिनों पूर्व अराजक तत्वों ने डा. अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। संगीत सोम ने घोषणा की थी कि वह 30 मार्च तक यहां दोबारा प्रतिमा स्थापित कराएंगे।अनावरण के दौरान उन्होंने कहा कि यह किसी पर अहसान नहीं है, बल्कि बाबा साहेब द्वारा दिए गए अधिकारों का कर्ज चुकाने का एक छोटा सा प्रयास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य समाज को जोड़ना है, न कि जातियों में लड़ाना।
सोम ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को दलितों के हक में बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि उनके कार्यकाल में महापुरुषों के नाम पर रखे गए जिलों के नाम बदलकर दलित समाज का अपमान किया गया था। कार्यक्रम में मौजूद डा. रवि प्रकाश ने कहा कि बाबा साहेब पूरे देश के मसीहा हैं। उन्होंने संगीत सोम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आगामी चुनावों में दलित समाज इस सम्मान का कर्ज ब्याज सहित चुकाएगा। इस अवसर पर महंत ज्ञानदास, साध्वी रेणुका, ब्लॉक प्रमुख शर्मिष्ठा, ऋषिपाल भंडारी और कपिल जाटव सहित मौजूद रहे।
महापुरुष किसी बिरादरी के नहीं, सबके लिए पूजनीय : सोम
भाजपा के फायरब्रांड नेता और पूर्व विधायक ठाकुर संगीत सोम सोमवार को समर्थकों के साथ सकौती पहुंचे। उन्होंने महापुरुषों के सम्मान और वर्तमान राजनीति पर अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में बयान दिए। संगीत सोम ने स्पष्ट रूप से कहा कि महापुरुषों को जातियों और बिरादरियों के दायरे में नहीं बांधा जा सकता, वे संपूर्ण समाज के लिए मार्गदर्शक होते हैं।
युवाओं को स्वाभिमानी व निडर बनने की सलाह दी
संगीत सोम ने सकौती स्थित हितकारी इंटर कॉलेज में अजेय योद्धा महाराजा सूरजमल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि महापुरुष किसी एक जाति के नहीं होते। महाराजा सूरजमल जैसे योद्धाओं का सम्मान करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। रविवार को ही अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के नेतृत्व में सकौती में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा और म्यूजियम का भव्य अनावरण हुआ था, जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान,पूर्व केन्द्रीय मंत्री संजीव बालियान और राजस्थान के सांसद हनुमान बेनीवाल समेत कई राज्यों के लगभग 15 हजार से अधिक लोग जुटे थे। सोमवार को संगीत सोम ने उसी कड़ी में पहुंचकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। संगीत सोम ने एकता का संदेश देते हुए भी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर कड़ा प्रहार किया और युवाओं को स्वाभिमानी व निडर बनने की सलाह दी। इस दौरान नगर पंचायत दौराला चेयरमैन देवेंद्र पाल सिंह, डायरेक्टर हरेंद्र चौधरी, चेयरमैन वीरेंद्र अहलावत, शशि अहलावत, सोनू अझौता, मोनू सरसवा, शिवेंद्र कुमार, दीपक चौधरी मौजूद रहे।




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