Love Marriage is Not a Matter of Honor: High Court Directs Protection for Couple Marrying Out of Choice लव मैरिज करना सम्मान का मुद्दा नहीं, हाईकोर्ट ने दिए पसंद से शादी करने वाले जोड़े को सुरक्षा देने के निर्देश, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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लव मैरिज करना सम्मान का मुद्दा नहीं, हाईकोर्ट ने दिए पसंद से शादी करने वाले जोड़े को सुरक्षा देने के निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी पसंद से शादी करने वाले जोड़े को सुरक्षा देने के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि लव मैरिज करना सम्मान का मुद्दा नहीं हो सकता है।

Mon, 30 March 2026 08:03 PMDeep Pandey प्रयागराज, विधि संवाददाता।
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लव मैरिज करना सम्मान का मुद्दा नहीं, हाईकोर्ट ने दिए पसंद से शादी करने वाले जोड़े को सुरक्षा देने के निर्देश

UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा है कि कोई भी व्यक्ति बालिगों की अपनी पसंद से की गई शादी (प्रेम विवाह)को सम्मान का मुद्दा नहीं बना सकता। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में राज्य का दायित्व है कि वह दंपति के जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति की रक्षा करे, भले ही खतरा उनके अपने परिवार से ही क्यों न हो। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने यह टिप्पणी याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें अपनी पसंद से शादी करने वाले जोड़े ने अपनी सुरक्षा की मांग की।

दोनों ने अपनी मर्जी से आर्य समाज मंदिर में विवाह किया था और उनके पास वैध विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र भी था। याचियों ने अदालत को बताया कि महिला के परिवार वाले इस शादी के खिलाफ हैं और उन्होंने झूठा आपराधिक मामला दर्ज करा दिया। दंपति ने संयुक्त हलफनामा दाखिल कर यह भी आशंका जताई कि उन्हें ‘ऑनर किलिंग’ का खतरा है। अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए कहा, ‘किसी बालिग के निजी निर्णय को सम्मान का मुद्दा नहीं बनाया जा सकता।’ कोर्ट ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

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इस मामले में दंपति को गिरफ्तार न किया जाए

साथ ही अंतरिम राहत देते हुए अदालत ने आदेश दिया कि इस मामले में दंपति को गिरफ्तार न किया जाए। कोर्ट ने महिला के परिवार के सदस्यों को निर्देश दिया कि वे दंपति को किसी भी प्रकार की हानि न पहुंचाएं, उनके वैवाहिक घर में प्रवेश न करें और न ही सीधे या किसी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संपर्क करें। इसके अलावा, अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया गया कि वह सुनिश्चित करें कि दंपति को किसी भी प्रकार का खतरा न हो। मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

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