23 से 25 साल की उम्र में हो शादियां, इंटरकास्ट मैरिज भी बैन; यूपी के जाट सम्मेलन में ये 11 अहम फैसले
यूपी के मेरठ में अंतरराष्ट्रीय जाट सम्मलेन की ओर से हिंदू हृदय सम्राट वीर शिरोमणि महाराजा सूरजमल की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया।सम्मेलन में इन 11 अहम प्रस्तावों पर फैसले हुए जिनमें 23 से 25 साल की उम्र में शादियां हों। इसके साथ ही इंटरकास्ट मैरिज भी बैन कर दिया गया है।

UP News: उत्तर प्रदेश के मेरठ में सकौती टांडा के हितकारी किसान इंटर कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय जाट सम्मलेन की ओर से हिंदू हृदय सम्राट वीर शिरोमणि महाराजा सूरजमल की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। समारोह में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। जाट सम्मेलन में इन 11 अहम प्रस्तावों पर फैसले हुए जिनमें 23 से 25 साल की उम्र में शादियां हों। इसके साथ ही इंटरकास्ट मैरिज भी बैन कर दिया गया है। वहीं राजस्थान के सांसद हनुमान बेनीवाल के साथ देशभर के जाट प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। समारोह में प्रतिमा के फाउंडेशन पर लिखे जाट शब्द को हटाने पर युवाओं ने जमकर हंगामा किया, पुलिस के साथ धक्का मुक्की कर धरने पर बैठ गए। प्रशासन ने 15 दिन का समय मांगते हुए किसी तरह धरना खत्म कराया।
ये प्रस्ताव भी पारित हुए...
सर्वसम्मति से जाट सरदारी ने जाट समुदाय के हित में निम्नलिखित प्रस्ताव भी लिए गए हैं-
● जाट समाज के युवाओं को जाट इतिहास पढ़ने व जाट महापुरुषों की जयंती व पुण्यतिथि मनाने के लिए प्रेरित करेंगे।
● युवाओं को टेक्निकल व स्किल एजुकेशन के साथ-साथ उच्च शिक्षा व स्वयं के व्यापार के लिए प्रेरित करेंगे।
● दीनबंधु, रहबरे आजम, सर चौधरी छोटूराम को भारत रत्न दिया जाए।
● नशा मुक्त जाट समाज के लिए नशा मुक्त अभियान चला कर युवाओं में जागरूकता पैदा करेंगे।
● अंतरजातीय विवाह पर पूर्णतः विराम लगना चाहिए।
● उच्च पदों पर बैठे जाट नेता व अधिकारी नि:स्वार्थ समाज के लोगों की मदद करें।
● क्षेत्रवाद, गोत्रवाद से बाहर निकल कर पुरी दुनिया का जाट एक सूत्र में जाट एकता की बात करें।
● उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में जहां जाटो को ओबीसी आरक्षण नहीं है, वहां के जाटों को ओबीसी आरक्षण के लिए प्रयास करेंगे।
● जाट महापुरुषों के इतिहास को सीबीएसई, एनसीईआरटी पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए।
● बच्चों की शादियां 23 से 25 साल की उम्र तक कर दी जानी चाहिए।
● 36 बिरादरियों के साथ सामाजिक भाईचारे को संकल्प लें।
कोयले और लकड़ी की भट्ठी पर बना खाना :
प्रतिमा अनावरण समारोह में पहुंचे लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई थी। गैस सिलेंडरों की किल्लत होने के चलते कोयले और लकड़ी की भट्ठियों पर खाना बनाया गया। खाना तैयार कर रहे हलवाई ने बताया कि गैस सिलेंडर नहीं मिलने के चलते कोयले से खाना तैयार किया जा रहा है। प्रतिमा के फाउंडेशन पर लिखे जाट शब्द को हटाने को लेकर कार्यक्रम में युवाओं ने हंगामा कर दिया, युवाओं ने पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी की। उन्होंने दोबारा से प्रतिमा के फाउंडेशन पर जाट शब्द लिखने की मांग करते हुए धरना भी दिया। प्रशासन ने 15 दिन का समय मांगते हुए धरना खत्म कराया।




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