राजस्थान की फाइनल वोटर लिस्ट जारी, 242760 नाम हटाए गए, जानिए कितने लाख नाम जुड़े?
इलेक्ट्रॉनिक कमीशन ऑफ इंडिया ने राजस्थान में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पूरी करने के बाद राजस्थान की फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है।

इलेक्ट्रॉनिक कमीशन ऑफ इंडिया ने राजस्थान में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पूरी करने के बाद राजस्थान की फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए गए इस अभियान के तहत 2,42,760 नाम हटाए गए हैं। ये नाम 27 अक्टूबर 2025 को पब्लिश की गई पिछली सूची के बाद से हटाए गए हैं।
कुल मतदाताओं की संख्या
आयोग के अनुसार, यह वैरिफिकेशन अभियान अपात्र और डुप्लीकेट एंट्री को हटाने के लिए चलाया गया था, ताकि चुनाव की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को मजबूत किया जा सके। हालांकि नामों की कटौती के बावजूद राज्य में कुल रजिस्टर मतदाताओं की संख्या बढ़कर 51519929 हो गई है।
कितने मतदाता जुड़े, महिला-पुरुष?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक- ड्राफ्ट सूची की तुलना में 1048605 नए मतदाता जोड़े गए हैं। आयोग ने इसका श्रेय राज्यभर में चलाए गए जागरूकता अभियानों और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाए जाने को दिया है। नई सूची के अनुसार 26957881 पुरुष, 24561486 महिला और 562 ट्रांसजेंडर मतदाता रजिस्टर हैं।
पहली बार वोट डालने वालों का बढ़ा आंकड़ा
युवा मतदाताओं की भागीदारी में भी भारी इजाफा दर्ज किया गया है। 18 से 20 वर्ष आयु वर्ग में 435061 नए मतदाता जुड़े हैं, जो ड्राफ्ट सूची की तुलना में 0.82 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इस श्रेणी में जयपुर जिले में सबसे ज्यादा 1.30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो पहली बार मतदान करने वाले युवाओं की बढ़ती दिलचस्पी को दिखाती है।
राज्य में जेंडर अनुपात में भी सुधार हुआ है। प्रति हजार पुरुषों पर महिला मतदाताओं की संख्या 909 से बढ़कर 911 हो गई है। इसे महिलाओं में बढ़ती जागरूकता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी का संकेत माना जा रहा है।
इसके साथ ही आपको बताते चलें कि राजस्थान उन नौ राज्यों में शामिल था, जहां मतदाता सूची अपडेशन अभियान के दूसरे चरण में SIR लागू किया गया। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम सूची जारी होने के बाद भी नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की प्रक्रिया जारी रहेगी।
बाद में भी नाम जोड़े-घटाए जा सकेंगे
18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नागरिक फॉर्म-6 के जरिए नाम जुड़वा सकते हैं, जबकि नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और संशोधन के लिए फॉर्म-8 का प्रावधान है। आयोग ने यह भी बताया कि बुजुर्ग, बीमार, दिव्यांग और अन्य कमजोर वर्गों की सहायता के लिए स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे।




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