बिहार-असम की महिलाओं संग दिल्ली में की थी मारपीट और नस्लीय टिप्पणी; 4 आरोपी हिरासत में लिए गए
दिल्ली में बिहार और असम की महिलाओं के साथ मारपीट, कपड़े फाड़ने और नस्लीय टिप्पणी वाले मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने बताया, आरोपियों से पूछताछ चल रही है।

दिल्ली में बिहार और असम की महिलाओं के साथ मारपीट, कपड़े फाड़ने और नस्लीय टिप्पणी वाले मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने बताया, आरोपियों से पूछताछ चल रही है। दोनों महिलाओं ने शिकायत में आरोप लगाया है- युवकों ने पहले आपत्तिजनक और नस्लीय टिप्पणी की। रोकने पर कहासुनी हुई और फिर युवकों ने मार-पीट और गाली-गलौज करते हुए कपड़े फाड़े।
आरोपियों की हुई पहचान, सभी हिरासत में
अब पुलिस ने चारों आरोपियों को हिसात में ले लिया है। हिरासत में लिए गए आरोपियों की पहचान है- मोहम्मद फहाद, पुत्र मोहम्मद अनवर। 28 साल का फहाद ओखला के जाकिर नगर की गली नंबर 5 में रहता है। वह मौजूदा समय में एक प्राइवेट इंस्टीट्यूट में कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर काम करता है।
दूसरे आरोपी का नाम है मोहम्मद सवेज, पुत्र वसीम खान। वह भी ओखला के जाकिर नगर की गली नंबर 5 में रहता है। पुलिस के मुताबिक, सवेज पहले क्लबों में बाउंसर के तौर पर काम करता था, अब कॉन्ट्रैक्ट वर्कर के तौर पर काम करता है।
तीसरे आरोपी का नाम मोहम्मद आरिफ, पुत्र आजम है। 33 साल का आजम भी वहीं रहता है और नोएडा में एक मोबाइल स्टोर में काम करता है। चौथे आरोपी का नाम अमन उर्फ मोहम्मद फहीम है। वह हनीफ निवासी जोगा बाई एक्सटेंशन, जामिया नगर में रहता है। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है।
10 मई को हुई थी घटना
पुलिस के मुताबिक, 10 मई 2026 को सुबह करीब 7 बजे कालकाजी थाने में PCR कॉल मिली थी, जिसमें दो महिलाओं के परेशानी में होने की सूचना दी गई। महिलाओं की पहचान बिहार और असम की निवासी के तौर पर हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम नेहरू प्लेस स्थित ईरोस होटल के पास एक चाय की दुकान पर पहुंची, जहां दोनों पीड़ित महिलाएं मिलीं।
नस्लीय टिप्पणी मारपीट और कपड़े फाड़ने का आरोप
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कुछ युवकों ने महिलाओं पर आपत्तिजनक और नस्लीय टिप्पणियां कीं। विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। महिलाओं ने आरोप लगाया था कि उनके साथ छेड़छाड़ की गई, गालियां दी गईं और उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। एक महिला ने यह भी दावा किया कि आरोपियों ने बांस की लकड़ी से हमला किया और धमकी दी।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
घटना के बाद पुलिस दोनों महिलाओं को एम्स अस्पताल लेकर गई, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। मामले में कालकाजी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत FIR संख्या 259/2026 दर्ज की गई है।
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और कई प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की। पुलिस ने कुल आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद चार मुख्य आरोपियों की पहचान की गई, जिन्हें बाद में पकड़ लिया गया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेजी से की जा रही है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।




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