delhi construction sites 100 gsm green net mandatory rekha gupta government new order dust pollution control दिल्ली में हर निर्माण साइट पर लगानी होगी..., धूल प्रदूषण रोकने के लिए रेखा सरकार का नया आदेश, Ncr Hindi News - Hindustan
More

दिल्ली में हर निर्माण साइट पर लगानी होगी..., धूल प्रदूषण रोकने के लिए रेखा सरकार का नया आदेश

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि सभी प्रोजेक्ट संचालकों को नए मानकों का पालन करना होगा। सरकार का कहना है कि निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल दिल्ली के प्रदूषण का बड़ा कारण है, इसलिए अब केवल औपचारिकता नहीं बल्कि प्रभावी धूल नियंत्रण पर जोर दिया जाएगा।

Mon, 11 May 2026 06:27 PMRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
दिल्ली में हर निर्माण साइट पर लगानी होगी..., धूल प्रदूषण रोकने के लिए रेखा सरकार का नया आदेश

राजधानी दिल्ली में बढ़ते धूल प्रदूषण को रोकने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सभी निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) साइट्स पर हाई-डेंसिटी डस्ट स्क्रीन का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया है। नए नियम के तहत अब निर्माण स्थलों पर इस्तेमाल होने वाली ग्रीन नेट की न्यूनतम मोटाई 100 GSM तय की गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि सभी प्रोजेक्ट संचालकों को नए मानकों का पालन करना होगा। सरकार का कहना है कि निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल दिल्ली के प्रदूषण का बड़ा कारण है, इसलिए अब केवल औपचारिकता नहीं बल्कि प्रभावी धूल नियंत्रण पर जोर दिया जाएगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दिल्ली में पूर्वोत्तर की 2 महिलाओं से बदसलूकी, नस्लीय टिप्पणी और मारपीट का आरोप

यह फैसला एयर क्वालिटी मैनेजमेंट आयोग (CAQM) के दिशा-निर्देशों और निर्माण एवं तोड़फोड़ परियोजनाओं की निगरानी से जुड़े नियमों के तहत लिया गया है। पहले भी निर्माण सामग्री और मलबे को तिरपाल या ग्रीन नेट से ढकना जरूरी था, लेकिन उसकी गुणवत्ता तय नहीं थी। अब 100 GSM को न्यूनतम मानक बनाकर सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार प्रदूषण के खिलाफ पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नीति में बदलाव, टेक्नोलॉजी आधारित मॉनिटरिंग और सख्त नियमों के जरिए प्रदूषण को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि हाई-डेंसिटी डस्ट स्क्रीन धूल को रोकने में ज्यादा असरदार होती हैं। 100 GSM का मानक तय होने से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर भी उसका असर दिखाई दे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बेटा-बेटी, पत्नी को मारकर खुदको जलाने की कोशिश, ट्रिपल मर्डर कर खुद बुलाई पुलिस

सरकार डस्ट पोर्टल 2.0 पर भी तेजी से काम कर रही है। इसे दिल्ली की सभी निर्माण और तोड़फोड़ साइट्स की निगरानी के लिए केंद्रीकृत व्यवस्था के रूप में विकसित किया जा रहा है। पहले ही सभी C&D साइट्स का डस्ट पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जा चुका है, जिससे नियमों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ेगी। DPCC द्वारा जारी यह आदेश MCD, NDMC, DDA, DMRC, CPWD, PWD सहित कई प्रमुख सिविल और इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसियों को तत्काल पालन के लिए भेज दिया गया है।

लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।