राबड़ी देवी ने बंगला खाली नहीं किया तो क्या ऐक्शन होगा? 6 माह से जमे लालू परिवार के पास नहीं कोई विकल्प
बिहार सरकार ने 25 नवंबर को राबड़ी देवी का सरकारी आवास बदल दिया था। इसके बावजूद लालू परिवार ने 6 महीने से 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास को खाली नहीं किया। हालांकि, अब उनके पास कोई विकल्प बचता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में अगर राबड़ी देवी ने यह आवास खाली नहीं किया तो सरकार क्या कार्रवाई करेगी?

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को खाली करना ही पड़ेगा। फिलहाल लालू परिवार के पास कोई विकल्प बचता नहीं नजर आ रहा है। हालांकि, राबड़ी देवी ने शनिवार को कहा कि वह आवास खाली नहीं करेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को फोर्स बुलाने की चुनौती भी दे दी। भवन निर्माण विभाग की ओर से शुक्रवार को राबड़ी देवी को नोटिस भी दिया गया। बताया जा रहा है कि सरकार ने आवास खाली करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी है। राबड़ी देवी को पटना के 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया गया है, जो बिहार विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष के रूप में कर्णांकित है।
राबड़ी विधान परिषद में विपक्ष की लीडर हैं। दूसरी ओर, 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास को हाल ही में सम्राट सरकार ने दलित वर्ग से आने वाले मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया है। इसके बाद राबड़ी देवी को भवन निर्माण विभाग ने शुक्रवार को नोटिस भेजकर आवास जल्द खारी करने को कहा। इसके अगले दिन दिल्ली से पटना लौटीं राबड़ी देवी ने मीडिया से बातचीत में आवास खाली करने से साफ इनकार कर दिया।
पूर्व सीएम के इस बयान के कुछ घंटों बाद शनिवार शाम में पटना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम 10 सर्कुलर रोड पहुंची। अधिकारियों ने राबड़ी देवी से नियमों के तहत आवास को जल्द खाली करने का अनुरोध किया। बताया जा रहा है कि सरकार ने उन्हें अधिकतम 15 दिनों के भीतर दूसरे बंगले में शिफ्ट होने को कहा है।
6 महीने पहले बदला गया था आवास
पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के बाद जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार का गठन हुआ था, तब 25 नवंबर को राबड़ी देवी का आवास बदल दिया गया था। उन्हें 10 सर्कुलर रोड की जगह 39 हार्डिंग रोड वाला बंगला आवंटित किया गया। उस समय भी जमकर सियासत हुई थी। आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने दो-टूक कहा था कि बंगला खाली नहीं किया जाएगा।
बिहार सरकार द्वारा राबड़ी देवी का आवास बदले जाने की प्रशासनिक प्रक्रिया को 6 महीने गुजर गए हैं। अभी तक लालू परिवार ने अपना मौजूदा आवास खाली नहीं किया है। अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार इस मामले पर सख्त नजर आ रही है।
20 सालों से रहता आया है लालू परिवार
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास में 20 साल से ज्यादा समय से रह रहा है। साल 2005 में जब बिहार में सत्ता परिवर्तन हुआ था और पहली बार नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी थी। तब राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री आवास खाली करना पड़ा था। तत्कालीन नीतीश सरकार ने उन्हें 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास आवंटित किया था। तब से लेकर अब तक लालू परिवार इसी घर में रहता आया है। लगभग दो दशक तक यह आरजेडी की सत्ता का प्रमुख केंद्र रहा है।
राबड़ी देवी को अब छोड़ना ही होगा बंगला
जानकारों की मानें तो राबड़ी देवी को अब 10 सर्कुलर रोड वाला बंगला छोड़ना ही होगा। लालू परिवार के पास अब कोई प्रशासनिक विकल्प नहीं बचा है। सरकार उन्हें आवासीय सुविधा से बेदखल नहीं कर रही है, बल्कि सिर्फ उनका पता बदला गया है। भवन निर्माण विभाग की ओर से पूर्व में राबड़ी देवी को आवास खाली करने के लिए अलग-अलग समय पर नोटिस भी दिए जा चुके हैं। यह बंगला मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किए जाने के बाद सरकार इसे हर हाल में खाली करवा सकती है।
लालू परिवार ने बंगला खाली नहीं किया तो क्या ऐक्शन होगा?
पटना में केंद्रीय पुल के बंगलों का नियंत्रण एवं प्रबंधन बिहार सरकारी आवास आवंटन से संबंधी कानून एवं नियमावली के तहत होता है। इसके अनुसार राज्य सरकार के पास अधिकार है कि वह किसी भी सरकारी आवास का आवंटन अपने हिसाब से कर सकती है। राबड़ी देवी को नेता प्रतिपक्ष के नाते 39 हार्डिंग रोड का बंगला आवंटित किया गया है। भले ही विपक्ष इसे बदले की राजनीति करार दे रही है, लेकिन नियमानुसार राबड़ी देवी को बंगला खाली करना ही होगा।
ऐसा नहीं होने पर इस बंगले पर लालू परिवार का अनाधिकृत कब्जा घोषित कर दिया जाएगा। इसके बाद राज्य सरकार नियमों के तहत बलपूर्वक यानी फोर्स का इस्तेमाल कर बंगला खाली करवा सकती है।




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