गोपाल खेमका मर्डर केस में बांकीपुर क्लब पर शिकंजा कसेगी पुलिस, डीजीपी ने कहा- नोटिस भेज रहे हैं
गोपाल खेमका मर्डर केस में पटना के बांकीपुर क्लब पर भी शिंकजा कस सकता है। डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि बांकीपुर क्लब के सीसीटीवी कैमरों में एक मिनट का भी बैकअप नहीं था। इस मामले में नोटिस जारी किया जाए। आखिर क्यों सीसीटीवी फुटेज का बैकअप नहीं रखा गया। हत्या के दिन खेमका इसी क्लब से लौट रहे थे।

गोपाल खेमका मर्डर केस में अब पुलिस के निशाने पर पटना का बांकीपुर क्लब भी आ गया है। मगंलवार को पटना में खेमका हत्याकांड का खुलासा करते हुए डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि गोपाल खेमका बांकीपुर क्लब के मेंबर थे। लेकिन हाल के दिनों से इनकी उपस्थिति बांकीपुर क्लब में न के बराबर थी। 2016 के पहले गोपाल खेमका वहां के रेगुलर मेंबर थे। हालांकि बाद उन्होने वहां आना जाना कम कर दिया था।
डीजीपी ने बताया कि बांकीपुर क्लब के सीसीटीवी कैमरों में एक मिनट का भी बैकअब नहीं था। वहां से पुलिस को किसी तरह की कोई मदद नहीं मिल सकी। अब पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि बांकीपुर क्लब के सीसीटीवी कैमरे में एक मिनट का भी बैकअप क्यों नहीं रखा जाता था। और इस मामले में नोटिस जारी करेगी। जबकि बांकीपुर क्लब नामी-गिरामी है।
पुलिस ने बताया कि शूटर के भागने के रास्ते के सीसीटीवी को खंगालते हुए ही पुलिस उमेश यादव के घर तक पहुंची थी। बांकीपुर क्लब से किसी तरह कोई भी वीडियो फुटेज नहीं मिला है। खेमका मर्डर केस की जांच में पुलिस ने पटना के सारे सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। इस हत्याकांड के तीन अहम किरदार अशोक साह, शूटर उमेश कुमार और हथियार सप्लायर विकास उर्फ राजा है।
अशोक और उमेश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि राजा पुलिस एनकाउंटर में ढेर हुआ था। हत्या की पूरी डील 4 लाख में हुई थी। जमीन विवाद में खेमका की हत्या को अंजाम दिया गया। छापेमारी में अशोक साह के घर पर भारी मात्रा में जमीन के कागजात और 70 राउंड गोलियां मिली हैं। वहीं शूटर उमेश के घर से 59 गोलियां बरामद हुई हैं।
गोपाल खेमका हत्याकांड में शूटर उमेश को हथियार अशोक साह ने दिए थे। उसी ने खेमका का रूटीन भी बताया था। शूटर को जानकारी दी गई थी कि रेगुलर शाम 8 बजे के आसपास बांकीपुर क्लब जाते थे और 11.30 बजे के आसपास खुद गाड़ी चलाकर आते थे। जिसके बाद हत्या की पूरी प्लानिंग की गई थी।




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