रामधनी यादव को पुलिस ने मारी थी 5 गोलियां, सरेंडर के बावजूद कैसे हो गया एनकाउंटर; पूरी कहानी
सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में ईओ कृष्ण भूषण प्रसाद की हत्या के बाद आरोपी रामधनी यादव अपने घर पहुंचा था। बेटी ने उसे थाने में जाकर सरेंडर करने को कहा। रामधनी ने सरेंडर कर दिया। फिर हत्याकांड के 12 घंटे बाद एनकाउंटर में उसे ढेर कर दिया गया।

बिहार के भागलपुर जिले में सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) कृष्ण भूषण प्रसाद की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने के आरोपी उपसभापति के पति रामधनी यादव ने सरेंडर कर दिया था। उसे आशंका थी कि पुलिस उसका एनकाउंटर कर सकती है। बेटी के कहने पर रामधनी ने रात में ही पुलिस थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया। थाने में उससे पूछताछ की गई। पुलिस बुधवार तड़के 4 बजे रामधनी को लेकर हथियार बरामद करने पहुंची। वहां पर रामधनी के दो सहयोगियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने रामधनी को ढेर कर दिया। पुलिस ने उसे 5 गोलियां मारीं।
भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव के अनुसार पुलिस के पहुंचने पर वहां पहले से मौजूद दो लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी थी। उन्होंने रामधनी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की कोशिश की। इस बीच रामधनी भी पुलिस पर फायरिंग करने लगा। आत्मरक्षा में पुलिस ने गोली चलाई। इसमें रामधनी को गोली लग गई। अस्पताल लाने पर डॉकट्र ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस एनकाउंटर में 3 पुलिसकर्मी भी घायल हुए, जिन्हें मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
ईओ कृष्ण भूषण हत्याकांड में पुलिस ने दो और अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक रामधनी का साला पिकू कुमार और दूसरा ड्राइवर दीपक शामिल है। आरोप है कि रामधनी, पिकू और दीपक ने ही मिलकर मंगलवार शाम 4 बजकर 5 मिनट पर सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में घुसकर सभापति राजकुमार गुड्डू पर फायरिंग की थी। वहां मौजूद ईओ कृष्ण भूषण ने अपराधियों को रोकने की कोशिश की तो उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
सभापति राजकुमार गुड्डू गोली लगने से गंभीर घायल हो गए, उनका इलाज चल रहा है। वहीं, ईओ कृष्ण भूषण कुमार की हत्या के मामले की गहनता से जांच सीआईडी कर रही है। एनकाउंटर में ढेर हुआ रामधनी यादव नगर परिषद की उप सभापति (उप मुख्य पार्षद) नीलम देवी का पति था। ईओ कृष्ण भूषण की हत्या के बाद सुल्तानगंज थाने में दर्ज एफआईआर में आरोप है कि रामधनी, दीपक और पिकू ने योजना बनाकर सभापति (मुख्य पार्षद) औ कार्यपालक पदाधिकारी पर हत्या की नीयत से गोली चलाई थी।
बेटी के कहने पर सरेंडर करने गया था रामधनी यादव
एनकाउंटर में ढेर हुआ रामधनी यादव अपनी बड़ी बेटी प्रियंका के कहने पर वारदात की रात सरेंडर करने पुलिस थाने पहुंचा था। ईओ की हत्या के बाद जब मंगलवार शाम को टोटो से घर पहुंचा। तब बेटी ने उससे कहा कि थाना जाकर सरेंडर कर दीजिए, नहीं तो घर के सभी लोग परेशान हो जाएंगे। वहीं, इस वारदात के बाद रामधनी की पत्नी नीलम देवी और बेटे घर छोड़कर फरार हो गए थे।
रामधनी को पुलिस ने मारी 5 गोलियां
एनकाउंटर के दौरान रामधनी यादव को पुलिस ने 5 गोलियां मारकर ढेर कर दिया। 3 गोलियां उसकी पीठ पर रीढ़ की हड्डी से बाईं तरफ लगी थीं। वहीं, उसकी पीठ की दाहिनी तरफ एक गोली और रीढ़ की हड्डी के नीचे एक गोली लगी थी। दिलचस्प बात यह है कि एनकाउंटर के 12 घंटे पहले नगर परिषद कार्यालय में रामधनी और उसके दोनों साथियों ने राजकुमार गुड्डू और कार्यपाल पदाधिकारी को भी 5 गोलियां ही मारी थी। एनकाउंटर के बाद चर्चा होने लगी कि पुलिस ने 5 गोलियां का जवाब 5 गोलियों से ही दिया।
मैट्रिक पढ़ते हुए ही रामधनी पर दर्ज हो गया था मर्डर का केस
एनकाउंटर में मारा गया रामधनी यादव का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। साल 1983 में उसक खिलाफ पहली बार मर्डर का केस दर्ज हुआ था। उस समय उसने मैट्रिक की परीक्षा ही दी थी। उस पर एक व्यवसायी पर लूट के इरादे से हत्या का आरोप लगा था। इसके बाद थाने के सामने दिनदहाड़े एक व्यक्ति की हत्या के मामले में भी वह आरोपी बनाया गया।
पत्नी लड़ी विधानसभा चुनाव, बेटा लोजपा-आर का जिलाध्यक्ष
इसके बाद भी कई अपराधों में रामधनी का नाम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आया था। रामधनी की पत्नी सुल्तानगंज नगर परिषद की मुख्य पार्षद हैं। नीलम देवी 2020 में लोक जनशक्ति पार्टी से विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुकी हैं। उसका बेटा मनीष कुमार अभी चिराग पासवान की पार्टी लोजपा-आर का जिलाध्यक्ष है।
रात में हुआ अंतिम संस्कार
गुरुवार तड़के हुए रामधनी यादव के एनकाउंटर के बाद उसका शव का भागलपुर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम कराया गया। शाम को रामधनी की बेटियां प्रियंका और रूबी अस्पताल पहुंची और पुलिस ने उन्हें शव सौंप दिया। वहां मौजूद पुलिस अधिकारी ने परिजन को तुरंत दाह संस्कार का निर्देश दिया। इस पर बेटी ने गुरुवार सुबह को अंतिम संस्कार करने की बात कही।
हालांकि, पुलिस के समझाने के बाद बेटी मान गई और रात में दाह संस्कार के लिए तैयार हो गई। रात 9 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच घर से ही पैदल दाह संस्कार के लिए रामधनी के शव को श्मशान घाट ले जाया गया। छोटे बेटे अंकित ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार-रिश्तेदार और समाज के अन्य लोग भी मौजूद रहे।
(हिन्दुस्तान अखबार के इनपुट के आधार पर)




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