EO Murder: रामधनी यादव की पत्नी नीलम देवी लोजपा से लड़ी थी विधानसभा चुनाव, मारा गया हत्यारा माफिया
Ramdhani Yadav Killed: सुल्तानगंज नगर परिषद ईओ कृष्ण भूषण की हत्या में उपाध्यक्ष नीलम देवी का पति रामधनी यादव एनकाउंटर में मारा गया है। नीलम ने लोजपा के टिकट पर 2020 का विधानसभा चुनाव लड़ा था।

Ramdhani Yadav Killed: भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) कृष्ण भूषण की मंगलवार को दफ्तर में घुसकर हत्या करने वाले माफिया रामधनी यादव को पुलिस ने बुधवार की सुबह एनकाउंटर में मार गिराया। नगर परिषद उपाध्यक्ष नीलम देवी का पति रामधनी यादव दो हथियारबंद अपराधियों के साथ नगर परिषद अध्यक्ष राज कुमार गुड्डू को मारने गया था, लेकिन हमलावरों से निहत्थे ही भिड़ गए ईओ कृष्ण भूषण अपराधियों की गोली के शिकार बन गए थे। राज कुमार भी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज पटना में चल रहा है। रामधनी यादव सुल्तानगंज घाट का माफिया था और गंगा घाट पर अवैध तरीके से दुकानदारों से वसूली, रेत ढुलाई से कमाई करता था।
रामधनी यादव ने अवैध कमाई से अकूत संपत्ति जुटाई थी और दौलत की ताकत से कई नेताओं तक पहुंच रखता था। रामधनी की पत्नी नीलम देवी नगर परिषद अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। चिराग पासवान की पार्टी लोजपा ने 2020 में पत्नी नीलम देवी को सुल्तानगंज सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ाया था, जिसमें महज 10 हजार वोट लाकर वो तीसरे नंबर पर रही थीं। 2020 का चुनाव लोजपा अलग लड़ी थी। रामधनी के नाम पर फेसबुक पर कई खाते हैं, जहां चिराग पासवान के अलावा भाजपा के नेताओं के साथ भी उसका फोटो है। राज कुमार गुड्डू भाजपा के साथ जुड़े हैं और पिछले हफ्ते ही नए सीएम सम्राट चौधरी को बधाई देने पटना गए थे।
नगर परिषद के ऑफिस में घुसकर सभापति को गोली मारने और ईओ कृष्ण भूषण की हत्या करने के बाद से रामधनी भागा-भागा फिर रहा था। गैंग के अपराधियों को पुलिस ने पकड़ा तो रामधनी का ठिकाना पुलिस को मिल गया। बुधवार की अहले सुबह पुलिस ने रामधनी को घेरा तो देखते ही उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में रामधनी यादव गोली लगने से मारा गया, जबकि पुलिस के भी तीन अधिकारी जख्मी हुई हैं। भाजपा के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार में पुलिस ऑपरेशन लंगड़ा से आगे बढ़कर अपराधियों का सफाया करेगी।
मधुबनी के रहने वाले कृष्ण भूषण सुल्तानगंज में तैनाती के बाद गंगा घाट पर चल रहे अवैध धंधों को बंद करवा रहे थे। नुकसान रामधनी को उठाना पड़ रहा था। जबकि रामधनी के दुश्मन रंजीत यादव उर्फ कनबुच्चा यादव को इससे फायदा हो रहा था। कनबुच्चा यादव की पत्नी दयावती देवी भी नगर परिषद की अध्यक्ष रही हैं और नीलम देवी ने अविश्वास प्रस्ताव के जरिए दयावती को हटाकर अपने लिए अध्यक्ष की कुर्सी पर जगह बनाई थी।
रामधनी यादव और कनबुच्चा यादव की वर्चस्व की लड़ाई में गई कृष्ण भूषण की जान
कनबुच्चा यादव भी इलाके का बड़ा माफिया है और उसे पुलिस जिले के टॉप 10 अपराधियों में गिनती है। कनबुच्चा राज कुमार गुड्डू के साथ है। 2023 में रामधनी पर गोली चली थी, जिसमें राज कुमार का नाम आया था। सुल्तानगंज घाट से अवैध कमाई को लेकर रामधनी यादव की कनबुच्चा यादव और राज कुमार से सीधी लड़ाई थी। ईओ कृष्ण भूषण की जान रामधनी यादव और कनबुच्चा की वर्चस्व की लड़ाई में चली गई।





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