हथियारबंद हत्यारों से अकेले भिड़ गए थे कृष्ण भूषण, CCTV वीडियो में दिखा मधुबनी के लाल का साहस
बिहार सरकार में नगर सेवा के अधिकारी कृष्ण भूषण प्रसाद साहस दिखाकर हथियारबंद अपराधियों से अकेले भिड़ गए। सीसीटीवी वीडियो में उनकी दिलेरी साफ नजर आई। भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुए हमले के दौरान ईओ कृष्ण भूषण की गोली लगने से जान चली गई।

बिहार के भागलपुर जिले में मंगलवार शाम सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) कृष्ण भूषण प्रसाद की दिनदहाड़े हत्या का मामला राज्य भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटनाक्रम का जो सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, उसमें दिखाई दे रहा है कि कृष्ण भूषण अकेले हथियारबंद हमलावरों से भिड़ गए थे। इसी दौरान उनके सिर में गोली लग गई और उनकी जान चली गई। कृष्ण भूषण बिहार नगर सेवा के अधिकारी थे और मधुबनी के रहने वाले थे। उनकी मौत के बाद परिजन गम में हैं, लेकिन उनके साहस की चर्चा हर जगह हो रही है।
सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार शाम को सभापति राजकुमार गुड्डू, ईओ कृष्ण भूषण प्रसाद और अन्य लोगों के साथ अपने चैंबर में बैठे हुए थे। इसी दौरान 3 हथियारबंद अपराधी वहां घुस आए और पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावर सभापति को जान से मारने की नीयत से आए थे और उन्होंने गुड्डू को टारगेट करके ही गोलीबारी की।
जैसे तड़ातड़ गोलियां चलने लगीं, चैंबर में मौजूद अन्य लोग वहां से जैसे-तैसे जान बचाकर भाग छूटे। मगर कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण प्रसाद दिलेरी दिखाते हुए गोलियां बरसा रहे अपराधियों पर कूद गए। वे निहत्थे से ही हमलावरों से भिड़ने लगे। उन्होंने एक बदमाशों को पीछे से पकड़कर उसकी पिस्टल छीनने की कोशिश भी की। हमलावरों ने खुद को घिरता देख ईओ पर बंदूक तान दी और फायरिंग शुरू कर दी।
इसी आपाधापी में कृष्ण भूषण प्रसाद के सिर में गोली लग गई। सभापति राजकुमार गुड्डू भी गोली लगने से घायल हो गए। हमलावर वहां से गोलियां बरसाते हुए भाग निकले। नगर परिषद में मौजूद अन्य कर्मचारी और पार्षद गोलियों की आवाज सुनकर दौड़े-दौड़े चैंबर में आए। उन्होंने घायलों को सुल्तानगंज अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को रेफर कर दिया। भागलपुर ले जाते समय ईओ कृष्ण भूषण की रास्ते में ही जान चली गई। वहीं, सभापति को मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कृष्ण भूषण की हत्या से मधुबनी में मातम
कृष्ण भूषण प्रसाद मूलरूप से मधुबनी के रहने वाले थे। भागलपुर जिले के कहलगांव नगर पंचायत में कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में सेवा दे रहे थे। उनके पास सुल्तानगंज नगर परिषद के ईओ का अतिरिक्त प्रभार था। उनकी गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद मंगलवार शाम से मधुबनी में मातम छाया हुआ है। शहर के गदियानी लोहरसारी मोहल्ला स्थित उनके घर पर लोग पहुंचकर परिवार वालों को ढांढ़स बंधा रहे हैं। वह अपने पीछे पत्नी, 3 साल का एक बेटा और एक साल की बेटी छोड़ गए हैं।

अफसरों की सम्राट सरकार को हड़ताल की धमकी
वहीं, बिहार नगर सेवा से जुड़े अधिकारियों ने इस घटना पर रोष जताते हुए सम्राट सरकार को हड़ताल की धमकी दी है। नगर सेवा संघ ने कृष्ण भूषण हत्याकांड के दोषियों के खिलाफ करने, परिवार को इंसाफ दिलाने, एक सदस्य को नौकरी दिलाने और राज्य भर के निकायों में तैनात अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए राज्य सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
वहीं, सरकारी कार्यालय में घुसकर दिनदहाड़े एक अधिकारी की हत्या किए जाने से कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच में जुटी है। सुल्तानगंज नगर परिषद में ठेका और वर्चस्व की जंग को लेकर हत्या किए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी खुलासा नहीं किया है। हमलावरों की धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है। स्थानीय गुटबाजी और आपसी रंजिश का एंगल भी सामने आ रहा है।




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