नीतीश ने 1100 रुपए की पेंशन, तो माले बोली- महागठबंधन की सरकार बनने पर 1500 से शुरुआत
नीतीश सरकार के सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 400 से बढ़ाकर 1100 रुपए किए जाने पर सीपीआई माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने पर शुरुआत ही 1500 रुपये से करेगी। ये बात उन्होने अरवल में ‘बदलो सरकार, बदलो बिहार’ यात्रा के दौरान कही।

चुनावी साल में सीएम नीतीश कुमार ने बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि में ढाई गुना से भी ज्यादा का इजाफा कर दिया है। जिसके बाद वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन अब 400 से बढ़ाकर 1100 रुपए कर दी है। जिसे नीतीश के मास्टरस्ट्रोक के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं महागठबंधन के दलों ने इसे चुनावी स्टंट करार दिया है। इसी कड़ी में अरवल में भाकपा-माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार में जैसे- जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है। मोदी जी का बिहार खूब दौरा हो रहा है।
उन्होने कहा कि नीतीश कुमार 20 साल से सत्ता में हैं, लेकिन अब जाकर पेंशन बढ़ाने की बात कर रहे हैं। चुनाव आया तो कह रहे हैं 1100 देंगे। यह जले पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने कहा कि माले विधायक लगातार 3000 रुपये पेंशन की मांग करते रहे हैं। नीतीश सरकार को 400 से 1100 रुपये पेंशन देने में 20 साल लग गए, लेकिन इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर शुरुआत ही 1500 रुपये से करेगी। दीपंकर सोमवार को 'बदलो सरकार, बदलो बिहार यात्रा’को अरवल में पहुंचने पर संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि 2020 में हम कुछ वोट से सरकार नहीं बना सके थे। लेकिन 2024 में महागठबंधन ने इस इलाके से लोकसभा में कई सीटें जीतीं। अब 2025 में इस सरकार को उखाड़ फेंकना है। इसके लिए निर्णायक बहुमत लाना होगा, तभी मोदी-अमित शाह को रोका जा सकेगा। उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र और हरियाणा में भले जीत गए हों लेकिन बिहार झारखंड की तरह आपको रोक देगा। उन्होंने कहा कि सरकार बदलेगी और गरीबों, महिलाओं और नौजवानों के हक में नई नीतियों की शुरुआत होगी।
भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार में 94 लाख परिवार गरीबी रेखा के नीचे हैं। नीतीश सरकार ने पहले 2- 2 लाख रुपये देने का वादा किया, लेकिन एक साल में किसी को नहीं मिला। 9 जुलाई को देश के मजदूर संगठनों ने हड़ताल का आह्वान किया है। जिसे इस बार हम सबको मिलकर सफल बनाना है। उन्होंने कहा कि मनुस्मृति दलितों, महिलाओं, किसानों, मजदूरों सबको गुलाम बना देगा। इंडिया गठबंधन ने तय किया है कि 9 जुलाई को पूरे बिहार में चक्का जाम कर दें। इंदौरी जलाशय से ‘बदलो सरकार, बदलो बिहार यात्रा’ की शुरुआत 18 जून को हुई थी। इसकी एक शाखा शाहाबाद और दूसरी मगध इलाके में जा रही है।
यात्रा का नेतृत्व काराकाट सांसद राजाराम सिंह, पालीगंज विधायक संदीप सौरभ, अरवल विधायक महानंद सिंह, फुलवारी विधायक गोपाल रविदास, घोषी विधायक रामबली सिंह यादव, एआईपीडब्ल्यूए नेता रीता वर्णवाल, माधुरी गुप्ता, वंदना प्रभा आदि कर रहे हैं। आज यात्रा औरंगाबाद, ओबरा, टिकारी, बेलागंज, जहानाबाद होते हुए अरवल पहुंची। काराकाट सांसद राजाराम सिंह ने कहा कि लोग बालू उत्खनन से डूब कर मर रहे हैं। इंद्रपुरी जलाशय का निर्माण, नहरों के अंतिम छोर तक पानी, भूमि सुधार, महिलाओं को सम्मान व रोजगार, बिहार को विशेष राज्य का दर्जा, एमएसपी की गारंटी इन सवालों पर यात्रा निकली है।
अरवल विधायक महानंद सिंह ने कहा कि सोन नदी और सोन नहर आज संकट में हैं। बालू का पहाड़ सरकार ने खड़ा किया। गांवों में जलस्तर नीचे जा चुका है। अपराधियों को छूट मिली है, महिलाओं पर अत्याचार बढ़ा है। इस मौके पर रीता वर्णवाल, माधुरी गुप्ता, जितेंद्र यादव, मुनारिक राम, जमीला खातून, लीला वर्मा, साधना कुमारी सहित कई नेता मंच पर मौजूद रहे।




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