चादर पर साइकिल चढ़ने के विवाद में हत्या; युवक को छत से फेंका, ईंट-पत्थर से मारा
मृतक के पिता ने पुलिस को बताया कि पप्पू द्वारा नीतीश को छत से गली में फेंकने के बाद उसके परिजन नीतीश को ईंट-पत्थर से मारने लगे। इससे उसके सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट लगी, जिससे उसके नाक, मुंह, कान से खून बहने लगा और वह बेहोश हो गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

भभुआ जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के जैतपुरकला गांव में सोमवार की रात मामूली विवाद में पहले एक युवक को छत से नीचे गली में फेंका। फिर ईंट-पत्थर से कूचकर उसकी हत्या कर दी गई। मृतक 24 वर्षीय नीतीश कुमार जैतपुरकला गांव निवासी ददन बिंद का पुत्र था। इस मामले में भगवानपुर थानाध्यक्ष ने लोरिक बिंद और प्रदीप कुमार को गिरफ्तार किया है। घटना की सूचना पहुंचे भगवानपुर थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार और सब इंस्पेक्टर चन्द्रप्रभा ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कर सदर अस्पताल के डॉ. रंजन प्रकाश से पोस्टमार्टम कराया।
युवक की हत्या के मामले में उसके पिता ददन बिंद के आवेदन पर आठ लोगों के खिलाफ भगवानपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। सदर अस्पताल में ददन बिंद ने पुलिस के समक्ष 19 अगस्त की रात दो बजे अपना बयान दिया। उसने पुलिस को बताया कि 15 अगस्त को उसके पड़ोसी लोरिक बिंद के घर की छत से एक चादर गली में गिर गई थी। उस चादर पर उसके बेटे मिथिलेश कुमार ने साइकिल चढ़ा दी। इसको लेकर मिथिलेश और लोरिक बिंद के बेटे पप्पू बिंद के बीच गाली-ग्लौच और विवाद हुआ। दोनों को समझा-बुझाकर शांत कराया गया।
इस मामले में लोरिक के परिवार द्वारा थाने में आवेदन दिया गया। मामले की जांच करने के लिए सोमवार की शाम में पुलिस गांव में गई। दोनों पक्षों को समझा-बूझाकर शांत कराने के बाद पुलिस वहां से थाने लौट गई। लेकिन, शाम में करीब सात बजे पूर्व के भूमि विवाद को लेकर लोरिक बिंद एवं उसके परिवार के लोग गाली-ग्लौच करने लगे। उन्हें मना किया गया तो लोरिक का बेटा पप्पू बिंद आवेदक की छत पर चढ़ गया और नीतीश को छत से नीचे फेंक दिया।
मृतक के पिता ने पुलिस को बताया कि पप्पू द्वारा नीतीश को छत से गली में फेंकने के बाद लोरिक बिंद उर्फ कमला बिंद, उसकी पत्नी कुंती देवी, पुत्र पंकज कुमार, प्रदीप कुमार उर्फ पांडा, अखिलेश कुमार, पंकज कुमार की पत्नी महिमा देवी, पप्पू की पत्नी रीता देवी उसके बेटे नीतीश को ईंट-पत्थर से मारने लगे। इससे उसके सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट लगी, जिससे उसके नाक, मुंह, कान से खून बहने लगा और वह बेहोश हो गया।
घायल नीतीश को भगवानपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया। वहां के डॉक्टर द्वारा उसका प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजन उसे लेकर सदर अस्पताल पहुंचे, जहां कि चिकित्सक रंजन प्रकाश ने उसे इमरजेंसी में भर्ती कर उसका इलाज शुरू किया। लेकिन, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए भगवानपुर थाना के सब इंस्पेक्टर ने पंचनामा तैयार किया।
चिकित्सक द्वारा मंगलवार को उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। भगवानपुर के थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि मृतक के पिता के आवेदन पर आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।




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