गंगा नदी खतरे के निशान के पार, कई गांव जलमग्न; बिहार के भोजपुर में सहमे लोग
बाढ़ का पानी नेकनाम टोला गांव के पहुंच पथ पर चार फुट तक होकर बह रहा है। इस गांव के ग्रामीणों को कमर से ऊपर तक पानी में घुसकर आना-जाना करना पड़ रहा है। वहीं गंगा पार खवासपुर पंचायत के लगभग सभी गांवों के पानी से चारों तरफ से घिरने के साथ जिला और प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूटता जा रहा है।

बिहार के भोजपुर जिले में बड़हरा प्रखंड में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान को पार कर ऊपर आ गया है। इससे इस प्रखंड में बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है। फिलहाल गंगा का पानी प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांवों के बधार में तेजी से फैल रहा है। कई जगहों पर खेतों में लगाई गई सब्जी आदि की फसल पानी में डूबने के कारण बर्बाद हो गई है।
बाढ़ का पानी नेकनाम टोला गांव के पहुंच पथ पर चार फुट तक होकर बह रहा है। इस गांव के ग्रामीणों को कमर से ऊपर तक पानी में घुसकर आना-जाना करना पड़ रहा है। वहीं गंगा पार खवासपुर पंचायत के लगभग सभी गांवों के पानी से चारों तरफ से घिरने के साथ जिला और प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूटता जा रहा है। गंगा नदी के रौद्र रूप और उफनती धारा को देख इस पंचायत के लोग नाव से आने-जाने को लेकर डरे-सहमे हैं।
दर्जनभर गांवों के बधार में घुसा पानी, फसल नष्ट होने की चिंता: शनिवार को गंगा नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के बाद इसका पानी बखोरापुर, नेकनाम टोला, लौहर, फरना, पैगा, गुंडी, बभनगांवा, शिवपुर, सिन्हा, महुली, बबुरा जैसे दर्जनभर गांवों स्थित बधार में घुस गया है। इससे किसानों को अब अपनी फसल नष्ट होने की चिंता सता रही है। गंगा नदी के जलस्तर में विगत तीन दिनों से जारी वृद्धि को इन गांवों के ग्रामीणों को बाढ़ आने का डर सताने लगा है। इसके लिए गंगा नदी के तटवर्ती इलाके के लोगों के साथ आसपास गांवों के ग्रामीण जरूरत के सामान बाजार से खरीद अपने-अपने घरों में रखने लगे हैं।
कोईलवर इलाके में सोन में उफान, तटबंध सुरक्षित: कोईलवर इलाके में सोन नदी भी उफान पर देखी जा रही है। पिछले 24 घंटे में इसके जलस्तर में 81 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी होने के बाद इसका जलस्तर सुबह छह बजे 54.74 मीटर पर पहुंच गया है । शुक्रवार की सुबह सोन नदी का जलस्तर 53.93 मीटर था। सोन नदी अपने खतरे के निशान 55.52 मीटर से मात्र 78 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी । बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता अभिषेक कुमार ने बताया की भोजपुर में गंगा और सोन नदियों के जलस्तर में अभी फिलहाल वृद्धि जारी रहेगी। अभी बाढ़ जैसे हलात पूरी तरह उत्पन्न नहीं हुए हैं। गंगा नदी से सटे सभी तटबंध सुरक्षित हैं।
बाढ़ के कारण आधा दर्जन सरकारी विद्यालय बंद : बड़हरा प्रखंड में गंगा नदी के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि के कारण करीब आधा दर्जन विद्यालयों में पानी घुसने से पठन-पाठन कार्य बंद कर दिया गया है। प्रखंड के सिरिसिया व कुतुबपुर डेरा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय और बबुरा व बिंदगावा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में बाढ़ का पानी घुसने के बाद छात्र-छात्राओं की जान-माल की सुरक्षा को देख बंद कर दिया गया है।
59 घर हुए थे विलीन, 29 को मिला पर्चा : शाहपुर। डीएम की ओर से बताया कि गत वर्ष जवइनिया गांव के 29 परिवारों को भूमि उपलब्ध कराते हुए पर्चा निर्गत किया गया था। वहीं 59 परिवारों को 1.20 लाख प्रति परिवार की दर से गृह क्षति मुआवजा प्रदान किया गया था।
54.10 मीटर पर जलस्तर के पहुंचते ही बाढ़ के बनेंगे हालात
गंगा नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में 35 सेंटीमीटर की वृद्धि होने के बाद शुक्रवार की सुबह छह बजे तक इसका जलस्तर 53.35 मीटर पर पहुंच गया। इसका जलस्तर में वृद्धि जारी रहने से शाम छह बजे गंगा नदी अपने खतरे के निशान 53.08 मीटर से लगभग 50 सेंटीमीटर को पार कर 53.09 मीटर पर बह रही थी। बाढ़ नियंत्रण विभाग का मानना है कि गंगा नदी का जलस्तर बढ़कर 54.10 मीटर पर पहुंचता है, तो बड़हरा प्रखंड में बाढ़ जैसे हालत उत्पन्न हो जाते हैं। लेकिन, गंगा नदी के जलस्तर में जारी वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन व अंचल कार्यालय पूरी तरह बाढ़ जैसे हालात से निपटने के लिए पूरी मुस्तैद दिख रहा है। बाढ़ नियंत्रण विभाग सुरक्षा की दृष्टि से गंगा नदी से सटे तटबंधों पर निगरानी रखने के साथ सभी स्लुइस गेट पर अपने कर्मचारियों को नियुक्त कर इसके लिए आवश्यक निर्देश दे दिया है।
बड़हरा में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित
बड़हरा प्रखंड की 20 पंचायतों में संभावित बाढ़ के खतरे को देख इससे निपटने के लिए सभी तैयारियां जोरो पर हैं। इसके लिए अंचल कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। शनिवार को 106 नावों का सरकारी स्तर पर नाविकों के साथ अनुबंध हो गया है, जिन्हें बाढ़ पीड़ित गांवों के लोगों को आने-जाने के लिए नियुक्त किया जायेगा। बड़हरा में कुल ऊंचे 79 स्थलों को चिह्नित कर शरणार्थी स्थल बनाया गया है। यहां बाढ़ से पीड़ित लोगों के रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की जायेगी। इन सभी जगहों पर बाढ़ पीड़ितों को आपदा के समय उचित व्यवस्था देने के लिए सरकारी कर्मचारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है, जो बाढ़ पीड़ितों के जरूरी काम पर नजर रख उनको उपलब्ध कराएंगे ।
भोजपुर जिले के बड़हरा में गंगा नदी शनिवार की शाम छह बजे खतरे के लाल निशान से 40 से. मी. ऊपर बहने लगी है। इस कारण बड़हरा, शाहपुर और आरा सदर प्रखंड की कई पंचायतों के बधार में पानी पहुंच गया है। इससे लोगों में भय एवं दहशत का माहौल कायम हो गया है।जलस्तर बढ़ाने से खेतों में लगी सब्जी और भदई फसल के नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। बड़हरा में सुबह छह बजे जलस्तर 53.35 मीटर पर था, जबकि शाम में बढ़कर 53. 48 मीटर पर पहुंच गया है। वहीं खतरे का लाल निशान 53.08 मीटर है।
साथ ही जिले के शाहपुर प्रखंड के जवईनिया गांव में कटाव तेज हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार 20 घरों के गंगा में विलीन होने की बात कही गई है। वहीं जिला प्रशासन की ओर पांच- छह घरों के गंगा में समा जाने का दावा किया गया है। जारी कटाव के कारण ग्रामीणों को ट्रक समेत अन्य वाहनों से सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। डीएम तनय सुल्तानिया की ओर से इस गांव का निरीक्षण किया गया। इस दौरान ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई। डीएम की ओर से ग्रामीणों के लिए राहत व बचाव कार्य तेज करने का आदेश दिया गया। सामुदायिक किचेन समेत अन्य सुविधाओं को जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में चौकसी बढ़ाने तथा संभावित प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजे जाने का आदेश दिया गया। इस दौरान एसडीओ, डीएसपी, अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालक अभियंता, बाढ़ प्रमंडल बक्सर, बीडीओ एवं सीओ समेत थानाध्यक्ष मौजूद थे।




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