Bihar Flood: जांघ तक पानी, आरा-छपरा पुल से टूटा संपर्क तो पलायन भी शुरू; बिहार में सोन-गंगा का कहर
Bihar Flood: बीते पांच दिनों से सोन के उफान पर रहने के कारण तिलौथू, रोहतास, नौहट्टा समेत कई क्षेत्र के घरों में सोन का पानी प्रवेश कर चुका है। लोग सुरक्षित स्थान पर भी जाने लगे हैं। एसडीआरएफ की टीम के द्वारा भी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है।
बिहार के कई जिलों में बारिश हो रही है। बारिश की वजह से कई नदियां उफान पर हैं और बाढ़ की विनाशलीला भी शुूरू हो चुकी है। सारण के डोरीगंज में गंगा, सोन व सरयू के जलस्तर में वृद्धि से दियारा व तटीय इलाकों में एक दर्जन गांवों की दो हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित हो गई है। दियारा व तटीय इलाकों में लोगों की स्थिति भयावह हो गई है। सदर प्रखण्ड के बड़हरा महाजी, चकिया, कुतुबपुर, दयालचक, सबलपुर, सुरतपुर, रायपुर बिदगांवा व बलवन टोला समेत करीब 12 गांव के लगभग चार हजार की आबादी प्रभावित हो गयी है। इसमें 350 से अधिक लोग घर खाली कर दूसरी जगह पलायन होने पर मजबूर है। इन गांवों के संपर्क देर रात तक आरा-छपरा पुल से टूट गया है।
लोग जांघ तक पानी पारकर आरा-छपरा पुल तक पहुंच रहे हैं। यहां भी निचले इलाकों में पानी प्रवेश कर चुका है। इधर, रोहतास में सोन के कटाव को लेकर सोनतटीय गांव के लोग सशंकित हैं। बीते पांच दिनों से सोन के उफान पर रहने के कारण तिलौथू, रोहतास, नौहट्टा समेत कई क्षेत्र के घरों में सोन का पानी प्रवेश कर चुका है। लोग सुरक्षित स्थान पर भी जाने लगे हैं। एसडीआरएफ की टीम के द्वारा भी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। औरंगाबाद के गोह प्रखंड मुख्यालय के समीप बसा टकौरा गांव बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गया है।
दीघा नहर समेत 3 स्लुइस गेट बंद
पटना में गंगा नदी का जलस्तर 49.70 मीटर तक पहुंचने के कारण दीघा नहर के स्लुइस गेट और पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने से खानपुर और बरमुता अस्थायी डीपीएस के स्लुइस गेट को बंद कर दिया गया। पटना में जलजमाव को रोकने के लिए दीघा नहर, खानपुर और बरमुता अस्थायी डीपीएस पंप चलाए जा रहे हैं।
नगर निगम ने जल निकासी के लिए 56 स्थायी और 35 अस्थायी डीपीएस (ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन) का निर्माण किया है। गंगा के निकटवर्ती क्षेत्रों से दीघा नहर के माध्यम से तथा पुनपुन नदी के निकटवर्ती क्षेत्रों से खानपुर व बरमुत्ता में दो अस्थायी डीपीएस से पानी की निकासी की जाती है। जलनिकासी में न केवल शहर के 56 स्थायी डीपीएस का इस्तेमाल किया जा रहा, बल्कि अधिक जलजमाव वाले ऐसे स्थलों पर जहां स्थायी डीपीएस नहीं है, 36 अस्थायी डीपीएस भी बनाये गये हैं। दानापुर तक ऐसे अस्थायी डीपीएस हैं, जहां पंप लगा कर पानी निकालने की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। अस्थायी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों पर ट्राली माउंटेड पंपों का अधिष्ठापन पूर्व में ही किया गया है।




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