पटना एम्स के कमरा नंबर-515 में क्या हुआ, बेड पर छात्र की लाश; कई इंजेक्शन मिले
डॉक्टर को एम्स की इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही फुलवारीशरीफ डीएसपी और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और कमरे से कई तरह के नमूने जुटाए गए।

पटना एम्स में शनिवार को पीजी प्रथम वर्ष के छात्र डॉक्टर यजुवेंद्र साहू का शव हॉस्टल के कमरे में संदिग्ध हालत में मिला। यजुवेंद्र मूल रूप से ओडिशा का रहनेवाला था। हाल ही में एम्स पटना में पीजी (स्त्री एवं प्रसूति विभाग) में प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था। घटना हॉस्टल नंबर-10, कमरा नंबर-515 की है। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह जब यजुवेंद्र साहू का कमरा नहीं खुला तो उनके साथियों ने एम्स प्रशासन को सूचित किया। जिसके बाद फुलवारीशरीफ थाने को भी जानकारी दी गई। पुलिस और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जब कमरे का दरवाज़ा खोला गया, तो डॉक्टर यजुवेंद्र का शव बेड पर पड़ा मिला।
कमरे में कई सूई और इंजेक्शन पड़े थे, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने बेहोशी की दवा का अधिक मात्रा में सेवन कर आत्महत्या कर ली। डॉक्टर को एम्स की इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही फुलवारीशरीफ डीएसपी और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और कमरे से कई तरह के नमूने जुटाए गए।
फुलवारी एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। हालांकि, असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। एम्स के डीन डॉ. उमेश भदानी ने कहा कि प्रथम दृष्टया एनेस्थिसिया की अधिक मात्रा लेने से मौत हुई है।




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