तेजस्वी या सम्राट जैसा नहीं बनेंगे चिराग; बोले- नीतीश ही मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम लोजपा से कोई और बने
चिराग पासवान ने कहा है कि नीतीश कुमार काफी अनुभवी नेता हैं। उनमें सीएम बनने की योग्यता और क्षमता मौजूद है। मुख्यमंत्री पद के लिए कोई वैकेंसी नहीं है। डिप्टी सीएम लोजपा से कोई और नेता बने।

केंद्रीय मंत्री सह लोजपा आरवी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा है कि 2025 के चुनाव में एनडीए की सरकार बनेगी तो नीतीश कुमार फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्हें किसी पद का लालच नहीं है। डिप्टी सीएम पद के लिए भी कोई लालसा नहीं है। लेकिन उन्होंने कहा कि यह भी कहा कि उनकी पार्टी का कोई अनुभवी कार्यकर्ता उपमुख्यमंत्री बने। उन्होंने साफ कर दिया है वे सम्राट चौधरी या तेजस्वी यादव की भूमिका में नहीं रहना चाहते हैं।
एक न्यूज चैनल के साथ बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि नीतीश कुमार काफी अनुभवी नेता हैं। उनमें सीएम बनने की योग्यता और क्षमता मौजूद है। मौजूदा हालात में मुख्यमंत्री पद के लिए कोई वैकेंसी नहीं है। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में बिहार को आगे ले जाने का अनुभव नीतीश कुमार के पास ही है। ऐसे में एनडीए में मुख्यमंत्री पद के लिए किसी और विकल्प की चर्चा हो यह संभव ही नहीं है। खुद के लिए डिप्टी सीएम के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस पद की कोई लालसा नहीं है पर अगर परिस्थिति बनती है तो बिहार में रहने वाला उनकी पार्टी का कोई अनुभवी और जमीनी कार्यकर्ता डिप्टी सीएम जैसे गंभीर पद सुशोभित करे।
चिराग पासवान बिहार की राजनीति पर फोकस करना चाहते हैं। यही वजह है कि वे बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ने का मूड बना चुके हैं। शहाबाद की जनसभा से उन्होंने इस बात का ऐलान कर दिया। हालांकि, किस सीट से लड़ेंगे यह नहीं बताया। लेकिन, इतना तय माना जा रहा है कि वे किसी अनरिजर्व सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगे। जमुई सांसद और लोजपा-आरवी के प्रदेश प्रभारी अरुण भारती पहले जाहिर कर चुके हैं कि चिराग पासवान बिहार में अपनी भूमिका बड़ी करना चाहते। पटना में उन्हें सीएम बनाने के पोस्टर भी लगाए जा चुके हैं।
चिराग पासवान के ताजा स्टैंड पर विपक्षी कहते हैं कि उनकी नजर सीएम की कुर्सी पर है। एक चैनल के कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने यहां कह दिया था कि सीधे-सीधे क्यों नहीं बताते कि सीएम बनना चाहते हैं। चिराग पासवान बिहार लौटने की बात करते हैं तो इससे पहले बिहार ने उन्हें भगा दिया था क्या।




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