विपक्ष नवंबर में होने वाली हार का बहाना खोज रहा, वोटर लिस्ट रिवीजन के विरोध पर चिराग
बिहार चुनाव से पहले वोटर लिस्ट के गहन पुनरीक्षण पर सवाल उठा रहे विपक्ष पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि नवंबर में होने वाली हार का विपक्ष बहाना ढूंढ रहा है।

बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन) पर जारी सियासी हंगामे में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान कूद पड़े हैं। उन्होंने वोटर लिस्ट रिवीजन पर सवाल खड़े कर रहे विपक्ष को आड़े हाथों लिया है। लोजपा (रामविलास) पार्टी के प्रमुख चिराग ने गुरुवार को तंज कसते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के बाद नवंबर महीने में होने वाली हार का विपक्ष बहाना खोज रहा है। इन्हें किसी भी व्यवस्था पर यकीन नहीं है।
चिराग पासवान ने गुरुवार को पटना में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से औपचारिक मुलाकात की। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने वोटर लिस्ट रिवीजन पर सवाल उठा रही आरजेडी, कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष किसी भी संवैधानिक संस्था या संगठन पर भरोसा नहीं करता है। ये हर संस्था को सरकार की कठपुतली बताते हैं। जबकि सबसे पहली बार सीबीआई को तोता यूपीए की सरकार ने बताया था।
चिराग पासवान ने कहा कि विपक्षी दलों की नाराजगी और कुछ चिंताएं हो सकती हैं। मगर उसके लिए पूरी व्यवस्था को नकार देना कतई सही नहीं है। पहले ये (विपक्षी दल) ईवीएम पर सवाल उठा रहे थे, अब वोटर लिस्ट रिवीजन पर प्रश्न चिह्न खड़े कर रहे हैं।
बिहार में आगामी अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव संभावित है। इससे पहले चुनाव आयोग वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण करा रहा है। आरजेडी, कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कई सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष ने सड़क पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी भी दी है। इससे चुनावी साल में बिहार का सियासी पारा गर्माया हुआ है।




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