जीतनराम मांझी पिता समान, उनसे सीखता हूं; चिराग पासवान ने की झगड़ा खत्म करने की पहल
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मोदी कैबिनेट में अपने सहयोगी जीतनराम मांझी से चल रहे मनमुटाव को खत्म करने की पहल की है। चिराग ने मांझी को पिता समान बताते हुए उनकी बातों को सिर आंखों पर रखने की बात कही है।

बिहार एनडीए के दो बड़े दलित नेता जीतनराम मांझी और चिराग पासवान के बीच झगड़ा अब खत्म होने की संभावना दिख रही है। खुद चिराग ने इस ओर पहल की है। उन्होंने मांझी को पिता समान बताया और कहा कि वह उनसे सीखते हैं। बड़े लोगों के कठोर शब्द भी आशीर्वाद के समान होते हैं। चिराग ने यह भी कहा कि मांझी और उनके बयानों का इस्तेमाल कर एनडीए के बीच दरार दिखाने का प्रयास करने की विपक्ष की मंशा कभी पूरी नहीं होगी।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने गुरुवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात करने पटना स्थित राजभवन पहुंचे। राज्यपाल से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने मोदी कैबिनेट में अपने सहयोगी जीतनराम मांझी के साथ कथित विवाद पर प्रतिक्रिया दी।
चिराग ने कहा, “मांझी पिता तुल्य हैं। उनकी और मेरी उम्र में फर्क है। उनके अनुभव से मेरी तुलना नहीं की जा सकती है। मैंने हमेशा उनसे मार्गदर्शन की अपेक्षा रखी है। संसद में भी जब दोनों साथ बैठते हैं तो यही मार्गदर्शन लेता हूं कि अगर कहीं मैं गलत जा रहा हूं, कोई गलती हुई हो तो मेरा मार्गदर्शन करें।उनकी सारी बातें मेरे सिर आंखों पर हैं।उनकी कही हुई बातों पर गौर करके हम दोनों के बीच दरार आ जाए, यह संभव नहीं है।”
बीते कुछ दिनों से लोजपा-रामविलास के मुखिया चिराग पासवान और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के सुप्रीमो जीतनराम मांझी के बीच मनमुटाव की खबरें चल रही हैं। दो दिन पहले मांझी ने चिराग को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा था कि उनमें समझदारी और अनुभव की कमी है। पिछले महीने लोजपा-रामविलास की आरा में हुई जनसभा के बाद भी उन्होंने चिराग पासवान का नाम लिए बिना उनपर पैसे खर्च कर भीड़ जुटाने का आरोप लगाया था।




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