मोबिल बदलने भागलपुर से पटना आई पुलिस की गाड़ी, ईंधन कूपन के नाम पर भी खेला; EOU ने दर्ज किया केस
पुलिस वाहनों के ईंधन कूपन जारी किए जाने को लेकर भी काफी अनियमितताएं मिली हैं। आशंका है कि ऑफ रोड घोषित हो चुके कई पुलिस वाहनों के नाम पर भी ईंधन कूपन निर्गत किए गए। परिवहन शाखा ने फरवरी 2024 में नौ, जबकि मई 2025 में ऐसे 23 वाहनों की नीलामी की थी।
वाहनों में लगने वाले मोबिल और डीजल फिल्टर जैसे छोटे पुर्जे को बदलने के लिए भागलपुर पुलिस की गाड़ियां पटना के शोरूम लाई गईं। 200 से 500 रुपये तक मिलने वाले इस पुर्जे के लिए पुलिस वाहन ने भागलपुर से पटना आने-जाने में करीब 500 किलोमीटर की दूरी तय की। सरकारी वाहन के दुरुपयोग के साथ ही इस यात्रा पर करीब 50 लीटर ईंधन व्यय किया गया।बिहार पुलिस के आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की जांच में इसका खुलासा हुआ है। जांच में भागलपुर पुलिस के परिवहन शाखा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां उजागर होने के बाद ईओयू ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।
एक ही दिन में एक वाहन के नाम पर दो-दो बिल बने
ईओयू की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि डेढ़ दर्जन से अधिक वाहनों की मरम्मत या साजो सामान लगाने के नाम पर एक ही दिन में दो-दो बिल बनाये गये, जिनका भुगतान हुआ। उदाहरण के लिए करीब आधा दर्जन वाहनों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम और कॉशन लाइट लगाई गई। इसके लिए इन वाहनों के नाम पर एक ही दिन में दो-दो बिल बनाए गए। यह भुगतान पटना के एक शोरूम को किया गया।
परिवहन शाखा में अनियमितता का आलम यह था कि 2.5 लाख किमी चले वाहन के इंजन की भी 52 हजार रुपये से अधिक राशि खर्च कर मरम्मत कराई गई। ईओयू की एफआईआर में जांच के आधार पर करीब आधा दर्जन रद्दीकृत हो चुके वाहनों की मरम्मत में हजारों रुपये खर्च किए जाने की बात सामने आयी है। सरकारी नियमों के मुताबिक भारी सरकारी वाहनों के लिए 12 वर्ष या 1.5 लाख किमी (जो पहले लागू हो) ही सेवाकाल का निर्धारण किया गया है।
ऑफ रोड घोषित वाहनों के नाम पर ईंधन कूपन निर्गत
सरकारी पुलिस वाहनों के ईंधन कूपन जारी किए जाने को लेकर भी काफी अनियमितताएं मिली हैं। आशंका है कि ऑफ रोड घोषित हो चुके कई पुलिस वाहनों के नाम पर भी ईंधन कूपन निर्गत किए गए। परिवहन शाखा ने फरवरी 2024 में नौ, जबकि मई 2025 में ऐसे 23 वाहनों की नीलामी की थी। जांच टीम को इंधन आपूर्ति पंजी नहीं मिलने से ऐसे वास्तविक वाहनों की संख्या पता नहीं चल सकी है।
नवंबर 2023 में परिचारी की मृत्यु से जांच का संबंध
भागलपुर पुलिस की परिवहन शाखा में हुई यह जांच 28 नवंबर 2023 को परिवहन परिचारी अभिषेक कुमार की असामयिक मृत्यु के बाद हुई। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सीआईडी के आईजी दलजीत सिंह ने जांच की तो घोर अनियमितता और त्रुटियां मिलीं। इसके बाद ईओयू की एक टीम को जांच की जिम्मेदारी दी गयी, जिसने जुलाई 2025 में जांच के बाद अब एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की छानबीन शुरू की है।




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