बक्सर पर वर्चस्व को लेकर हुई चंदन की हत्या, शेरू ने जेल में रची साजिश; 3 गिरोह को साथ मिलाया
हत्या की साजिश घटना से काफी पहले जेल में बैठकर शेरू ने रची थी। चंदन मिश्रा की हत्या में किसकी क्या भूमिका होगी यह पहले से तय कर दी गई थी। एक गिरोह चंदन मिश्रा पर लगातार नजर रख रहा था। जैसे ही शेरू को अपने दुश्मन के जेल से बाहर आने की सूचना मिली वह उसकी हत्या की कोशिश में जुट गया था।

पटना के पारस अस्पताल में बक्सर के सजायाफ्ता कैदी चंदन मिश्रा की हत्या की साजिश पश्चिम बंगाल की जेल में बंद शेरू ने अपना वर्चस्व बढ़ाने के लिए रची थी। पुलिस की अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि अपराध की दुनिया में चंदन का बक्सर में खासा प्रभाव था। लिहाजा बक्सर पर अकेला कब्जा जमाने और अपना एकाधिकारी कायम करने के लिए शेरू ने चंदन को रास्ते से हटाया। चंदन की हत्या के लिए उसने तीन गिरोह को अपने साथ मिलाया। इसमें शूटर, हथियार तस्कर और चोरी का वाहन मुहैया कराने वाले अपराधी शामिल हैं।
हत्या की साजिश घटना से काफी पहले जेल में बैठकर शेरू ने रची थी। चंदन मिश्रा की हत्या में किसकी क्या भूमिका होगी यह पहले से तय कर दी गई थी। एक गिरोह चंदन मिश्रा पर लगातार नजर रख रहा था। जैसे ही शेरू को अपने दुश्मन के जेल से बाहर आने की सूचना मिली वह उसकी हत्या की कोशिश में जुट गया था। षड्यंत्र के मुताबिक शूटरों को हथियार और चोरी के वाहन मुहैया कराने के साथ आरोपितों को रुपये आदि उपलब्ध कराए थे।
17 जुलाई को गोलियों से भून डाला था
17 जुलाई को अपराधियों ने पारस अस्पताल में इलाजरत चंदन मिश्रा की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस शूटर तौसीफ उर्फ बादशाह और उसके मौसेरे भाई सहित चार को पहले गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, एसटीएफ और बक्सर पुलिस ने भोजपुर के बिहिया में मुठभेड़ के बाद शूटर बलवंत सिंह, रविरंजन और अभिषेक को दबोचा था।




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