Guru Purnima: गुरु पूर्णिमा पर इन शुभ मुहूर्त में करें स्नान-दान व पूजा
Guru Purnima 2025 Date: गुरु पूर्णिमा के दिन श्री विष्णु, देवी लक्ष्मी, चंद्रदेव एवं भगवान शिव का पूजन किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन का पूजन का अक्षय फल मिलता है। इस दिन लोग अपने गुरुओं का विशेष रूप से सम्मान करते हैं।

Guru Purnima 2025 Date, गुरु पूर्णिमा: आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस बार यह तिथि 10 जुलाई को आस्था व विश्वास के साथ मनाई जाएगी। इस दिन श्रीहरि विष्णु, देवी लक्ष्मी, चंद्रदेव एवं भगवान शिव का पूजन किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन का पूजन का अक्षय फल मिलता है। इस दिन लोग अपने गुरुओं का विशेष रूप से सम्मान करते हैं।
पं. नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, व्यास जी का जन्म इसी दिन हुआ था और उन्होंने पुराणों का लेखन भी इसी दिन प्रारंभ किया था। व्यासजी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। इसलिए श्री हरि विष्णु के पूजन से व्यास की पूजा का समावेश हो जाता है। इस दिन कोकिला व्रत रखा जाता है। इस साल इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग प्राप्त है।
गुरु पूर्णिमा पर इन शुभ मुहूर्त में करें स्नान-दान व पूजा
प्रातः काल से लेकर दिन में 3 बजकर 56 तक संपूर्ण समय उत्तम है, लेकिन उसमें विजय मुहूर्त का सर्वाधिक महत्व रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11 बजकर 36 से 12 बजकर 24 तक है। विजय मुहूर्त में अपने गुरु एवं भगवान विष्णु के पूजन का सर्वाधिक महत्व बना रहेगा।
पं. शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, भगवान बुद्ध ने इसी दिन धर्म चक्र परिवर्तन सूत्र का आरंभ किया था। साथ ही इस दिन व्यासजी की जयंती भी मनाई जाती है। प्रातः 5 बजकर 53 से प्रारंभ हो रहा है और दोपहर 3 बजकर 40 मिनट तक है। इस दिन बव करण और शुभ नक्षत्र उत्तराषाढ़ नक्षत्र का योग होने से अत्यंत प्रशस्त दिन के रूप में मान्य रहेगा। विजय मुहूर्त भी दिन में 2 बजकर 42 से 3 बजकर 40 तक रहेगा।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




साइन इन