कौन हैं सोमेंद्र तोमर? छात्र राजनीति से मंत्री तक; अब योगी कैबिनेट में बढ़ा कद; जानें बीजेपी की रणनीति
किसान आंदोलन के बाद सोमेंद्र तोमर ने युवाओं और गुर्जर समाज के बीच भाजपा की पकड़ को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई। छात्र राजनीति से शुरू करके भाजपा संगठन तक मजबूत पकड़ बनाने में कामयाब रहे सुरेंद्र तोमर अभी तक ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा राज्यमंत्री रहे। उन्हें अब स्वतंत्र प्रभार दिया गया है।

Yogi Cabinet Expension: योगी सरकार 2.0 के दूसरे कैबिनेट विस्तार में रविवार शाम जहां छह नए मंत्रियों ने शपथ ली वहीं दो मंत्रियों का प्रमोशन भी हुआ। इनमें डा. सोमेंद्र तोमर का नाम सुर्खियों में है। मेरठ दक्षिण सीट से लगातार दूसरी बार विधायक बने सोमेंद्र तोमर को बीजेपी का मजबूत गुर्जर चेहरा माना जाता है। किसान आंदोलन के बाद वेस्ट यूपी के बदले राजनीतिक परिदृश्य में सोमेंद्र तोमर ने युवाओं और गुर्जर समाज के बीच भाजपा की पकड़ को दोबारा मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई। छात्र राजनीति से शुरू करके भाजपा संगठन तक मजबूत पकड़ बनाने में कामयाब रहे सोमेंद्र तोमर अभी तक ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा राज्यमंत्री रहे। उन्हें अब स्वतंत्र प्रभार दिया गया है। रविवार शाम जनभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
सोमेंद्र तोमर जिस मेरठ से चुनकर आते हैं उसे जटिल और उलझे जातिगत समीकरणों वाला इलाका माना जाता है। इस जटिलता के बीच सोमेंद्र तोमर ने अपनी एक खास पहचान बनाई है। 2022 में मेरठ से तोमर और दिनेश खटिक को योगी सरकार में राज्यमंत्री बनाया गया था। अब गुर्जर समाज से आने वाले सोमेंद्र तोमर को प्रमोशन दिया जाना अगले साल यानी 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव के लिहाज से खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि समाजवादी पार्टी ने हाल में गुर्जर समाज में अपनी पकड़ बनाने के लिए दादरी में सम्मेलन किया गया। सपा ने गुर्जर समाज में अपनी पैठ को मजबूत बनाने के लिए कई रणनीतियां अपनाईं। ऐसे में डा. सोमेंद्र तोमर को प्रोन्नति देकर स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाया जाना सियासी दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
छात्र राजनीति से निकले हैं सोमेंद्र
सोमेंद्र तोमर छात्र राजनीति से निकले हैं। वह मेरठ दक्षिण सीट से दूसरी बार विधानसभा में पहुंचे हैं। डा. सोमेंद्र तोमर को पहली बार 2022 में राज्यमंत्री बनाया गया। डा.सोमेंद्र 1998-2004 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में रहे। 1998 में विद्यार्थी परिषद के विश्वविद्यालय मंत्री और 2004 में विद्यार्थी परिषद पैनल से छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए। वह 2004 में भाजयुमो के प्रदेश संयोजक रहे। भाजपा ने 2012 में पहली बार सोमेंद्र तोमर को टिकट दिया, लेकिन फिर बदल दिया गया। 2017 में उन्हें टिकट मिला और उन्होंने जीत दर्ज की। 2022 चुनाव में लगातार दूसरी बार उन्होंने जीत हासिल की। इसके बाद योगी 2.0 सरकार में उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया। भाजपा संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। मूल रूप से बागपत के खैली गांव के रहने वाले सोमेंद्र तोमर वर्तमान में मेरठ के शास्त्रीनगर में रहते हैं।




साइन इन