Yogi Cabinet Expansion: कौन हैं अजीत पाल? योगी कैबिनेट में जिनका प्रमोशन हो गया, जानें पूरी डिटेल
योगी कैबिनेट का आज विस्तार हो गया। जिसमें 6 नए मंत्रियों ने शपथ ली। वहीं दो मंत्रियों का प्रमोशन भी शामिल हैं। अजीत पाल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बन गए हैं। अजीत कानपुर देहात की सिकंदरा सीट से विधायक हैं, 2017 के उपचुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी।

Yogi Cabinet Expansion: योगी 2.0 का आज दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार हो गया है। है। जिसमें 6 नए मंत्रियों ने शपथ ली। वहीं दो मंत्रियों का प्रमोशन हुआ। जिसमें अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर शामिल हैं। अजीत पाल राज्य मंत्री से राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बन गए हैं। उन्होने भी मंत्री पद की शपथ ली। वे कानपुर देहात की सिकंदरा सीट से विधायक हैं, 2017 के उपचुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी। योगी सरकार में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के राज्य मंत्री थे। जिनका प्रमोशन करके स्वतंत्र प्रभार मंत्री बना दिया गया है।
राजनीति में आने से पहले केमिकल इंजीनियर थे
राजनीति में आने से पहले वे केमिकल इंजीनियर के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने बीटेक, एमटेक और मैनेजमेंट की पढ़ाई की है, जिसकी वजह से भाजपा ने उनकी तकनीकी और शिक्षित छवि को प्रमुखता से आगे बढ़ाया। अजीत पाल का जन्म 21 अगस्त 1978 को कानपुर देहात में हुआ था। उनके पिता मथुरा प्रसाद पाल क्षेत्र के बड़े नेता रहे और बसपा सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री भी रहे थे।
2017 का उपचुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे
वर्ष 2017 में पिता के निधन के बाद सिकंदरा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा ने अजीत पाल को उम्मीदवार बनाया। उन्होंने चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद 2022 विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत दर्ज कर क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ साबित की। भाजपा संगठन में अजीत पाल को मजबूत ओबीसी चेहरे के रूप में देखा जाता है।
ओबीसी के बड़े चेहरे के तौर पर जाने जाते हैं
कानपुर देहात की रसूलाबाद, भोगनीपुर और अकबरपुर रनियां जैसी सीटों पर पार्टी के सामाजिक समीकरण मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। सड़क, बिजली और सिंचाई जैसे स्थानीय मुद्दों पर उनकी सक्रियता ने उन्हें क्षेत्रीय राजनीति का मजबूत स्तंभ बना दिया है। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि कैबिनेट में उनकी भूमिका बढ़ने से कानपुर देहात समेत पूरे क्षेत्र में भाजपा की संगठनात्मक और चुनावी रणनीति को और मजबूती मिलेगी।




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