साथ जीना मुमकिन न हुआ तो साथ में मौत को लगा लिया गले, प्रेमी-प्रेमिका ने जहर खाकर दे दी जान
यूपी-बिहार बार्डर से सटे देवरिया के एक गांव की रहने वाली युवती 2 बहनों में छोटी थी। कोई भाई नहीं है। बड़ी बहन की शादी तरकुलवा थाना क्षेत्र के पथरदेवा कस्बा में हुई थी। पिता दवा की दुकान चलाते हैं। छोटी बेटी होने के चलते परिवार का कोई भी सदस्य उसकी इच्छा के विपरीत नहीं जाता था।
UP News : उत्तर प्रदेश के देवरिया में एक प्रेमी जोड़े को साथ जीना मुश्किल लगा तो उन्होंने साथ में मरने का फैसला कर लिया। दोनों ने एक साथ इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कहने की ठान ली और फिर प्रेमी के बुलाने पर प्रेमिका अपने कमरे से उसके पास पहुंच गई। दोनों ने एक साथ जहर खाया और एक साथ ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर आए युवती के पिता और चचेरे भाई फूट-फूटकर रोते दिखे। उनका दर्द और रुलाई देखकर अन्य लोगों की भी आंखें भर आई।
यूपी-बिहार बार्डर से सटे देवरिया के एक गांव की रहने वाली युवती दो बहनों में छोटी थी। कोई भाई नहीं है। बड़ी बहन की शादी तरकुलवा थाना क्षेत्र के पथरदेवा कस्बा में हुई थी। पिता पकहां में दवा की दुकान चलाते हैं। छोटी बेटी होने के चलते परिवार का कोई भी सदस्य उसकी इच्छा के विपरीत नहीं जाता था। जितनी बात कहती, परिवार के लोग उसकी हर ख्वाइश को पूरा करते थे। उसका जब-जब मन करता, वह पथरदेवा बहन के घर आ जाती और कई-कई सप्ताह तक वहां रहती थी।
बहन के घर रहने के दौरान ही सामने वाले घर में रहने वाले 22 वर्षीय युवक से उसका प्रेम हो गया। आए दिन दोनों समाज से छुप कर मिलते भी थे। सूत्रों की मानें तो पथरदेवा कस्बे के बहुत से लोगों को इनकी प्रेम कहानी की जानकारी थी। दोनों के जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की घटना के बाद हर कोई यह कह रहा है कि आखिर ऐसी कौन सी दिक्कत आ गई थी कि दोनों ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। परिवार के सदस्यों की मानें तो सुबह 11 बजे दोनों निकले थे। शाम को उनके बेहोशी की हालत में मिलने की सूचना मिली। दोनों ने जहर कहां खाया, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
रोते हुए पिता बोले, काश एक बार हमसे बोली होती
पकहां में मेडिकल स्टोर चलाने वाले पिता पूरी रात मेडिकल कालेज में जमे रहे। जब पुलिस पंचनामा तैयार करने लगी तो शव देखने के लिए पिता और चचेरे भाई आगे बढ़े। जैसे ही बेटी का चेहरा उन्होंने देखा, उनकी आंखें डबडबा गईं। पिता रोते हुए बोलने लगे कि काश बेटी एक बार हमसे बोली होती, तेरी इच्छा के विपरीत नहीं जाते। तुम्हारी खुशी में मेरी खुशी थी। पिता ने बताया कि इसकी भनक परिवार के किसी सदस्य को नहीं थी। अगर होती तो पहले ही पथरदेवा या देवरिया हम भेजते नहीं, या फिर उसकी खुशी के लिए उसकी शादी करा देते।
घटना के दिन ही हुआ था बीए में नामांकन
युवती इंटर तक की पढ़ाई पूरी कर चुकी थी। पिता से उसने पथरदेवा स्थित एक महाविद्यालय में नामांकन कराने की बात कही तो पिता रविवार को ही पिता पथरदेवा पहुंचे और एक शिक्षक को नामांकन कराने के लिए फीस और डाक्यूमेंट्स देकर आए। पिता का कहना था कि दोपहर को उसकी फीस दी और रात को उसकी मौत की सूचना मिली।
देवरिया में कोचिंग और सिलाई के लिए ली थी रुपया
लड़की ने इस साल जनवरी में अपने पिता से रुपए लिए थे। उसने कहा था कि वह अब देवरिया में रहेगी और वहीं पर सिलाई सीखने के साथ ही कोचिंग भी करेगी। रिश्ते की एक बहन और बहनोई के परमार्थी पोखरा स्थित किराये के कमरे में वह भी रहती थी। इन दिनों वह देवरिया में ही रह रही थी। बहनोई की मानें तो वह सुबह 11 बजे घर से निकली थी और शाम तक नहीं आई तो उसकी हम लोगों ने तलाश शुरू कर दी। देर रात उसके बेहोश होने और फिर मरने की सूचना आ गई।




साइन इन