यूपी पंचायत चुनाव: सब ठीक रहा तो सर्दियों में चुनी जाएगी गांव की सरकार; योगी कैबिनेट ने बढ़ाई हलचल
अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव राजनीतिक दलों के लिए अपनी ताकत आजमाने और दिखाने का अवसर होगा। एक बार फिर गांव से लेकर, ब्लॉक और जिला पंचायत स्तर तक जोर शोर से तैयारियां दिखने लगी हैं। भावी उम्मीदवारों ने फिर से समर्थकों को सक्रिय करके जनसंपर्क शुरू कर दिया है।

UP Panchayat Election : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की सबसे बड़ी बाधा को सोमवार को योगी आदित्यनाथ सरकार ने दूर कर दिया। योगी सरकार ने बड़ा दांव चलते हुए सोमवार को पंचायत चुनाव में आरक्षण के लिए समर्पित ओबीसी आयोग को मंजूरी दे दी। योगी कैबिनेट के इस फैसले से यूपी में सियासी हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि सब कुछ ठीक रहा तो इस साल सर्दियों में गांव की सरकार चुन ली जाएगी। अक्टूबर-नवंबर तक यूपी में पंचायत चुनाव कराए जा सकते हैं।
पार्टी सिंबल पर न होने के बावजूद राजनीतिक दलों के लिए पंचायत चुनाव खासे महत्वपूर्ण होते हैं। अगले साल यानी 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव से पहले यह उनके लिए अपनी ताकत आजमाने और दिखाने का अवसर होगा। ऐसे में अब एक बार फिर गांव से लेकर, ब्लॉक और जिला पंचायत स्तर तक जोर शोर से तैयारियां दिखने लगी हैं। भावी उम्मीदवारों ने फिर से समर्थकों को सक्रिय करके जनसंपर्क शुरू कर दिया है।
रैपिड सर्वे करेगा आयोग
समर्पित ओबीसी आयोग के गठन के साथ ही अब यूपी में पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। नया समर्पित ओबीसी आयोग प्रदेश में रैपिड सर्वे करेगा। इस सर्वे के जरिए ही पिछड़ों की वास्तविक आबादी का पता लगाया जाएगा। फिर उसी के अनुसार सीटों का आरक्षण लागू होगा। इसके बाद पंचायत चुनाव कराए जा सकेंगे।
26 मई को खत्म हो जाएगा ग्राम प्रधानों का मौजूदा कार्यकाल
उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का मौजूदा कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। ग्राम प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव तय समय पर अप्रैल-मई में हो जाने चाहिए थे लेकिन आरक्षण प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो सकी। इसकी वजह समर्पित ओबीसी आयोग का न होना था। अब जब योगी सरकार ने कैबिनेट बैठक में ओबीसी आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है तो कहा जा रहा है कि पंचायत चुनाव की सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई है। सरकार ने यह निर्णय हाई कोर्ट द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन में लिया है।
कब होंगे चुनाव?
समर्पित ओबीसी आयोग की अंतिम रिपोर्ट के बाद पंचायत चुनाव में आरक्षण संबंधी अधिसूचना जारी होगी। इसके आधार पर हुए आरक्षण को लेकर को किसी तरह का कोई सवाल नहीं खड़ा हुआ और कानूनी पेच नहीं फंसा तो फिर पंचायत चुनाव कराए जा सकेंगे। चुनाव आयोग पंचायत चुनाव को लेकर कार्यक्रम घोषित करेगा और तारीखों का ऐलान करेगा। जानकारों का कहना है कि इस प्रक्रिया में करीब पांच से सात महीने का समय लग सकता है। इस लिहाज से सब कुछ ठीक रहा तो संभावना है कि इस साल अक्टूबर-नवंबर तक पंचायत चुनाव कराए जा सकें।




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