यूपी में वीकेंड पर ड्रिंक एंड ड्राइव जांच शुरू, दो दिन में धराए 2654 शराबी ड्राइवर, 2.65 करोड़ का चालान
अभियान के दौरान शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पाये गये 2,654 ड्राइवरों से अर्थदंड के रूप में दो करोड़ 65 लाख 40 हजार रुपए यानी करीब 2.65 करोड़ रुपयों का चालान किया गया। अभियान के दौरान टोल प्लाजाओं पर प्रत्येक लेन के लिए समर्पित चेकिंग टीमें नियुक्त की गईं।

UP News : उत्तर प्रदेश में सप्ताहांत (वीकेंड) पर ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ की सघन जांच शुरू हो गई है। पिछले दो दिन नौ और 10 मई को हुई जांच में ही शराब पीकर ड्राइव करते हुए 2654 लोग पकड़े गए हैं। अभियान के दौरान कुल 69,683 गाड़ियों की जांच की गई। इस दौरान शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पाये गये 2,654 ड्राइवरों से अर्थदंड के रूप में दो करोड़ 65 लाख 40 हजार रुपए यानी लगभग 2.65 करोड़ रुपयों का चालान किया गया।
प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर प्रदेश के यातायात निदेशालय द्वारा नौ और 10 मई 2026 (शनिवार और रविवार) को पूरे प्रदेश में शराब पीकर गाड़ी चलाने की प्रवृति पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जनपदीय नोडल अधिकारी, यातायात और क्षेत्राधिकारियों की अगुवाई में और परिवहन विभाग के सहायक सम्भागीय अधिकारियों का सहयोग लेते हुए संयुक्त अभियान संचालित किया गया। इस दौरान अभियान में प्रदेश में कुल 135 टोल प्लाजाओं पर यातायात और नागरिक पुलिस के कुल 3,645 अधिकारी-कर्मचारी, जिनमें 135 निरीक्षक, 270 उपनिरीक्षक, 1,080 मुख्य आरक्षी-आरक्षी (पुरुष), 1,080 मुख्य आरक्षी/आरक्षी (महिला) और 1,080 होमगार्ड तैनात रहे।
शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के चलते हुईं कई दुर्घटनाएं
इस अभियान के संबंध में जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार उत्तर प्रदेश में पिछले वर्षों में घटित सड़क दुर्घटनाओं के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि वर्ष 2023, 2024 और 2025 में घटित कुल सड़क दुर्घटनाओं में क्रमशः 8.61%, 6.05% और 3.51% दुर्घटनाएं मद्यपान कर वाहन चलाने के कारण हुईं। आंकड़ों की समीक्षा में यह पाया गया कि सप्ताहांत (Weekends) पर कतिपय व्यक्तियों द्वारा नशे की अवस्था में वाहन चलाया जाता है, जिससे मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष रूप से रात के समय वाहन चालकों और निर्दोष नागरिकों की जान को गंभीर खतरा उत्पन्न होता है।
टोल प्लाजा की हर लेन में लगीं चेकिंग टीमें
अभियान के दौरान टोल प्लाजाओं पर प्रत्येक लेन के लिए समर्पित (Dedicated) चेकिंग टीमें नियुक्त की गईं। उन्हें टॉर्च, रिफ्लेक्टिव जैकेट, बॉडी वॉर्न कैमरा, लाउड हेलर और ब्रेथ एनालाइजर उपलब्ध कराये गये। अभियान में लगी महिला पुलिसकर्मियों द्वारा “Meet and Greet” की प्रक्रिया अपनाते हुये परिवार के साथ यात्रा कर रही महिलाओं से कुशलक्षेम पूछा गया। यात्रा के दौरान आने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए भी समुचित प्रयास किये गये। इसके अलावा निर्माण सामग्री परिवहन करने वाले डंपर/ट्रकों की HSRP (High Security Registration Plate) का मौके पर ही सत्यापन किया गया।
शराब पीकर गाड़ी चलाना दण्डनीय अपराध
मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 185 के अन्तर्गत रक्त में अल्कोहल की मात्रा 30 mg प्रति 100 ml (0.03% BAC) से अधिक होने पर वाहन चलाना दण्डनीय अपराध है। ब्रेथ एनालाइजर परीक्षण में असफल पाये जाने पर पहली बार अपराध के लिए 10,000 रूपये का अर्थदण्ड अथवा 6 माह का कारावास अथवा दोनों तथा पुनरावृत्ति की स्थिति में 15,000 रूपये का अर्थदण्ड अथवा 2 वर्ष का कारावास अथवा दोनों का प्रावधान है।




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