प्रतीक यादव से मांगी गई थी 4 करोड़ की रंगदारी, POCSO एक्ट में फंसाने की दी गई थी धमकी
प्रतीक यादव ने यह आरोप भी लगाया था कि उन्हें फेक ऑडियो वायरल कर परिवार की छवि खराब करने की बात कहकर भी डराया गया था। रियल एस्टेट कारोबारी, उनकी पत्नी और पिता पर आरोप लगाए ग्ए थे। प्रतीक ने धोखाधड़ी और 4 करोड़ से ज्यादा की रंगदारी मांगे जाने और पॉक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया था।

UP News : पूर्च मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का बुधवार की सुबह आकस्मिक निधन हो गया। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य खराब होने के चलते उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया था जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। प्रतीक यादव का पोस्टमार्टम कराया गया है और सबको उसकी रिपोर्ट सामने आने का इंतजार है। इस बीच प्रतीक यादव के निधन को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। प्रतीक के निधन के बाद उनसे जुड़ी तमाम बातें सामने आ रही हैं। इस मौके पर लोग पिछले साल यानी 2025 के जुलाई महीने में प्रतीक यादव द्वारा गौतमपल्ली थाने में दर्ज कराई गई उस एफआईआर की चर्चा कर रहे हैं जिसमें उन्होंने चिनहट थाना क्षेत्र में रहने वाले एक कारोबारी, उनकी पत्नी और पिता पर बिजनेस के नाम पर करोड़ों रुपए लेने और पैसे वापस मांगने पर पाक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया था।
प्रतीक ने यह आरोप भी लगाया था कि उन्हें फेक ऑडियो वायरल कर परिवार की छवि खराब करने की बात कहकर भी डराया गया था। रियल एस्टेट कारोबारी कृष्णानंद पांडेय, उनकी पत्नी वंदना और पिता अशोक पांडेय पर आरोप लगाए ग्ए थे। प्रतीक ने धोखाधड़ी और करीब चार करोड़ रुपए से ज्यादा की रंगदारी मांगे जाने और पॉक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया था। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। आरोप लगाया गया था प्रतीक यादव से न सिर्फ लाखों रुपए निवेश के नाम पर हड़पे गए बल्कि रकम मांगने पर गंभीर मामलों में फंसाने और फर्जी ऑडियो वायरल करने की धमकी दी गई।
लखनऊ में जिम चलाते थे प्रतीक यादव
प्रतीक यादव के निधन के बाद उनके बारे में विस्तृत जानकारियां सामने आ रही हैं। मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहते थे। वह लखनऊ के रियल एस्टेट और फिटनेस इंडस्ट्री से जुड़े हुए थे। सत्ता की चकाचौंध से दूर प्रतीक यादव ने अपनी मेहनत से अपना व्यवसाय खड़ा किया था। उन्होंने लखनऊ में शानदार जिम बनाया और रियल एस्टेट के कारोबार में भी खुद को मजबूती से खड़ा किया। उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए अखिलेश यादव ने भी उन्हें ‘बहुत अच्छा लड़का’ कहकर याद किया और कहा कि वह अपने दम पर कुछ करना चाहते थे। प्रतीक यादव ने पिता की राजनीतिक विरासत की बजाए अपने जुनून जिम और रियल एस्टेट को अपना करियर बनाया। उनकी व्यवसायिक सूझबूझ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने विरासत में मिली संपत्ति को अपने टैलेंट से कई गुना बढ़ाया था। उनकी नेटवर्थ और व्यवसायिक पोटफोलियो के कई प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स शामिल थे। कहा जा रहा है कि उन्होंने अपने काम के लिए कभी भी राजनीतिक प्रभाव का सहारा नहीं लिया। अपनी व्यवसायिक योग्यता से अलग मुकाम हासिल किया।
पशु प्रेमी भी थे प्रतीक
प्रतीक यादव को पशु प्रेम के लिए भी जाना जाता था। लखनऊ के कान्हा उपवन में अपनी पत्नी अपर्णा यादव की बड़ी गोशाला प्रबंधन और समाज सेवा के काम में भी वह सहयोग करते थे। वह स्ट्रीट डॉग को लेकर भी चिंतित रहते थे। उनकी व्यवस्थाओं के लिए उन्होंने कई काम किए थे।




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