किस बीमारी से प्रतीक यादव की मौत? मुंबई से करवा रहे थे इलाज, तीन दिन पहले मेदांता में भी भर्ती
पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन्हें सुबह 6:15 बजे उनके परिवार वाले अस्पताल लाए थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और अस्पताल के डॉक्टरों का एक पैनल जल्द ही उनके शव का पोस्टमॉर्टम करेगा, ताकि उनकी मौत की वजह का पता चल सके।

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का लखनऊ में 38 साल की उम्र में निधन हो गया। बुधवार को उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था। वह बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन्हें सुबह 6:15 बजे उनके परिवार वाले अस्पताल लाए थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और अस्पताल के डॉक्टरों का एक पैनल जल्द ही उनके शव का पोस्टमॉर्टम करेगा, ताकि उनकी मौत की वजह का पता चल सके। बताया जा रहा है कि प्रतीक लंबे समय से फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार उनके फेफड़ों में खून का थक्का जमने का इलाज चल रहा था। जब सुबह उनकी तबीयत ज़्यादा बिगड़ गई और उन्होंने कोई प्रतिक्रिया देना बंद कर दिया, तो उनके परिवार वाले उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि, अभी मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं है। इससे पहले तीन दिन पहले भी प्रतीक मेदांता में भर्ती हुए थे। उन्होंने पिछले दिनों मुंबई में लंबे समय तक रहकर इलाज भी कराया था। उनकी मौत के बाद कहा जा रहा है कि जिम से जुड़े प्रतीक और फिटनेस गुरु भी रहे फिर भी बीमारी से मात खा गए।
प्रतीक की बुधवार सुबह साढ़े पांच बजे से हालत बिगड़ी थी। उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां चिकित्सकों ने ब्रॉड डेड घोषित कर दिया और बॉडी पोस्टमार्टम के लिए भेज दी। डॉक्टरों का कहना है कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चलेगा। प्रतीक का लखनऊ में सबसे बड़ा जिम है। साथ ही प्रतीक फिट इंडिया के पहले सियासी आइकन भी हैं। प्रतीक का बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन है जिसने युवाओं को प्रेरित किया है। 100 किलो से अधिक वजन घटाकर प्रतीक आयरन मैन बने हैं और इंटरनेशनल फिटनेस मैगजीन तक का सफर तय किया है।
सितंबर 2012 में, उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराही गई बॉडीबिल्डिंग वेबसाइट पर महीने के अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफ़ॉर्मेशन के रूप में दिखाया गया था। उन्होंने अपने इस ट्रांसफ़ॉर्मेशन का श्रेय मुलायम सिंह यादव से एक दशक से भी पहले मिली एक हौसला बढ़ाने वाली बातचीत को दिया था।




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