प्रतीक की मौत की खबर मिलते ही लखनऊ लौटीं अपर्णा यादव, एयरपोर्ट से सीधे आवास पहुंचीं
Prateek Yadav Death: प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव सोमनाथ मंदिर से लौटने के बाद कल दिल्ली में रुकी थीं। पति की मौत की खबर मिलते ही वह दिल्ली से लखनऊ पहुंच गईं। लखनऊ एयरपोर्ट से अपर्णा यादव सीधे अपने आवास पहुंची हैं।

Prateek Yadav Death: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के भाई और बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का बुधवार सुबह लखनऊ में 38 साल की उम्र में निधन हो गया। सिविल अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि सुबह करीब 5 बजे प्रतीक यादव की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने के बाद डॉक्टरों की एक टीम उनके घर भेजी गई थी। उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां सुबह 5:55 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव पति की मौत की खबर सुनते ही लखनऊ पहुंचीं। अपर्णा एयरपोर्ट से निकलकर सीधे अपने आवास पहुंचीं।
बताया जा रहा है कि प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव पिछले कई दिनों से सोमनाथ मंदिर पूजा अर्चना के सिलसिले में गई हुई थीं। सोमनाथ से लौटने के बाद अपर्णा यादव कल दिल्ली में रुकी थीं। पति की मौत की खबर मिलते ही वह दिल्ली से रवाना होकर दोपहर 2 बजे लखनऊ पहुंचीं। सूत्रों के अनुसार प्रतीक को सुबह तड़के दिक्कत हुई थी। ड्राइवर अस्पताल गया और डाक्टर को लेकर घर आया। फिर प्रतीक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों की टीम ने जांच कर उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल पाएगा। प्रतीक यादव, स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता के बेटे थे। वे सक्रिय राजनीति से दूर रहे और रियल एस्टेट तथा फिटनेस के क्षेत्रों में व्यावसायिक उपक्रमों से जुड़े रहे। उन्होंने यूनाइटेड किंगडम के लीड्स विश्वविद्यालय से पढ़ाई की थी और लखनऊ में द फिटनेस प्लैनेट नाम से एक जिम चलाते थे। वे 'जीव आश्रय' नामक एक संगठन के माध्यम से पशु कल्याण गतिविधियों में भी शामिल थे, जो आवारा कुत्तों को बचाने और उनकी देखभाल करने का काम करते हैं।

अपर्णा ने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की, जब उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ कैंट सीट से चुनाव लड़ा। चुनाव प्रचार के दौरान, अखिलेश यादव उनके लिए प्रचार करते हुए नज़र आए थे। हालांकि, वह यह चुनाव बीजेपी उम्मीदवार रीता बहुगुणा जोशी से हार गईं, जिन्हें लगभग 63,000 वोट मिले थे। 2022 में, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले, अपर्णा ने पाला बदल लिया और बीजेपी में शामिल हो गईं।
बीजेपी में औपचारिक रूप से शामिल होने से पहले भी, उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ़ की थी। दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में पार्टी में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा था कि मैं बीजेपी की बहुत आभारी हूं। मेरे लिए देश हमेशा सबसे पहले आता है। मैं पीएम मोदी के काम की तारीफ़ करती हूँ। उन्होंने बीजेपी की विभिन्न पहलों की भी तारीफ़ की, जिनमें स्वच्छ भारत मिशन, महिला कल्याण और रोज़गार योजनाएं शामिल हैं।




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