यूपी के स्कूलों में बड़ा अभियान चलाने की तैयारी, कई विभाग मिलकर करेंगे ये बड़ा काम
एनीमिया पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए इसकी रिपोर्टिंग पर फोकस किया जाएगा। प्रदेश में एक समग्र डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली भी विकसित की जाएगी। सोशल मीडिया की भी मदद ली जाएगी। एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत प्रदेश में ऐसी कई नई पहल की जाएंगी। पूरा फोकस समुदाय की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर रहेगा।

UP News : उत्तर प्रदेश में महिलाओं और छात्राओं में एनीमिया (खून की कमी) की समस्या गंभीर है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार महिलाओं और लड़कियों में यह करीब 60% तक है, कई शहरों में स्कूली छात्राओं में 90% तक है। छात्राओं को एनीमिया से बचाने की मुहिम प्रदेश में तेज होगी। इसके लिए एनीमिया मुक्त विद्यालय और एनीमिया मुक्त पंचायत अभियान चलेगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज सहित कई विभाग मिलकर इसे अमली जामा पहनाएंगे।
एनीमिया पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए इसकी रिपोर्टिंग पर फोकस किया जाएगा। प्रदेश में एक समग्र डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली भी विकसित की जाएगी। जागरूकता के लिए सोशल मीडिया की भी मदद ली जाएगी। एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत प्रदेश में ऐसी कई नई पहल की जाएंगी। पूरा फोकस समुदाय की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर रहेगा। खासतौर से खानपान को लेकर जागरूक किया जाएगा। दरअसल एनीमिया का सीधा प्रभाव महिलाओं, शिशुओं, बच्चों व किशोरियों के स्वास्थ्य पर पड़ता है।
जांच-उपचार और फॉलोअप की हो सकेगी ट्रैकिंग
एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम की डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा। इसी आधार पर प्रदेश में समग्र डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली विकसित की जाएगी, ताकि सभी आयु वर्ग के लाभार्थियों की एनीमिया जांच, उपचार और फॉलो-अप की सटीक और समयबद्ध ट्रैकिंग सुनिश्चित की जा सके।
वहीं एनीमिया मुक्त कक्षा, एनीमिया मुक्त विद्यालय और एनीमिया मुक्त पंचायत जैसी पहल भी चरणबद्ध ढंग से प्रदेश में शुरू की जा रही हैं। एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत आइरन फोलिक एसिड की संरचना को फैरस सल्फेट के स्थान पर फेरस एस्कॉरबेट में परिवर्तित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल चुकी है। यूपी मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन को इसी नई संरचना की आइरन फोलिक एसिड की गोलियों की खरीद करनी है।
एनीमिया से बचने के लिए खान-पान पर दें खास ध्यान
एनीमिया ऐसी स्थिति है जिसमें रक्त में लाल रक्त कोशिका रेड ब्लड सेल्स या हीमोग्लोबिन की संख्या कम हो जाती है। हीमोग्लोबिन एक प्रोटीन है जो रक्त में ऑक्सीजन को शरीर के विभिन्न भागों तक पहुचाता है। जब लाल रक्त कोशिकाओं या हीमोग्लोबिन की संख्या कम होती है, तो शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है। जिससे कमजोरी, थकान और सांस फूलने जैसे लक्षण हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि एनीमिया की कमी को दूर करने के लिए आहार में बदलाव ही सबसे सरल उपाय है। एनीमिया के दौरान प्रोटीन युक्त खाने के साथ लिए लौह तत्वयुक्त चीज का सेवन करना चाहिए। जैसे कि पालक, सोयाबीन, चुकंदर, लाल मांस, मूंगफली , मक्खन, अंडे, टमाटर, अनार, शहद, सेब, खजूर आदि प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करें। जो कि आपके शरीर की कमी को पूरा करता है और हीमोग्लोबिन जैसी कमी भी दूर होती है साथ ही इससे आपको एनीमिया जैसी बीमारी से बचाव भी मिल जाता है।




साइन इन