अनदेखी चुनाव में पड़ेगी भारी, स्मार्ट मीटर कनेक्शन कट पर BJP MLA ने लिखी चिट्ठी; ऊर्जा मंत्री से मिलीं
किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से पहले विभाग को कम से कम 5 बार SMS भेजना होता है। बकाया जमा करने के लिए तीन दिन का अतिरिक्त समय देना अनिवार्य है, लेकिन जमीनी स्तर पर इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि कई बार अग्रिम धनराशि जमा होने के बावजूद अचानक बिजली काट दी जाती है।

UP News: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में स्मार्ट मीटर निगेटिव बैलेंस पर बिजली कनेक्शन कट जाने से उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। उनका आरोप है कि बिना कोई पूर्व सूचना के उनके कनेक्शन काट दिए जा रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर अलीगढ़ शहर से भाजपा विधायक मुक्ता राजा ने सोमवार को ऊर्जा मंत्री से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें और ऊर्जा मंत्री को लिखी चिट्ठी उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा की है। चिट्ठी में उन्होंने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इसमें उन्होंने यहां तक लिख दिया है- नगरवासी विद्युत उपखंडों पर जाकर, हमारे कार्यालय आकर और समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित कराकर स्मार्ट मीटर का विरोध कर रहे हैं। जिस प्रकार आमजन का आक्रोश लावा बनकर फूट रहा है, उसे देख प्रतीत होता है कि अगर उक्त का कोई त्वरित समाधान नहीं निकाला गया तो आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
जानकारों के मुताबिक किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से पहले विभाग को कम से कम पांच बार मोबाइल एसएमएस भेजकर सूचना देनी होती है। बकाया जमा करने के लिए भी तीन दिन का अतिरिक्त समय दिया जाना अनिवार्य है लेकिन उपभोक्ताओं का आरोप है कि जमीनी स्तर पर इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
भाजपा विधायक मुक्ता राजा ने अपने पत्र में लिखा है कि विद्युत विभाग द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटरों की विद्युत आपूर्ति बिना किसी पूर्व सूचना के बंद कर दी जाती है और अग्रिम धनराशि जमा होने के बावजूद भी कई-कई दिनों तक विभाग की लापरवाही के चलते विद्युत आपूर्ति सुचारू नहीं की जाती है। उन्होंने ऊर्जा मंत्री से अनुरोध किया कि वे संबंधित को निर्देश देकर यह सुनिश्चित करें कि उपभोक्ता की विद्युत आपूर्ति बंद करने से पहले उसे सूचना अवश्य दी जाए। इसके साथ ही अग्रिम धनराशि जमा करने के लिए तीन दिन का अतिरिक्त समय उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित करें।
उलझन में उपभोक्ता
स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ता लगातार उलझन में दिख रहे हैं। बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता भी हैं जिनका अभी तक बिल जनरेट नहीं हुआ है। उन्हें चिंता सता रही है कि एक साथ न जानें कितने का बिल आ जाए या फिर कहीं निगेटिव बैलेंस पर कनेक्शन न कट जाए। हालांकि इस बारे में विभागीय अधिकारियों के अलग दावे हैं। दो दिन पहले अधिशासी अभियंता पंकज तिवारी ने इस बारे में पूछे जाने पर बताया था कि जिन उपभोक्ताओं के मीटर फरवरी में बदले गए थे, उनके बिल जनरेट हो रहे हैं। कुछ तकनीकी दिक्कतें आईं थीं, जिन्हें ठीक कर लिया गया है। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों से भी उपभोक्ताओं की दिक्कतें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि उनके पास न तो कोई तकनीकी सहायता उपलब्ध है और न ही उनकी समस्याओं का समाधान हो पा रहा है।




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