यूपी के इस जिले में स्मार्ट मीटर में मिला बड़ा फॉल्ट, चेक मीटर ने खोला बिल बढ़ने का राज
परिवार के लोगों का कहना है कि कनेक्शन लगने के बाद सामान्यतया बिजली का बिल 168 रुपये से लेकर 200 रुपये तक आता था। स्मार्ट मीटर लगने के बाद अचानक बिल बढ़कर 1100 रुपये से लेकर 1200 रुपये तक हो गया। बिल ज्यादा आने की शिकायत विभाग में जब की गई तो GMT ने चेक मीटर लगा दिया।

UP News: उत्तर प्रदेश के बस्ती में बिजली विभाग की ओर से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर का बड़ा फॉल्ट पकड़ में आया है। चेक मीटर लगाए जाने के बाद मालूम हुआ कि स्मार्ट मीटर काफी तेज चल रहा है। जीएमटी ने जांच के बाद अपनी चेकिंग रिपोर्ट एसडीओ मीटर को सौंपी है। अधिशासी अभियंता विद्युत परीक्षण खंड बस्ती पराग भारद्वाज ने बताया कि अगर किसी मीटर के तेज चलने की शिकायत आती है तो कनेक्शन पर चेक मीटर लगवाया जाता है। अगर स्मार्ट मीटर तेज चल रहा है तो उसे बदलवाया जाएगा। चेक मीटर के अनुसार ही बिलिंग कराई जाएगी।
शहर के बैरिहवां, काली कुंज मोहल्ले में बलराम यादव ने अपना नया मकान बनवाया है। एक कमरे के मकान में बिजली का कनेक्शन लिया है। परिवार के लोगों का कहना है कि कनेक्शन लगने के बाद आमतौर से बिजली का बिल 168 रुपये से लेकर 200 रुपये तक आता था। स्मार्ट मीटर लगने के बाद अचानक बिल बढ़कर 1100 रुपये से लेकर 1200 रुपये तक हो गया। बिल ज्यादा आने की शिकायत विभाग में जब की गई तो जीएमटी ने चेक मीटर लगा दिया। चेक मीटर की जांच में पाया गया कि स्मार्ट मीटर काफी तेज चल रहा है। चेक मीटर में जब रीडिंग 579 दिखा रही थी तो स्मार्ट मीटर में यह रीडिंग 675 थी। चेक मीटर और मेन मीटर की अलग-अलग तिथियों में ली गई रीडिंग में दोनों में अंतर आया है।
जीएमटी ने अपनी रिपोर्ट में बाकायदा लिखा है कि चेक मीटर के सापेक्ष मेन मीटर तेज चलता पाया गया है। परिवार का कहना है कि कुछ दिन पहले मीटर से सप्लाई भी बंद हो गई और घर की बिजली कट चुकी है। स्मार्ट मीटर लगाए जाने की सजा परिवार को मिल रही है। बिजली विभाग की ओर से इन दिनों कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। मीटर के तेज चलने की शिकायत विभाग को मिल रही है। विभाग का कहना है कि जहां भी शिकायत मिलती है, वहां चेक मीटर लगाया जाता है। स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिलती है। जानकारों का कहना है कि स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी का मामला पहली बार सामने आया है।
बिलिंग और भुगतान सिस्टम से उपभोक्ता हो रहे हलकान
स्मार्ट मीटर बिलिंग और भुगतान के सिस्टम को लेकर भी बहुत शिकायतें आ रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि आप स्थानीय स्तर पर अधिकारी से संपर्क करते हैं तो कहा जाता है कि बिलिंग सिस्टम लखनऊ से संचालित है। बिल वहीं से जनरेट होगा। स्मार्ट मीटर लगने के कई-कई महीने बाद भी बिलिंग नहीं हो रही है। गिदही के एक बुजुर्ग उपभोक्ता ने एसई कार्यालय पहुंचकर एसई से शिकायत किया कि सात महीने से बिल नहीं आया है। कर्ज बढ़ता जा रहा है। जिन लोगों का कनेक्शन प्रीपेट कर दिया गया है, उनके सामने भुगतान को लेकर समस्या आ रही है। भुगतान करने के बाद भी बिजली ऑन नहीं होती है। आवास विकास निवासी संतोष श्रीवास्तव ने ऑनलाइन पेमेंट किया लेकिन बिजली नहीं आई। परिवार को एक रात और एक दिन बिना बिजली के काटनी पड़ी। इसी के साथ शाम के समय बिजली कटने से भी लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या आ रही है। मोबाइल से पेमेंट का सिस्टम जिन उपभोक्ताओं के पास नहीं है, उनके लिए तो बड़ी समस्या हो रही है।




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