स्मार्ट मीटर कितना स्मार्ट? डिस्कनेक्शन की वजह जानने तक को परेशान हो रहे उपभोक्ता
स्मार्ट मीटर लगाते वक्त बिजली निगम की ओर से बताया गया किअब बिल जमा करने के लिए लंबी लाइन से मुक्ति मिल जाएगी। रोज की खपत की जानकारी एसएमएस के माध्यम से मिलेगी। मोबाइल कंपनियों की तरह लो बैलेंस होने पर एसएमएस अलर्ट आने लगेगा। उपभोक्ताओंं का कहना है कि ये दावे हवा हवाई साबित हुए।

UP News: स्मार्ट मीटर को लेकर बिजली निगम की तरफ से तमाम सुविधाओं का दावा किया गया। बताया गया कि उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के बैलेंस से जुड़े एक-एक रुपये की जानकारी मिलेगी। लो बैलेंस होने पर और बिजली डिस्कनेक्ट होने से पहले ही एसएमएस अलर्ट मिलगा। लेकिन ये सभी दावे धरातल पर फेल होते नजर आ रहे हैं। उपभोक्ताओं को कभी बैलेंस की जानकारी तो कभी डिस्कनेक्शन की वजह जानने के लिए उपकेंद्र का चक्कर लगाना पड़ रहा है। ऐसे में परेशान होकर उपभोक्ता पूछ रहे हैं कि आखिर ये स्मार्ट मीटर वास्तव में कितना स्मार्ट है? वहीं उपकेंद्र के अधिकारी भी उपभोक्ताओं की मदद करने में असहाय दिखाई दे रहे हैं।
उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर लगाते वक्त बिजली निगम की ओर से बताया गया कि इसके बाद बिल जमा करने के लिए लंबी लाइन से मुक्ति मिल जाएगी। उपभोक्ताओं को रोजाना की खपत की जानकारी एसएमएस के माध्यम से मिलेगी। मोबाइल कंपनियों की तरह लो बैलेंस होने पर एसएमएस अलर्ट आने लगेगा। रिचार्ज करने पर नए बैलेंस का मैसेज मिलेगा। लेकिन कई उपभोक्ताओं का कहना है कि ये दावे हवा हवाई साबित हुए।
स्मार्ट मीटर है तो स्मार्ट फोन भी लेना पड़ेगा
दावों के फेल होने के बाद अब बिजली निगम के अभियंताओं को कहना है कि उपभोक्ता स्मार्ट मीटर के प्रीपेड बैलेंस की जानकारी यूपीपीसीएल ऐप पर ले सकते हैं। वहीं, कई उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके पास कीपैड फोन है। गुलरिहा के रहने वाले भगत ठेला चलाकर परिवार का भरण पोषण करतें हैं।
बताते हैं कि बिजली निगम के कर्मचारियों ने घर पर स्मार्ट मीटर लगा दिया और बताया कि आपको बिल फोन पर मिलेगा। कीपैड फोन पर एसएमएस भी आएगा। लेकिन कई एसएमएस नहीं आता है। हर बार उपकेंद्र जाकर जानकारी लेनी पड़ती है। उपकेंद्र पर लोग ऐप से जानकारी लेने के लिए बताते हैं। जब कीपैड वाला फोन देखते हैं तो स्मार्ट फोन लेने की सलाह देते हैं।
क्या बोले अधिकारी
अधीक्षण अभियंता (शहर) रणजीत चौधरी ने बताया कि उच्च अधिकारियों को उपभोक्ताओं अलर्ट को लेकर हो रही समस्या से अवगत करवा कर समस्या के निराकरण के लिए बैकएंड टीम को सिस्टम में सुधार के लिए निर्देशित किया जाएगा।




साइन इन