मां ने जेवर गिरवी रख सुपारी किलर से कराया बेटे का कत्ल, मदर्स डे पर रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा
जिस बेटे का कत्ल हुआ उसका नाम दुष्यंत था। आखिर एक मां और पूरे परिवार ने मिलकर दुष्यंत की हत्या क्यों कराई? पिता और छोटे भाई ने पुलिस को बताया कि इसका कारण दुष्यंत की गलत हरकतें थीं। वह अपराधिक प्रवृत्ति का होने के साथ ही बेतहाशा नशा करता था। उसके चक्कर में परिवार की छह बीघा जमीन तक बिक चुकी थी।

UP News : मदर्स डे पर उत्तर प्रदेश के अमरोहा से रोंगटे खड़े कर देने वाली एक वारदात का खुलासा हुआ है। यहां एक मां ने खुद अपने बेटे के कत्ल की साजिश रच डाली। यहां तक कि बेटे के नाम की सुपारी देने के लिए इस मां ने अपने गहने तक गिरवी रखे। बेटे के मर्डर प्लान में मां का साथ पूरे परिवार ने दिया। पुलिस ने छोटे भाई संकित और पिता पीतम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। रविवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। वहीं, मामले में फरार मुख्य साजिशकर्ता मां और सुपारी किलर की तलाश में पुलिस की तीन टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
कसूर क्या था बेटे का जो मरवा डाला
जिस बेटे का कत्ल हुआ उसका नाम दुष्यंत था। आखिर एक मां और पूरे परिवार ने मिलकर दुष्यंत की हत्या क्यों कराई? इस सवाल का जवाब उसके पिता और छोटे भाई से पूछताछ में मिला। दोनों पुलिस को बताया कि इसका कारण दुष्यंत की गलत हरकतें थीं। वह अपराधिक प्रवृत्ति का होने के साथ ही बेतहाशा नशा करता था। परिवार के लोगों से भी आए दिन मारपीट करता रहता था। उसके झगड़ों के चक्कर में परिवार की छह बीघा जमीन तक बिक चुकी थी। उसकी हरकतों से तंग आकर ही उसकी मां और पूरे परिवार ने उसे हमेशा के लिए मौत की नींद सुला देने का फैसला किया और उसकी हत्या की साजिश रच डाली।
कैसे हुआ खुलासा
शनिवार की सुबह अमरोहा के गांव श्यामपुर-शहबाजपुर के बीच से गुजर रही मध्य गंगा नहर में एक युवक का शव पड़ा मिला था। प्रथम दृष्टया देखने से लग रहा था कि बेदर्दी से पीटने के बाद युवक की हत्या की गई है। उसके सिर और शरीर पर गहरे घाव के निशान थे। करीब दो घंटे की मशक्कत से युवक की पहचान क्षेत्र के गांव फरीदपुर निवासी किसान पीतम सिंह के बेटे दुष्यंत के रूप में हुई थी। पिता की तहरीर पर अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था लेकिन शाम में पुलिस ने इस हत्याकांड का चौंकाने वाला खुलासा किया था। शक के आधार पर हिरासत में लिए गए किसान पीतम सिंह और उसका छोटा बेटा संकित पुलिस की पूछताछ में टूट गए थे। दोनों ने दुष्यंत की हत्या कराना स्वीकार कर लिया था।
कैसे हुई दुष्यंत की हत्या?
दुष्यंत हत्याकांड की एक महत्वपूर्ण कड़ी छोटा भाई संकित बना। उसने अपने गांव ढेला नंगला के रहने वाले पेशेवर अपराधी दोस्त जोगेंद्र उर्फ जोली को पांच लाख रुपये में दुष्यंत की हत्या की सुपारी दी थी। बाद में मां माया देवी ने जेवर गिरवी रखकर जोली को 55 हजार रुपये बतौर बयाना दिए थे। साजिश के तहत शुक्रवार रात संकित, जोगेंद्र उर्फ जोली और दो अन्य लोगों ने पेचकस और इंटों से प्रहार कर दुष्यंत की हत्या की तथा शव नहर में फेंक दिया। रविवार को हत्याकांड का खुलासा करते हुए एएसपी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि मामले में मृतक के भाई संकित और पिता पीतम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है जबकि मां माया देवी, सुपारी किलर जोगेंद्र उर्फ जोली और दो अज्ञात आरोपी अभी फरार हैं। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगी हैं, जिन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।




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