मई में चिपचिपाती गर्मी की जगह तापमान अब तक नरम, जल्द आएगा मानसून; जानें 5 कारण
मई में लू तो दूर तापमान भी 40 डिग्री से काफी दूर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों ने इसके कारणों को जानने के प्रयास शुरू किए हैं। वे इस अनुमान से मानसून के जल्दी आने की संभावना भी जताने लगे हैं। मई में अप्रत्याशित रूप से कम तापमान का प्रमुख कारण लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ हैं।

UP Weather : मई में तापमान अभी भी नरम बना हुआ है। इस अद्भुत ट्रेंड के पीछे मौसम विशेषज्ञ पांच प्रमुख कारण बता रहे हैं। रविवार को तेज धूप खिली लेकिन तापमान बढ़ने के बजाए घट गया। बारिश के कारण मिट्टी के ठंडे हो जाने से भी अब तापमान पीक पर नहीं जा पा रहा है। जब तक विक्षोभ नहीं रुकते तब तक ऐसा ही बना रहेगा। एक नए विक्षोभ के बाद फिर बदलाव होने लगा है। सुबह हल्के बादलों के बाद तेज धूप खिली। दोपहर बाद फिर बादलों की आवाजाही शुरू हो गई। कानपुर में अधिकतम तापमान 37.2 से गिरकर 36.9 डिग्री सेल्सियस हो गया। यह सामान्य से 2.1 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान भी 24 डिग्री से कम होकर 23.8 डिग्री पर आ गया। यह भी सामान्य से कम है।
30 अप्रैल से शुरू हुआ यह क्रम 11वें दिन भी बना रहा। मई में लू तो दूर तापमान भी 40 डिग्री से काफी दूर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों ने इसके कारणों को जानने के प्रयास शुरू किए हैं। यहां तक कि वे इस अनुमान से मानसून के जल्दी आने की संभावना भी जताने लगे हैं। मई में अप्रत्याशित रूप से कम तापमान का प्रमुख कारण लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ हैं। दूसरे मार्च और अप्रैल में गर्म ठंडे का मिक्स रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मार्च और अप्रैल में तापमान या तो बहुत कम रहे या पीक पर पहुंच गए। अप्रैल में 351. से लेकर 44.1 डिग्री कर उतार-चढ़ाव बना रहा।
मई में अब तक तापमान अपने पीक पर नहीं पहुंच सके हैं। दो विक्षोभ आ चुके हैं और तीसरा दस्तक दे रहा है। अप्रैल में तापमान बढ़ने के बजाए मई में बारिश काफी हुई। कानपुर में सामान्य से 200 प्रतिशत अधिक रही। उत्तर प्रदेश में बारिश से मिट्टी अधिक नम हो गई है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी वातावरण की नमी को बढ़ाए हुए है। यही नहीं अब तक ला नीना का असर बना हुआ था जो मई को ठंडा कर रहा था। अब यह अल नीनो के कारण गर्मी में बदलेगा। सूखी हवाएं चलेंगी।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि मौसमी चक्र बिगड़ा हुआ है। इसके अनेक कारण हो सकते हैं। अब तक जो बिंदु आए हैं, उसमें विक्षोभ, हवा की दिशा, मार्च से अब तक के महीनों में गर्मी, सर्दी व बारिश का ट्रेंड और ला नीना का देर तक रहने वाला असर है। इस कारण अब तक गर्मी ठंडी बनी हुई है लेकिन अब बदलाव दिखेगा। यह गतिविधियां यूपी नहीं पूरे देश में हैं। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम तकनीकी कृषि अधिकारी के मुताबिक मार्च में 15 के बाद स्थायित्व दिखेगा। अगले विक्षोभ से 13 और 14 को हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है क्योंकि विक्षोभ कमजोर पड़ गया है।
प्वाइंट्स में जानें 5 कारण
पहला कारण : लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी हवाएं
दूसरा कारण : मार्च और अप्रैल के महीने गर्म के बजाए ठंडे रहे
तीसरा कारण : अप्रैल में बढ़ा तापमान, फिर मई में भी रही बारिश
चौथा कारण : बारिश के मिट्टी हो गई ठंडी, तापमान बढ़ने में बाधा
पांचवां कारण : ला नीना का असर अब तक, अब अल नीनो करेगा गर्म




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