यूपी चुनाव में महिला आरक्षण लागू करे सरकार, विधानसभा सत्र से पहले कांग्रेस का पलटवार
महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस ने पलटवार किया है।नेता आराधना मिश्रा ने कहा कि अगले साल यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं। मेरी सरकार से अपील है कि वह विशेष सत्र बुलाए। उत्तर प्रदेश विधानसभा में महिला आरक्षण विधेयक लागू करने का प्रस्ताव रखा जाए।
UP News: यूपी की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को महिला आरक्षण के लिए बीजेपी के मार्च पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। सरकार यूपी चुनाव में महिला आरक्षण लागू करे। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने कहा कि अगले साल यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं। मेरी सरकार से अपील है कि वह विशेष सत्र बुलाए। उत्तर प्रदेश विधानसभा में महिला आरक्षण विधेयक लागू करने का प्रस्ताव रखा जाए। कांग्रेस उसे पास करवाएगी। सरकार का समर्थन करेगी। विधानसभा से पास किया गया प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाए।
वहीं कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे ने कहा कि 2023 में पास हुआ महिला आरक्षण कानून तत्काल प्रभाव से भाजपा लागू करे। 543 लोकसभा सीटों पर तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर केवल दिखावा कर रही है।
राजधानी लखनऊ महिला आरक्षण को लेकर मार्च
इसके पहले नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष के षड्यंत्र के विरोध में मंगलवार को लखनऊ में ‘जन आक्रोश पदयात्रा’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक व केशव प्रसाद मौर्य, पंचायती राज्यमंत्री ओमप्रकाश राजभर, राज्यसभा सांसद अरुण सिंह और यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत हजारों महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सभी ने एक सुर में कहा कि 17 अप्रैल को संसद में यह बिल पास होने वाला था, लेकिन कांग्रेस और सपा ने न सिर्फ इसका विरोध किया, बल्कि मतदान में इसे गिराने के बाद तालियां बजाकर खुशी मनाई। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों का हनन बताया और कहा कि 2027 के चुनाव में इन दलों को महिला आक्रोश का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। पंकज चौधरी ने तो यहां तक कहा कि इंडी एलाइंस अब एंटी-वुमेन एलाइंस साबित हो चुका है।
सीएम योगी क्या बोले
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इसी अन्याय के विरोध में देशभर में आधी आबादी सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक ढंग से अपना आक्रोश प्रकट कर रही है। लखनऊ में प्रचंड गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में मातृशक्ति की सहभागिता प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के प्रति व्यापक जनसमर्थन और आशीर्वाद का प्रतीक है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश का एक-एक नागरिक आधी आबादी की इस न्यायोचित मांग के साथ मजबूती से खड़ा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में देश ने व्यापक परिवर्तन देखा है, जिसमें ‘महिला, गरीब, युवा और किसान’ इन चार जातियों को केंद्र में रखकर नीतियों का निर्माण किया गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप देश ने विकास और आत्मनिर्भरता के नए मानक स्थापित किए हैं। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना सहित अनेक योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।




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