महिला आरक्षण: लखनऊ में योगी के साथ आक्रोश मार्च पर निकला महिलाओं का हुजूम, मंत्रियों का जमावड़ा
लखनऊ में महिला आरक्षण के समर्थन और विपक्ष के विरोध में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मंगलवार सुबह विशाल जनाक्रोश मार्च निकला। 5 कालिदास मार्ग से विधानसभा तक निकले इस मार्च में हजारों महिलाओं के साथ एनडीए के दिग्गज नेता शामिल हुए।

UP News: राजधानी लखनऊ की सड़कें आज 'नारी शक्ति' के हुंकार से गूंज उठीं। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्षी दलों, विशेषकर सपा और कांग्रेस के रुख के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी और एनडीए ने मंगलवार को अपना सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के 5 कालिदास मार्ग से महिला जनाक्रोश मार्च शुरू होकर विधानसभा तक गया । मार्च का नेतृत्व खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। यह मार्च सिविल अस्पताल और हजरतगंज चौराहे से होते हुए विधान भवन तक गया। इसमें हजारों की संख्या में महिलाओं का हुजूम उमड़ा। पूरे मार्च के दौरान महिला कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस और सपा के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की गई।
विपक्ष के खिलाफ तीखे तेवर: 'सपा-कांग्रेस महिला विरोधी'
मार्च की शुरुआत और समापन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए विपक्ष पर करारा प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने कहा, "आज बहनों के नेतृत्व में यह आक्रोश मार्च निकाला जा रहा है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के जन-विरोधी आचरण के कारण आज देश और प्रदेश की महिलाओं में भारी गुस्सा है। मोदी सरकार महिलाओं को उनका अधिकार देना चाहती है, लेकिन ये दल अपनी संकुचित मानसिकता के कारण इसमें रोड़े अटका रहे हैं।"
सीएम योगी ने कहा कि सपा-कांग्रेस, टीएमसी से महिलाएं नाराज हैं। देशभर में आक्रोश रैली निकल रही है। विपक्ष का महिला विरोधी चेहरा सामने आ गया है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश में केवल चार जाति महिला, गरीब, युवा और किसान है। इसमें सबसे पहली जाति महिला है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री चाहते थे कि 2029 में ही महिला आरक्षण लागू हो जाए। इसके बाद भी विपक्ष ने महिला विरोधी काम किया है। आज की इस आक्रोश रैली में बहनें शामिल हुई हैं। जिस तरह से केंद्र की मोदी सरकार महिलाओं के लिए योजनाएं चला रही है। उसी तरह डबल इंजन की सरकार में भी चलाया जा रहा है।
मंत्रियों और दिग्गजों का जमावड़ा
शक्ति प्रदर्शन में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने भी शिरकत की। उन्होंने कहा कि यूपी और देश की महिलाओं को सपा और कांग्रेस ने उत्सव मनाने से रोक दिया है। उन्होंने दावा किया कि आधी आबादी अब इन दलों को कभी माफ नहीं करेगी। वहीं, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि सभी महिलाएं आज यहां से संकल्प लेकर जाएं कि अगर महिलाओं को आरक्षण नहीं, तो सपा और कांग्रेस को वोट नहीं। जो दल महिलाओं के हक के खिलाफ हैं, उन्हें सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि कांग्रेस और सपा की दुरभिसंधि के कारण पार्लियामेंट में नारी शक्ति बंधन अधिनियम रोका गया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल से किसी को कोई नुकसान होने वाला नहीं था, बल्कि इससे देश की आधी आबादी को विधानसभा और लोकसभा में उनका अधिकार मिलता। 2029 से इसे लागू करने के लिए सरकार थोड़ा संशोधन करना चाहती थी, लेकिन विपक्ष को यह रास नहीं आया। बीस पर्सेंट के चक्कर में अस्सी पर्सेंट का नुकसान कराने का काम सपा और कांग्रेस के लोगों ने किया है। विपक्ष मोदी विरोध में अंधा हो गया है, इसलिए हर अच्छी बात भी उन्हें खराब लगती है।
हजरतगंज में जनसैलाब और ट्रैफिक डायवर्जन
पदयात्रा के कारण लखनऊ के मध्य क्षेत्र में जनसैलाब उमड़ पड़ा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ दोनों डिप्टी सीएम, कैबिनेट मंत्री और एनडीए के सहयोगी दलों के नेता भी कदम से कदम मिलाकर चल रहे थे। सुरक्षा के लिहाज से हजरतगंज, जीपीओ और विधानसभा मार्ग पर सुबह से ही व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया था। पदयात्रा का समापन विधान भवन के सामने होगा।




साइन इन