yogi adityanath govt cabinet expansion brahmin dalit focus one obc confirm योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार में दिखेगा महिला कार्ड? ब्राह्मण पर भी फोकस, OBC से एक नाम तय, India News in Hindi - Hindustan
More

योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार में दिखेगा महिला कार्ड? ब्राह्मण पर भी फोकस, OBC से एक नाम तय

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का कैबिनेट विस्तार होने वाला है। बंगाल चुनाव के बाद यह कभी भी हो सकता है। इसमें किसी ब्राह्मण नेता को चांस मिल सकता है तो वहीं दलितों पर भी भाजपा का फोकस है। ओबीसी वर्ग से एक नाम भूपेंद्र चौधरी का तय माना जा रहा है।

Tue, 21 April 2026 12:48 PMSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ/नई दिल्ली
share
योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार में दिखेगा महिला कार्ड? ब्राह्मण पर भी फोकस, OBC से एक नाम तय

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं काफी दिन से हैं। कहा जा रहा था कि खरमास के बाद कभी भी कैबिनेट विस्तार हो सकता है। अब जानकारी मिल रही है कि बंगाल चुनाव के बाद कभी भी फेरबदल हो सकता है। इस फेरबदल में कुछ नए मंत्री जुड़ सकते हैं तो कुछ लोगों को संगठन में भेजा जा सकता है। इसके अलावा विभागों में भी परिवर्तन किया जा सकता है। 2027 विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा फिलहाल संगठन मजबूत कर रही है। ऐसे में कुछ सीनियर और तेज नेताओं को संगठन की कमान भी दी जा सकती है। वहीं मंत्री परिषद में जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने पर जोर होगा।

लखनऊ से लेकर दिल्ली तक बीते कुछ दिनों में लगातार बैठकें हुई हैं। विनोद तावड़े लखनऊ पहुंचे थे तो कई नेताओं से मुलाकात की थी। इसके अलावा दिल्ली जाकर भी राज्य के दोनों डिप्टी सीएम शीर्ष नेताओं से मिल चुके हैं। फिलहाल संघ की ओर से भाजपा के साथ समन्वय करने वाले अरुण कुमार, पीएम नरेंद्र मोदी, होम मिनिस्टर अमित शाह समेत कई नेताओं के साथ मंथन का दौर चल रहा है। माना जा रहा है कि बंगाल चुनाव के बाद कैबिनेट विस्तार पर अंतिम मुहर लग जाएगी। पहले राउंड में कुछ नामों को तय किया गया है, जिन पर दिल्ली से मुहर लगने का इंतजार है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का इंतजार था और अब पंकज चौधरी को जिम्मेदारी मिल गई है तो फिर कैबिनेट विस्तार का भी प्लान बन रहा है। चर्चा है कि कैबिनेट विस्तार में किसी सीनियर ब्राह्मण नेता को तवज्जो मिल सकती है। अब तक डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के अलावा एक और ब्राह्मण चेहरा जितिन प्रसाद थे। फिलहाल जितिन प्रसाद दिल्ली की राजनीति में चले गए हैं। ऐसे में उनके स्थान पर किसी को चांस मिल सकता है। बीते कुछ महीनों से ब्राह्मणों की नाराजगी का नैरेटिव भी विपक्ष चलाता रहा है। ऐसे में भाजपा शायद बिरादरी के किसी नेता को मौका दे।

अखिलेश के PDA की काट क्यों खोजना चाह रही भाजपा?

इसके अलावा दलित समुदाय से भी किसी नेता को मंत्री पद मिल सकता है। कांशीराम जयंती से लेकर आंबेडकर जयंती तक मनाने वाले अखिलेश यादव लगातार पीडीए का नारा दोहरा रहे हैं। ऐसे में दलित समुदाय को अपने पाले में रखने के लिए भाजपा किसी नेता को मौका जरूर देगी। सबसे ज्यादा चर्चा किसी महिला को मंत्री बनाए जाने की है। ऐसा इसलिए क्योंकि महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में गिरने के बाद भाजपा इसे मुद्दा बना रही है। ऐसे में किसी महिला को मंत्री बनाकर भाजपा के पास मौका होगा कि वह उदाहरण देते हुए विपक्ष को घेरे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:इस ब्लॉक के बीडीओ पर तगड़ा ऐक्शन, डिप्टी सीएम केशव के निर्देश पर कार्रवाई

ओबीसी वर्ग से तय माना जा रहा भूपेंद्र चौधरी का नाम

ओबीसी की बात करें भूपेंद्र चौधरी का नाम तय माना जा रहा है। वह अब तक प्रदेश अध्यक्ष थे। जाट बिरादरी से आते हैं और बिना किसी विवाद के काम करने वाले नेता हैं। ऐसे में जाट समाज के बीच संदेश देने के लिए उन्हें मौका मिल सकता है। पश्चिम यूपी यूं भी भाजपा के लिए अहम है। अब तक सीएम के अलावा प्रदेश अध्यक्ष और दोनों डिप्टी सीएम में से कोई भी पश्चिम यूपी का नहीं है। इसलिए मंत्री परिषद के जरिए इस क्षेत्रीय संतुलन को भी साधा जा सकता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:योगी UP के इस शहर को देंगे सौगातें, 23 को करेंगे रिंग रोड-इको पार्क का लोकार्पण
ये भी पढ़ें:एक दिन कुर्सी जानी है, मोह में क्यों पड़ें; नोएडा की कहानी सुनाते हुए बोले योगी