दबिश के दौरान हिस्ट्रीशीटर ने पुलिस पर दागी गोलियां, सिपाही घायल
अलीगढ़ में रविवार सुबह दबिश के दौरान एक हिस्ट्रीशीटर ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इसमें दो गोली लगने से एक सिपाही घायल हो गया, जिसे गंभीर हालत में फरीदाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, आरोपी खुद को छुड़ाकर फरार हो गया।

अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र के गांव जलालपुर में रविवार सुबह दबिश के दौरान एक हिस्ट्रीशीटर ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इसमें दो गोली लगने से एक सिपाही घायल हो गया, जिसे गंभीर हालत में फरीदाबाद के एकोर्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, आरोपी खुद को छुड़ाकर फरार हो गया। साथ में सिपाही का मोबाइल फोन भी ले भागा। एसएसपी नीरज कुमार जादौन घटनास्थल पर पहुंचे। बाद में अस्पताल पहुंचकर सिपाही का हाल जाना। आरोपी हिस्ट्रीशीटर नौ दिन पहले हुई फायरिंग के मुकदमे में नामजद था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की आठ टीमें लगा दी गई हैं।
पुलिस के अनुसार 30 अक्टूबर को जट्टारी निवासी शिवम पर हमला हुआ था। इसमें पांच नामजद व अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। एक आरोपी दीपक को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। नामजदों में गांव जलालपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर ओमप्रकाश उर्फ शाका भी शामिल था। इसी को गिरफ्तार करने के लिए रविवार सुबह करीब 11 बजे थाना टप्पल की दो टीमें गांव पहुंचीं। इनमें सब-इंस्पेक्टर के नेतृत्व वाली टीम गाड़ी में थी।
दूसरी टीम में बाइक पर दो सिपाही थे। गांव के बाहर लिंक रोड पर सिपाहियों का हिस्ट्रीशीटर से सामना हो गया। वह बाइक पर निशांत नाम के युवक के साथ था। सिपाहियों ने उसकी बाइक को लात मारकर गिरा दिया, जिसके बाद उसे दबोच लिया। लेकिन, शाका ने पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। एक सिपाही ने दूसरी तरफ कूदकर जान बचाई, जबकि आरक्षी चालक देव दीक्षित को गोली लगने से घायल हो गए। एक गोली गर्दन व दूसरी पेट में लगी है। सूचना पर सामने से दूसरी टीम भी आ गई। तब तक आरोपी साथी के साथ बाइक लेकर फरार हो गया। बाद में थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। आनन-फानन सिपाही को जेवर के कैलाश अस्पताल में ले जाया गया, जहां से उन्हें फरीदाबाद के लिए रेफर कर दिया।
सर्जरी के बाद निकालीं गोलियां, हालत खतरे से बाहर
घटना के बाद एसएसपी के अलावा एसपी देहात अमृत जैन, सीओ खैर वरुण कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य एकत्रित किए। बाद में एसएसपी, एसपी देहात ने फरीदाबाद के अस्पताल में पहुंचकर घायल आरक्षी के बेहतर उपचार के लिए चिकित्सकों से बात कीं। साथ ही आरक्षी देव से बात कर उनकी बहादुरी की सराहना की l परिजनों को बेहतर उपचार के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करने का भरोसा दिलाया। देर शाम सर्जरी के बाद सिपाही को लगी दोनों गोलियां निकाल दी गईं। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। देव हरियाणा के फरीदाबाद जिले के तिगाम क्षेत्र के गांव भैंसरावली के रहने वाले हैं।
दो मुकदमे दर्ज, आठ टीमें गठित
मामले में दो मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। पहला सिपाही को गोली मारने में, जबकि दूसरा मुकदमा पुलिस की ओर से आरोपी के बहन के खिलाफ दर्ज कराया जा रहा है। साथ ही आरोपी की तलाश में आठ टीमें गठित की गई हैं। कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।
सिपाही का मोबाइल फोन ले भागा आरोपी
आरोपी शाका के विरोध को देखते हुए सिपाही ने अपने मोबाइल फोन से दूसरी टीम को सूचना दी। इसे देख आरोपी ने खुद को छुड़ाकर फायरिंग कर दी। इसी बीच सिपाही का मोबाइल फोन गिर गया, जिसे लेकर आरोपी फरार हो गए।
राइफल के कारतूस बरामद, हिस्ट्रीशीटर की बहन गिरफ्तार
एसपी देहात के अनुसार घटना के बाद पुलिस टीम ने गांव में घेराबंदी की। लेकिन, आरोपी का कोई पता नहीं चला। इसके बाद टीम शाका के घर पर पहुंची। वहां उसके परिजनों ने पुलिस का विरोध कर दिया। अभद्रता की गई। घर की तलाशी लेने के दौरान शाका की बहन के पास से एसएलआर राइफल के कारतूस बरामद हुए हैं। इस आधार पर पुलिस ने बहन को गिरफ्तार किया गया है।
गुरुग्राम में रहता है आरोपी, ढाई माह पहले हुई थी मारपीट
आरोपी शाका पर हमले, लूट आदि के चार से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि वह मथुरा में हथियारों की तस्करी में भी शामिल था। लेकिन, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। हालांकि वह गांव की बजाय गुरुग्राम में रहता है। कभी-कभार गांव में आता है। करीब ढाई माह पहले रंजिश में कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट कर दी थी। इसी का बदला लेने के लिए उसने शिवम पर हमला किया।
पांच राउंड फायरिंग, दहला इलाका
आरोपी बेहद शातिर किस्म का है। उसने देखते ही पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। करीब पांच राउंड फायर किए। गोलियों की आवाज में पूरा गांव दहल गया। कुछ ही देर में ग्रामीण एकत्रित हो गए। इसके बाद भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया।
पूर्व चेयरमैन समेत पांच लोग किए थे नामजद
जट्टारी निवासी अनीता देवी ने एसएसपी के आदेश पर चार नवंबर को टप्पल थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि 30 अक्टूबर को उनका बेटा शिवम घर पर था, जिसे दीपक मुर्गी पुत्र मुनेश ने फोन करके अपने घर बुलाया। वह शाम करीब छह बजे शिवम को अपनी स्कूटी पर बिठाकर खेतों की तरफ सुनसान जगह पर ले गया। वहां शाका जलालपुर व उसके साथ 10-15 लोग और थे, जिन्होंने पीछे से शिवम पर हमला कर दिया। शिवम जान बचाकर भागने लगा तो पीछे से गोलियां चलाई गईं। जैसे-तैसे वह जान बचाकर घर पहुंचा और आपबीती सुनाई। इस घटना से पहले भी जान से मारने की धमकी दी गई थी। धमकी देने वालों में पूर्व चेयरमैन मनवीर पुत्र किशन सिंह, उसका पुत्र आकाश व सागर नम्बरदार पुत्र तेजवीर शामिल हैं।
इस मामले में एसएसपी ने कहा कि टप्पल थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी गई थी। हिस्ट्रीशीटर ने विरोध करते हुए पुलिस टीम पर फायर किया। इसमें एक आरक्षी घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने घायल की स्थिति खतरे से बाहर बताई है। हिस्ट्रीशीटर की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।




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