पाकिस्तान न बनता तो मुसलमानों की संख्या बराबर होती और हम भी होते PM दावेदार: सपा विधायक
संभल के सदर विधायक नवाब इकबाल महमूद ने कहा है कि अगर पाकिस्तान न बना होता तो मुसलमानों की संख्या बराबर होती और वह भी प्रधानमंत्री पद के दावेदार होते। सपा विधायक के इस बयान के बाद से सियासी हलचल बढ़ गई है।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और संभल के सदर विधायक नवाब इकबाल महमूद ने मुसलमानों को लेकर कुछ ऐसा कह दिया है जिससे सियासी हलचल मच गई है। दरअसल, उन्होंने कहा है कि अगर पाकिस्तान न बना होता तो मुसलमानों की संख्या बराबर होती और वह भी प्रधानमंत्री पद के दावेदार होते।
सपा विधायक नवाब इकबाल महमूद ने अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के मेयर चुने गए भारतीय मूल के ममदानी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह न केवल गौरव की बात है, बल्कि यह साबित करता है कि भारतवंशी और मुसलमान दोनों ही काबिलियत और मेहनत के दम पर किसी भी ऊंचाई को छू सकते हैं। शनिवार को थाना रायसत्ती क्षेत्र स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक महमूद ने कहा कि भारतीय मूल के व्यक्ति का अमेरिका जैसे देश में मेयर बनना अपने आप में देश का सम्मान बढ़ाने वाली बात है। मुसलमानों की आबादी वहां एक प्रतिशत से भी कम है, इसके बावजूद ममदानी ने डोनाल्ड ट्रंप की इच्छा के विरुद्ध जीत हासिल की। यह उनकी काबिलियत का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि 2017 के बाद से भारत में मुसलमानों की काबिलीयत का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है, जबकि इतिहास गवाह है कि मुसलमानों ने हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया है। एपीजे अब्दुल कलाम, विंग कमांडर सोफिया कुरैशी और वीर अब्दुल हमीद जैसे लोगों ने देश को गौरवान्वित किया। लेकिन आज उनकी क्षमताओं का इस्तेमाल नहीं हो रहा, यह देश के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने कहा कि जब देश आज़ाद हुआ, मोहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान मांग लिया। जिन्हें हिंदुस्तान से प्यार था, वे यहीं रहे। हम उस दिन को कोसते हैं जब पाकिस्तान बना, अगर वो देश न बनता तो आज मुसलमानों की हालत यह न होती। हमारी संख्या बराबर होती और हम भी प्रधानमंत्री पद के दावेदार होते।




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