मां ने ही मेरे पिता को मारा; नाबालिग बेटों की गवाही से महिला और प्रेमी समेत तीन को उम्रकैद की सजा
आगरा में अदालत ने पति की हत्या कर शव को कुएं में फेंकने के मामले में पत्नी और उसके प्रेमी समेत तीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश संजय के. लाल की अदालत ने सुनाया।

यूपी के आगरा में एक दिल दहला देने वाली घटना में दो बच्चों ने अपनी मां और उसके प्रेमी और प्रेमी के दोस्त के खिलाफ अदालत में गवाही देकर उन्हें अपने पिता की हत्या का दोषी ठहराया। आगरा की एक अदालत ने मृतक की पत्नी कुसमा देवी, उसके प्रेमी सुनील और उसके दोस्त धर्मवीर को हत्या के आरोप में उम्र कैद की सजा सुनाई। अपर जिला जज आठ संजय के लाल ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास एवं तीन लाख के जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं मृतक के बड़े पुत्र और छोटे पुत्र की गवाही अहम रही। एडीजीसी प्रदीप शर्मा द्वारा वादी समेत 10 गवाह पेश किए गए।
वादी टीकाराम के रहने वाले गांव कछपुरा कुंडौल ने थाना डौकी पर तहरीर देकर कहा था कि वह अपने भांजे रामवीर सिंह उम्र 34 वर्ष से 13 फरवरी 2019 शाम को मिलकर उसके घर से आया था। दूसरे दिन 14 फरवरी 2019 की सुबह किसी काम से मिलने गया तो भांजे की पत्नी कुसमा देवी घबराई हुई थी। कहा कि किसी काम से चले गए हैं। देर तक न आने पर चिंता हुई तो तलाश किया, लेकिन पता नहीं चला। थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
वादी का यह भी आरोप था कि भांजे ने दो माह पहले मुझे बताया था कि मेरी पत्नी के किसी से अवैध संबंध हैं। कई बार भांजे रामवीर ने उसे समझाया। मगर वह नहीं मानी और जान से मारने की धमकी दी। दो दिन बाद उनके भांजे रामवीर सिंह का शव गांव विसारना के मजरा पीपरा के कुएं में पड़ा मिला। वादी ने भांजे की पत्नी कुसमा देवी पर अपने प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर भांजे की हत्या की और सबूत मिटाने को शव को कुएं में डालने का आरोप लगाया। पुलिस ने 16 फरवरी 19 को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
बेटों की गवाही ने हत्यारी मां को दिलाई सजा
एडीजीसी प्रदीप शर्मा के मुताबिक मृतका का सबसे बड़ा पुत्र जो उस समय करीब 15 साल का था। उसने अपनी मां के खिलाफ ठोस गवाही दी। कथन किया कि उसकी मां के आरोपी सुनील कुमार से प्रेम संबंध थे। जब भी वह हमारे घर आता था, हम भाई-बहनों को पीटकर कभी सुला देती तो कभी बाहर भेज देती थी। मैंने उसे और धर्मवीर को कई बार अपने घर के पास देखा था। मैंने अपने पिता को भी उनके बारे में बताया था। मेरे पिता जो ऑटो चलाते थे, जब बाहर जाते थे तो सुनील चुपचाप आकर मां के साथ एक कमरे में रुक जाता था। छोटे 13 साल के पुत्र ने भी मां के विरुद्ध गवाही दी और गंभीर आरोप लगाए। एक आठ साल की पुत्री भी है। कोर्ट में दोनों पुत्रों की गवाही अहम रही है। एडीजीसी प्रदीप शर्मा ने मृतक के पिता टुंडाराम, वादी टीकाराम, मृतक के पुत्रों, डॉ.प्रमोद कुमार, उपनिरीक्षक राकेश यादव, एसएसआई ब्रजकिशोर सिंह, निरीक्षक विनय मिश्रा, प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार समेत 10 की गवाही हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक दर्जन थे चोटों के निशान
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 12 चोटों के निशान थे। पुलिस ने 17 फरवरी को पत्नी कुसमा देवी को गिरफ्तार किया। 19 फरवरी को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और घटना का खुलासा किया। आरोपितों को जेल भेजा गया।
फावड़ा के वैट से प्रहार कर हत्या का था आरोप
पुलिस की विवेचना में निकल कर आया कि फावड़ा के वैट से प्रहार की आरोपिता कुसमा देवी, उसके प्रेमी सुनील एवं धर्मवीर सिंह ने रामवीर की हत्या की थी। साक्ष्य नष्ट करने के उद्देश्य से शव को कुएं में डाला था। मृतक के शव के पास से उसका टूटा हुआ मोबाइल, गद्दा, ताकिया, रस्सी, स्टोल, गुदड़ी के अलावा हत्या में प्रयुक्त फावड़े के वैट के टुकड़े, मृतक का पर्स बरामद किया था।




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